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तराई में अमरूद की बागवानी बन सकता है मुनाफे का सौदा
Updated Tue, 24 Oct 2017 11:12 PM IST
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लखीमपुर खीरी।
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की दो दिवसीय औद्योगिक कृषक संगोष्ठी/मेला का मंडी परिसर में मंगलवार को शुभारंभ हुआ, जिसमें कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसके शुक्ला ने अमरूद की बागवानी पर जोर देते हुए कहा कि अमरूद (गरीबों का सेव) में सेब के मुकाबले काफी ज्यादा पोषक तत्व हैं। उन्होंने कहा कि जिले में मौजूद नदियों शारदा, घाघरा, सरजू, कठिना आदि के किनारे महाराष्ट्र की तर्ज पर अमरूद की बड़े पैमाने पर बागवानी संभव है।
राजापुर मंडी स्थित शेड नंबर छह में मुख्य अतिथि सदर विधायक योगेश वर्मा ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में पहले दिन किसानों को औद्योगिक विकास योजना के तहत किसानों को औद्योगिक फसलों की नवीनतम तकनीकी जानकारी दी गई। नदियों के किनारे बाढ़-कटान की समस्या को देखते हुए सीआईएसएच रहमानखेड़ा लखनऊ से आए वैज्ञानिक डॉ. एसके शुक्ला ने कहा है कि ऐसे क्षेत्रों में अमरूद की बागवानी कर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यूपी से अमरूद की पौध महाराष्ट्र ले जाकर बड़े पैमाने पर किसान बागवानी कर रहे हैं। उन्होंने यहां भी खाद्य प्रसंस्करण के जरिए बाजार की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का किसानों को आश्वासन दिया है। इसके अलावा कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एसके विश्वकर्मा, डॉ. सोहेल, डॉ. एनके त्रिपाठी, डॉ. संजय सिंह, डॉ. डीएस यादव और जिला उद्यान अधिकारी दिग्विजय सिंह ने भी आम, शरीफा जैसे फलों की खेती के बारे में जानकारी दी और साथ ही विभाग द्वारा दी जाने वाली अनुदान सहायता के बारे में बताया। इस मौके पर अर्बन कोआपरेटिव बैंक के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, जिला कृषि अधिकारी संतोष कुमार वर्मा, पीपीओ सलीमुद्दीन, दुग्ध विकास अधिकारी श्याम सुंदर यादव, सहायक उद्यान निरीक्षक अनिल कुमार वर्मा, राहुल शुक्ला, रामपाल शर्मा मौजूद रहे।
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उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की दो दिवसीय औद्योगिक कृषक संगोष्ठी/मेला का मंडी परिसर में मंगलवार को शुभारंभ हुआ, जिसमें कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसके शुक्ला ने अमरूद की बागवानी पर जोर देते हुए कहा कि अमरूद (गरीबों का सेव) में सेब के मुकाबले काफी ज्यादा पोषक तत्व हैं। उन्होंने कहा कि जिले में मौजूद नदियों शारदा, घाघरा, सरजू, कठिना आदि के किनारे महाराष्ट्र की तर्ज पर अमरूद की बड़े पैमाने पर बागवानी संभव है।
राजापुर मंडी स्थित शेड नंबर छह में मुख्य अतिथि सदर विधायक योगेश वर्मा ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में पहले दिन किसानों को औद्योगिक विकास योजना के तहत किसानों को औद्योगिक फसलों की नवीनतम तकनीकी जानकारी दी गई। नदियों के किनारे बाढ़-कटान की समस्या को देखते हुए सीआईएसएच रहमानखेड़ा लखनऊ से आए वैज्ञानिक डॉ. एसके शुक्ला ने कहा है कि ऐसे क्षेत्रों में अमरूद की बागवानी कर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि यूपी से अमरूद की पौध महाराष्ट्र ले जाकर बड़े पैमाने पर किसान बागवानी कर रहे हैं। उन्होंने यहां भी खाद्य प्रसंस्करण के जरिए बाजार की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का किसानों को आश्वासन दिया है। इसके अलावा कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एसके विश्वकर्मा, डॉ. सोहेल, डॉ. एनके त्रिपाठी, डॉ. संजय सिंह, डॉ. डीएस यादव और जिला उद्यान अधिकारी दिग्विजय सिंह ने भी आम, शरीफा जैसे फलों की खेती के बारे में जानकारी दी और साथ ही विभाग द्वारा दी जाने वाली अनुदान सहायता के बारे में बताया। इस मौके पर अर्बन कोआपरेटिव बैंक के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, जिला कृषि अधिकारी संतोष कुमार वर्मा, पीपीओ सलीमुद्दीन, दुग्ध विकास अधिकारी श्याम सुंदर यादव, सहायक उद्यान निरीक्षक अनिल कुमार वर्मा, राहुल शुक्ला, रामपाल शर्मा मौजूद रहे।
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