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अधिक मूल्य पर उर्वरकों की बिक्री से किसानों में रोष
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जंगबहादुरगंज। बारिश के बाद गेहूं में यूरिया का छिड़काव शुरू हो गया है। इससे उर्वरक विक्रेताओं ने यूरिया पर ओवर रेटिंग शुरू कर दी है। अधिक मूल्य पर यूरिया बिक्री किए जाने से किसानों में रोष व्याप्त है। यूरिया की मांग के बाद भी सहकारी संस्थाओं में यूरिया की भारी कमी है। इसका फायदा उठाकर जंगबहादुरगंज, उचौलिया, बरबर, मैगलगंज, औरंगाबाद में यूरिया की बोरी को सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य 266.50 रुपये से कहीं अधिक 320 से 330 रुपये तक बेचा जा रहा है।
सरकार ने पिछले महीने यूरिया के दामों में भारी कमी करते हुए किसानों को तोहफा दिया था, लेकिन उर्वरक विक्रेता मुनाफाखोरी के चक्कर में किसानों की जेब पर डाका डालने में जुटे हैं। अधिकारियों की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए विक्रेता ओवररेटिंग करते हुए प्रति बोरी 50 से 60 रुपये अधिक वसूल रहे हैं। इसके अलावा डीएपी और एनपीके भी अधिक मूल्य पर दी जा रही है, जिसमें भी मिलावट की चर्चाएं हैं। सूत्र बताते हैं कि मैगलगंज में एक उर्वरक माफिया सक्रिय हैं, जो मिलावटी डीएपी और एनपीके खाद की बिक्री आसपास की बाजारों के दुकानदारों को करता है। इससे फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। किसानों ने शासन और जिला प्रशासन से निर्धारित दरों पर उर्वरकों को उपलब्ध कराने की मांग की है। इस समस्या के संबंध में सीडीओ रवि रंजन से शिकायत की गई, जिस पर उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
यूरिया की बोरी का रेट 266.50 रुपये निर्धारित है, जिससे अधिक रुपये लेने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसानों से अपील है कि खाद की रसीद दुकानदार से जरूर लें। यदि अधिक रुपये मांग रहा है, तो तुरंत ही शिकायत करें।
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- सत्येंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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सरकार ने पिछले महीने यूरिया के दामों में भारी कमी करते हुए किसानों को तोहफा दिया था, लेकिन उर्वरक विक्रेता मुनाफाखोरी के चक्कर में किसानों की जेब पर डाका डालने में जुटे हैं। अधिकारियों की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए विक्रेता ओवररेटिंग करते हुए प्रति बोरी 50 से 60 रुपये अधिक वसूल रहे हैं। इसके अलावा डीएपी और एनपीके भी अधिक मूल्य पर दी जा रही है, जिसमें भी मिलावट की चर्चाएं हैं। सूत्र बताते हैं कि मैगलगंज में एक उर्वरक माफिया सक्रिय हैं, जो मिलावटी डीएपी और एनपीके खाद की बिक्री आसपास की बाजारों के दुकानदारों को करता है। इससे फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। किसानों ने शासन और जिला प्रशासन से निर्धारित दरों पर उर्वरकों को उपलब्ध कराने की मांग की है। इस समस्या के संबंध में सीडीओ रवि रंजन से शिकायत की गई, जिस पर उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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यूरिया की बोरी का रेट 266.50 रुपये निर्धारित है, जिससे अधिक रुपये लेने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसानों से अपील है कि खाद की रसीद दुकानदार से जरूर लें। यदि अधिक रुपये मांग रहा है, तो तुरंत ही शिकायत करें।
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- सत्येंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी