{"_id":"5a89a4934f1c1b2d068b74ef","slug":"151518970003-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर पर जन्मे बच्चों की देखरेख के लिए आशाओं को किया प्रशिक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर पर जन्मे बच्चों की देखरेख के लिए आशाओं को किया प्रशिक्षित
Updated Sun, 18 Feb 2018 11:45 PM IST
विज्ञापन
नैपकीन बांटे
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। एचबीएनसी कार्यक्रम के तहत रविवार को सीएचसी नकहा में पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। इसमें आशाओं को घर पर जन्मे बच्चों की देखरेख करने के लिए उनकी माताओं को जागरूक करने का प्रशिक्षण दिया गया। आशाओं को किशोरियों और महिलाओं में बांटने के लिए नैपकिन भी दिए गए।
ट्रेनर डॉ. वीके सिंह ने कहा कि जिन महिलाओं का प्रसव घर पर हो जाता है, उनकी विशेष देखभाल करने की जरूरत होती है, इसलिए यह एचबीएनसी कार्यक्रम शुरू किया गया है। कहा कि आशाओं को निरंतर गृह भ्रमण करके बच्चों का वजन लेकर उनका तापमान मापना चाहिए, जिससे उन्हें हाइपोथर्मिया, निमोनिया आदि संक्रामक रोगों से बचाया जा सके। डीसीपीएम हरिकीरत सिंह ने आशाओं को बच्चों को वजन करने की जानकारी दी। ट्रेनर पूनम मिश्रा ने कहा कि गृह भ्रमण के दौरान प्रसूताओं को स्वच्छता के लिए भी जागरूक करें और माहवारी के दौरान नैपकिन का प्रयोग करने की प्रेरणा दें। इस दौरान महिलाओं और किशोरियों में बांटने के लिए आशाओं को दस-दस पैकेट नैपकिन भी दिए गए। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ.रामू, ट्रेनर प्रियंका शुक्ला सहित कई आशाएं उपस्थित रहीं।
विज्ञापन
ट्रेनर डॉ. वीके सिंह ने कहा कि जिन महिलाओं का प्रसव घर पर हो जाता है, उनकी विशेष देखभाल करने की जरूरत होती है, इसलिए यह एचबीएनसी कार्यक्रम शुरू किया गया है। कहा कि आशाओं को निरंतर गृह भ्रमण करके बच्चों का वजन लेकर उनका तापमान मापना चाहिए, जिससे उन्हें हाइपोथर्मिया, निमोनिया आदि संक्रामक रोगों से बचाया जा सके। डीसीपीएम हरिकीरत सिंह ने आशाओं को बच्चों को वजन करने की जानकारी दी। ट्रेनर पूनम मिश्रा ने कहा कि गृह भ्रमण के दौरान प्रसूताओं को स्वच्छता के लिए भी जागरूक करें और माहवारी के दौरान नैपकिन का प्रयोग करने की प्रेरणा दें। इस दौरान महिलाओं और किशोरियों में बांटने के लिए आशाओं को दस-दस पैकेट नैपकिन भी दिए गए। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ.रामू, ट्रेनर प्रियंका शुक्ला सहित कई आशाएं उपस्थित रहीं।
विज्ञापन