{"_id":"599d84324f1c1b9f128b4782","slug":"151503495218-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नयापुरवा में शारदा ने तेज किया कटान, कुंवरपुर में चल रही नाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नयापुरवा में शारदा ने तेज किया कटान, कुंवरपुर में चल रही नाव
Updated Wed, 23 Aug 2017 07:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पलिया-मझगईं। भारी बारिश के चलते शारदा नदी एक बार फिर से उफना गई है। नदी ने विकराल रूप धारण करते हुए मझगईं और भीरा क्षेत्र में कटान तेज कर दिया है। उधर, कुंवरपुरकलां से नौगवां आने के लिए कोई रास्ता न होने से लोगों का नाव का ही सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे स्कूली बच्चों के अलावा बाकी लोग लोग अपने गंतव्य को जाते हैं।
सुबह लगभग आठ बजे से हो रही भारी बारिश के बाद शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया। जिससे मझगईं क्षेत्र के नयापुरवा, लियाकत पुरवा, चौरी, विष्नूपुर गांववालों के सामने फिर बाढ़ के रूप में संकट उत्पन्न हो गया है। नदी जहां खेतों को काटकर अपने आगोश में समा रही है वहीं घरों को भी काटना शुरू कर दिया है। कटान के चलते लोगों ने अपने घरों से सामान समेटना शुरू कर दिया है। गांव के शत्रोहन लाल, जोखे, नन्दराम, बाबू, सोहन, बालकराम, गंगाराम आदि ने बताया कि उनके खेत कटकर नदी में समाने लगे हैं, नदी के एक बार फिर विकराल रूप के चलते लोगों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि प्रशासन सिर्फ खाना पूर्ति के सिवा कुछ नहीं कर रहा है, बाढ़ पीड़ित भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। उधर, कुंवरपुरकलां के वाशिंदों को नौगवां व पलिया जाने के लिए एक मात्र साधन नाव है। नाव पर सवार होकर जान जोखिम में डालकर नदी पारकर अपने गंतव्य को जाते हैं। इसके अतिरिक्त भीरा क्षेत्र में भी नदी अपने पूरे शबाब पर है। नदी का पानी दौलतापुर, कचनारा, मटैहिया, आजादनगर, बर्बादनगर, इमलिया फार्म, नानक फार्म आदि में भरा हुआ है। नायब तहसीलदार रामदेव निषाद ने जंगल नंबर सात में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों को तिरपाल, पिपिया आदि का वितरण किया। हालांकि यह सहायता उनके लिए नाकाफी है लेकिन सहायता पाकर उनके चेहरे खिल उठे।
विज्ञापन
सुबह लगभग आठ बजे से हो रही भारी बारिश के बाद शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया। जिससे मझगईं क्षेत्र के नयापुरवा, लियाकत पुरवा, चौरी, विष्नूपुर गांववालों के सामने फिर बाढ़ के रूप में संकट उत्पन्न हो गया है। नदी जहां खेतों को काटकर अपने आगोश में समा रही है वहीं घरों को भी काटना शुरू कर दिया है। कटान के चलते लोगों ने अपने घरों से सामान समेटना शुरू कर दिया है। गांव के शत्रोहन लाल, जोखे, नन्दराम, बाबू, सोहन, बालकराम, गंगाराम आदि ने बताया कि उनके खेत कटकर नदी में समाने लगे हैं, नदी के एक बार फिर विकराल रूप के चलते लोगों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि प्रशासन सिर्फ खाना पूर्ति के सिवा कुछ नहीं कर रहा है, बाढ़ पीड़ित भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। उधर, कुंवरपुरकलां के वाशिंदों को नौगवां व पलिया जाने के लिए एक मात्र साधन नाव है। नाव पर सवार होकर जान जोखिम में डालकर नदी पारकर अपने गंतव्य को जाते हैं। इसके अतिरिक्त भीरा क्षेत्र में भी नदी अपने पूरे शबाब पर है। नदी का पानी दौलतापुर, कचनारा, मटैहिया, आजादनगर, बर्बादनगर, इमलिया फार्म, नानक फार्म आदि में भरा हुआ है। नायब तहसीलदार रामदेव निषाद ने जंगल नंबर सात में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों को तिरपाल, पिपिया आदि का वितरण किया। हालांकि यह सहायता उनके लिए नाकाफी है लेकिन सहायता पाकर उनके चेहरे खिल उठे।
विज्ञापन