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कीचड़ में कैद कर दी बेजुबानों को फसल चरने की सजा
Updated Fri, 07 Sep 2018 11:57 PM IST
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कीचड़ में कैद कर दी बेजुबानों को फसल चरने की सजा
हिन्दू संगठन के विरोध पर आनन-फानन में छोड़ा
एसडीएम के पहुंचने से पहले ही खदेड़ दिए गए पशु
महेवागंज। लावारिस पशुओं को फसल चरते देखा तो उन्हें पकड़कर इस गुनाह की सजा ऐसी दी कि जिसने सुना, वही कोसने लगा। सेन्ट्रल कृषि फार्म के जिम्मेदारों ने इन लावारिस पशुओं को कीचड़ और दलदली भूमि पर कैद कर दिया। हिन्दू संगठन के विरोध से मामला सामने आया। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल होने पर कई दिनों बाद फार्म कर्मचारियों ने आनन-फानन में सभी पशुओं को बाड़े से निकालकर खदेड़ दिया। एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह ने बताया कि वह मौके पर पहुंचे और हिंदू संगठन के लोगों को भी बुलाया, लेकिन उन्हें कहीं पशु नहीं मिले। हालांकि हिंदू संगठन के लोगों के पास मौजूद क्लिप और मौके पर उस स्थान को देख यह स्पष्ट हो गया है कि फार्म के लोगों ने पशुओं को कीचड़ में बंधक बनाया था। यह मामला सेंट्रल कैटल ब्रीडिंग फार्म अंदेशनगर से जुड़ा है। केंद्र सरकार का अंदेशनगर में सैकड़ों एकड़ का कृषि व ब्रीडिंग फार्म है। इसमें उन्नत प्रजाति के पशुओं की ब्रीडिंग और उनकी देखभाल की जाती है। सैकड़ों एकड़ भू-भाग वाले फार्म में पशुओं के लिए चारा भी तैयार किया जाता है। विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष शिवनारायण पासवान ने बताया कि अंदेशनगर फार्म में गो वंशीय पशुओं को दलदल में बंधक बनाने की सूचना मिली थी। ब्रहस्पतिवार को वह बजरंगदल के एक पदाधिकारी आनंद दीक्षित के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि कार्यालय संख्या तीन के पास दलदली कीचड़ वाली जमीन पर एक बाड़े में करीब 40-50 गायों को बंधक बनाया गया था। देखने से लग रहा था कि उन्हें कई दिनों से भूखा प्यासा रखा गया है। बताया कार्यकर्ताओं ने जब पशुओं की दुर्दशा की फोटो और वीडियो बनाया तो फार्म के एक वरिष्ठ कर्मचारी ने एतराज जताते हुए पशुओं द्वारा सरकारी चारा चर जाने का तर्क दिया। इस पर कार्यकताओं ने पूछा था कि पशुओं को बंधक बनाने या प्रताड़ित करने से क्या नुकसान की भरपाई हो जाएगी। साथ ही पदाधिकारियों ने पशु दुर्दशा के आरोप लगा फोटो और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया था। बजरंग दल कार्यकर्ता आनंद ने कहा दलदल में भैंस तो बैठ जाती है पर गायों को सफाई पसंद है। फिलहाल पशुओं से जुड़े इस ताजे मामले के सोशल मीडिया में छाने के बाद हिन्दू संगठन और पशु प्रेमियों में जबरदस्त नाराजगी है। वहीं सरकार के पशुधन के बढ़ावा व इनकी देखभाल पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
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कीचड़ में कैद कर दी बेजुबानों को फसल चरने की सजा
हिन्दू संगठन के विरोध पर आनन-फानन में छोड़ा
एसडीएम के पहुंचने से पहले ही खदेड़ दिए गए पशु
महेवागंज। लावारिस पशुओं को फसल चरते देखा तो उन्हें पकड़कर इस गुनाह की सजा ऐसी दी कि जिसने सुना, वही कोसने लगा। सेन्ट्रल कृषि फार्म के जिम्मेदारों ने इन लावारिस पशुओं को कीचड़ और दलदली भूमि पर कैद कर दिया। हिन्दू संगठन के विरोध से मामला सामने आया। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल होने पर कई दिनों बाद फार्म कर्मचारियों ने आनन-फानन में सभी पशुओं को बाड़े से निकालकर खदेड़ दिया। एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह ने बताया कि वह मौके पर पहुंचे और हिंदू संगठन के लोगों को भी बुलाया, लेकिन उन्हें कहीं पशु नहीं मिले। हालांकि हिंदू संगठन के लोगों के पास मौजूद क्लिप और मौके पर उस स्थान को देख यह स्पष्ट हो गया है कि फार्म के लोगों ने पशुओं को कीचड़ में बंधक बनाया था। यह मामला सेंट्रल कैटल ब्रीडिंग फार्म अंदेशनगर से जुड़ा है। केंद्र सरकार का अंदेशनगर में सैकड़ों एकड़ का कृषि व ब्रीडिंग फार्म है। इसमें उन्नत प्रजाति के पशुओं की ब्रीडिंग और उनकी देखभाल की जाती है। सैकड़ों एकड़ भू-भाग वाले फार्म में पशुओं के लिए चारा भी तैयार किया जाता है। विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष शिवनारायण पासवान ने बताया कि अंदेशनगर फार्म में गो वंशीय पशुओं को दलदल में बंधक बनाने की सूचना मिली थी। ब्रहस्पतिवार को वह बजरंगदल के एक पदाधिकारी आनंद दीक्षित के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि कार्यालय संख्या तीन के पास दलदली कीचड़ वाली जमीन पर एक बाड़े में करीब 40-50 गायों को बंधक बनाया गया था। देखने से लग रहा था कि उन्हें कई दिनों से भूखा प्यासा रखा गया है। बताया कार्यकर्ताओं ने जब पशुओं की दुर्दशा की फोटो और वीडियो बनाया तो फार्म के एक वरिष्ठ कर्मचारी ने एतराज जताते हुए पशुओं द्वारा सरकारी चारा चर जाने का तर्क दिया। इस पर कार्यकताओं ने पूछा था कि पशुओं को बंधक बनाने या प्रताड़ित करने से क्या नुकसान की भरपाई हो जाएगी। साथ ही पदाधिकारियों ने पशु दुर्दशा के आरोप लगा फोटो और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया था। बजरंग दल कार्यकर्ता आनंद ने कहा दलदल में भैंस तो बैठ जाती है पर गायों को सफाई पसंद है। फिलहाल पशुओं से जुड़े इस ताजे मामले के सोशल मीडिया में छाने के बाद हिन्दू संगठन और पशु प्रेमियों में जबरदस्त नाराजगी है। वहीं सरकार के पशुधन के बढ़ावा व इनकी देखभाल पर सवालिया निशान लग रहे हैं।