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बच्चे छह लाख, ओआरएस के पैकेट 30 हजार

Wed, 29 May 2019 01:33 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 29 May 2019 01:33 AM IST
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बच्चे छह लाख, ओआरएस के पैकेट 30 हजार
लखीमपुर खीरी। दस्त नियंत्रण पखवाड़ा मंगलवार से शुरू हो गया। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने न तो पर्याप्त मात्रा में ओआरएस पैकेट का इंतजाम किया है और न उन्हें बंटवाने की व्यवस्था की। स्टोर में करीब 30 हजार ओआरएस के पैकेट हैं। जबकि जिले में पांच साल तक के बच्चों की संख्या छह लाख से अधिक है।
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पांच साल तक के बच्चों को डायरिया (उल्टी दस्त) से बचाने के लिए हर साल 28 मई से दस्त नियंत्रण पखवाड़ा शुरू होकर नौ जून तक चलता है। इस अवधि में आशा कार्यकत्रियों को पांच साल तक के बच्चों वाले घर में जाकर उन्हें ओआरएस पैकेट एवं जिंक की गोली बांटनी होती है, लेकिन ओआरएस पैकेट न होने के कारण इनका बंटपाना मुश्किल है। फिलहाल अधिकारियों ने महिला अस्पताल में दस्त नियंत्रण पखावड़े की शुरुआत औपचारिक ढंग से कर दी है। सीएमओ का दावा है कि स्टोर से लेकर सीएचसी पर करीब एक लाख अस्सी हजार ओआरएस पैकेट हैं। शेष अभी और आएंगे।
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एक अप्रैल के बाद 27 मई को मिली ओआरएस सप्लाई
एक अप्रैल को जिले को करीब 11 लाख ओआरएस पैकेट की सप्लाई मिली थी, जिसे सीएचसी- पीएचसी पर भेज दिया गया। इसके बाद ओआरएस पैकेट की सप्लाई नहीं आई। सोमवार को तीस हजार ओआरएस पैकेट और आए इसी के साथ ही मंगवाकर से दस्त नियंत्रण पखवाड़ा शुरू कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में पांच साल तक के बच्चों की संख्या करीब छह लाख है। यदि एक बच्चे को दो पैकेट दिए जाएं तो कम से कम 12 लाख पैकेट की जरूरत होगी।
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साफ सफाई रखकर डायरिया से करें बचाव
लखीमपुर खीरी। जिला महिला अस्पताल में आयोजित दस्त नियंत्रण पखवाड़ा गोष्ठी का उद्घाटन पालिकाध्यक्ष निरुपमा बाजपेई ने किया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ.आरपी दीक्षित ने मौजूद महिलाओं को डायरिया होने का कारण और उससे बचाव की जानकारी दी। कहा कि डायरिया दूषित खान पान से होता है। इससे बचने के लिए खाना खाने से पहले और शौंच जाने के बाद हाथ को साबुन से अच्छी तरह से दस सेकेंड तक धुलें। इस तरह सावधानी बरतकर बच्चों को डायरिया से बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एक ओआरएस पैकेट एक लीटर पानी में घोलें। उसे थोड़े थोड़े समय के बाद बच्चों को पिलाएं। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष ने बच्चों को ओआरएस पैकेट भी बांटे। कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ. एके चौधरी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ब्रजमोहन, आरबीएसके कार्यक्रम के सचिन कुमार आदि मौजूद रहे।

स्टोर में मौजूद जिंक की गोलियां- 35 लाख 
ओआरएस पैकेट- 30 हजार

सोमवार को तीस हजार ओआरएस पैकेट की सप्लाई मिल चुकी है। अभी और ओआरएस के पैकेट आने हैं। सीएचसी पर पहले से ही ओआरएस पैकेट पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं।
- डॉ. मनोज अग्रवाल सीएमओ
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