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सेहत की सलामती के लिए तंबाकू से करें परहेज
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सेहत की सलामती के लिए तंबाकू से करें परहेज
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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लखीमपुर खीरी। तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर गुरुवार को जिला अस्पताल परिसर में जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इस दौरान अस्पताल आए मरीज एवं उनके तीमारदारों को तंबाकू से होने वाले कैंसर आदि के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही बताया गया कि सेहत की सलामती के लिए तंबाकू से परहेज बहुत जरूरी है।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. रवींद्र शर्मा की मौजूदगी में मानव श्रृंखला बनाकर मौजूद लोगों को तंबाकू का प्रयोग न करने के लिए प्रेरित किया गया। जागरूकता गोष्ठी में डॉ. रवींद्र शर्मा ने बताया कि तंबाकू खाने से हर साल देशभर में करीब दस लाख लोग मौत का शिकार बनते हैं। फिजीशियन डॉ. आरएस मधौरिया ने तंबाकू से मुंह का न खुलना, मुख एवं गले का कैंसर, मस्तिष्क में खून का बहाव, हृदय रोग एवं गुर्दे आदि की तमाम बीमारियां हो जाती हैं। जो बाद में मौत का कारण बनती हैं। मनोचिकित्सक अखिलेश शुक्ला ने कहा कि तंबाकू की लत से छुटकारा पाने के लिए मजबूत इच्छा शक्ति की जरूरत है। वहीं इसे छोड़ने के लिए अस्पताल में दवाएं मौजूद हैं। एसीएमओ डॉ. आरपी दीक्षित ने कहा कि धूम्रपान से दमा, टीबी एवं फेफड़े के कैंसर की संभावनाएं बन जाती हैं। इसलिए इन जानलेवा बीमारियों से बचने के लिए तंबाकू से दूर रहें और छोड़ने के लिए दवाएं ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि वैसे भी सार्वजनिक स्थल पर तंबाकू का सेवन मना है और पकड़े जाने पर 200 रुपये का जुर्माना लग सकता है। इस दौरान जिला अस्पताल एवं गैर संचारी रोग का स्टाफ मौजूद रहा।
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राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. रवींद्र शर्मा की मौजूदगी में मानव श्रृंखला बनाकर मौजूद लोगों को तंबाकू का प्रयोग न करने के लिए प्रेरित किया गया। जागरूकता गोष्ठी में डॉ. रवींद्र शर्मा ने बताया कि तंबाकू खाने से हर साल देशभर में करीब दस लाख लोग मौत का शिकार बनते हैं। फिजीशियन डॉ. आरएस मधौरिया ने तंबाकू से मुंह का न खुलना, मुख एवं गले का कैंसर, मस्तिष्क में खून का बहाव, हृदय रोग एवं गुर्दे आदि की तमाम बीमारियां हो जाती हैं। जो बाद में मौत का कारण बनती हैं। मनोचिकित्सक अखिलेश शुक्ला ने कहा कि तंबाकू की लत से छुटकारा पाने के लिए मजबूत इच्छा शक्ति की जरूरत है। वहीं इसे छोड़ने के लिए अस्पताल में दवाएं मौजूद हैं। एसीएमओ डॉ. आरपी दीक्षित ने कहा कि धूम्रपान से दमा, टीबी एवं फेफड़े के कैंसर की संभावनाएं बन जाती हैं। इसलिए इन जानलेवा बीमारियों से बचने के लिए तंबाकू से दूर रहें और छोड़ने के लिए दवाएं ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि वैसे भी सार्वजनिक स्थल पर तंबाकू का सेवन मना है और पकड़े जाने पर 200 रुपये का जुर्माना लग सकता है। इस दौरान जिला अस्पताल एवं गैर संचारी रोग का स्टाफ मौजूद रहा।
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राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण गोष्ठी हुई
पलियाकलां। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम किया गया, जिसमें तंबाकू से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बताया गया। गोष्ठी में बताया कि तंबाकू सेवन से प्रतिदिन 22 सौ से अधिक लोगों की मौत होती है। इसी के तहत कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर धूूम्रपान नहीं कर सकता है। गोष्ठी का संचालन काउंसलर अंकित दीक्षित ने किया। इस दौरान तंबाकू सेवन छोड़ने के लिए जागरूकता बुक भी अस्पताल में भेजी गई हैं जिनका वितरण किया गया। इस दौरान अधीक्षक डॉ एसके चौधरी, डॉ अजीत सिंह, एके पांडेय, जेपी श्रीवास्तव सहित अस्पताल स्टाफ मौजूद रहा।
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