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ऐरा में चीनी-शीरा बिक्री के 23.41 करोड़ की हेराफेरी
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:46 PM IST
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चीनी-शीरा बिक्री के 23.41 करोड़ रुपये की हेराफेरी
गोविंद शुगर मिल ऐरा ने एस्क्रो एकाउंट में जमा नहीं कराई रकम
किसानों का नहीं हो रहा भुगतान, एसडीएम ने नोटिस देकर मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
धौरहरा/खमरिया। किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने के बजाय गोविंद शुगर मिल ऐरा अन्य मदों में पैसा लगा रही है। चीनी समेत सह उत्पादों की बिक्री से प्राप्त होने वाली रकम को एस्क्रो एकाउंट में न जमा करके दूसरे खातों में जमा कराया जा रहा है। इससे किसानों का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इसकी भनक लगते ही एसडीएम धौरहरा आशीष कुमार मिश्रा ने मामले की जांच की। इसमें पाया कि करीब 23.41 करोड़ रुपये एस्क्रो एकाउंट में जमा नहीं कराए गए। इस पर एसडीएम ने ऐरा मिल को नोटिस देते हुए तीन दिन में जवाब मांगा है।
गोविंद शुगर मिल ऐरा ने पेराई सत्र 2017-18 में 147.62 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा था, जिसके एवज में चार अरब 68 करोड़ तीन लाख 82 हजार रुपये किसानों को भुगतान किया जाना है। मिल ने 31 अगस्त 2018 तक किसानों को दो अरब चार करोड़ 88 लाख 73 हजार रुपये भुगतान किया है, जबकि दो अरब 63 करोड़ 15 लाख नौ हजार रुपये भुगतान किया जाना शेष है। ऐरा मिल द्वारा किसानों को भुगतान करने में टाल-मटोल किए जाने का मामला सामने आने पर डीएम के आदेश से छह दिसंबर 2017 को चीनी समेत सह उत्पादों का स्टाक एसडीएम की अभिरक्षा में दिया गया था। इसके बावजूद चीनी मिल मनमानी करता रहा। एसडीएम ने चीनी समेत सह उत्पादों की बिक्री और उससे प्राप्त धनराशि का ब्यौरा मांगा गया। जवाब में मिल ने बैगास का स्वयं के उपयोग में दर्शाते हुए उसका बाजार मूल्य तक नहीं बताया। चीनी, शीरा और प्रेसमड की बिक्री से प्राप्त दो अरब 17 करोड़ 26 लाख 13 हजार रुपये में से 85 प्रतिशत यानी एक अरब 84 करोड़ 67 लाख 21 हजार रुपये एस्क्रो एकाउंट में जमा कराकर गन्ना मूल्य भुगतान किया जाना था लेकिन मिल ने एक अरब 61 करोड़ 25 लाख 50 हजार रुपये ही जमा एस्क्रो एकाउंट में जमा किए गए। जबकि 23 करोड़ 41 लाख 71 हजार रुपये एस्क्रो एकाउंट में जमा नहीं कराए गए, बल्कि इस पैसे को मिल ने दूसरे मदों में उपयोग कर लिया है।
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क्या है एस्क्रो एकाउंट
प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र प्रारंभ होने के साथ ही किसानों को समय से भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए मिलों में जिला गन्ना अधिकारी और चीनी मिल अध्यासी के संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित एस्क्रो एकाउंट खुलवाए थे। चीनी और सह उत्पादों की बिक्री से प्राप्त रकम का 85 फीसदी हिस्सा एस्क्रो एकाउंट में जमा कराना अनिवार्य है, जिससे सिर्फ किसानों को भुगतान किया जाना है। ऐरा मिल के अलावा गोला, पलिया और खंभारखेड़ा मिल में भी एस्क्रो एकाउंट खुलवाए गए हैं। खास यह है कि एस्क्रो एकाउंट में पैसा जमा होने के बाद ही चीनी, शीरा, बैगास और प्रेसमड की निकासी करने के आदेश हैं, लेकिन इसका भी पालन नहीं किया जा रहा।
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वर्जन........
ऐरा में 85 प्रतिशत धनराशि जमा कराए बिना चीनी समेत सह उत्पादों की निकासी कराए जाने का मामला सामने आया है। मिल के अध्यासी को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों में जवाब मांगा है। जवाब संतोषजनक न होने पर मिल अध्यासी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
- आशीष कुमार मिश्रा, एसडीएम धौरहरा
बिजली कनेक्शन काटे जाने का मुद्दा सदन में उठा
विधायक बाला प्रसाद ने गन्ना बकाया भुगतान होने तक वसूली रोकने का किया आग्रह
अमर उजाला ब्यूरो
धौरहरा। गन्ना किसानों का करोड़ों रुपये चीनी मिलें दबाए बैठी हैं, जिससे किसान एक-एक पैसे के लिए मोहताज है। किसान बिजली का बिल जमा नहीं कर पा रहे हैं, जिससे पावर कार्पोरेशन ने किसानों के कनेक्शन काटने शुरू कर दिए हैं। विधानसभा के मानसून सत्र में क्षेत्रीय विधायक बाला प्रसाद अवस्थी ने प्रश्नकाल में मुद्दा उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बिजली बकाया भुगतान न जमा होने के कारण बिजली कर्मचारी किसानों के घरों के कनेक्शन काट रहे हैं। लोगों के घरों में अंधेरा हो रहा है। विधायक ने सदन को बताया कि असल वजह कई महीनों से बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान का न होना है, क्योंकि अधिकांश किसान एकमात्र गन्ने की फसल पर आश्रित हैं। विधायक ने सदन से आग्रह किया है कि गन्ना मूल्य भुगतान होने तक बकाया बिजली बिल की वसूली रोक दी जाए या फिर गन्ने के बकाया पैसे से बिजली विभाग वसूली कर भरपाई कर ले। स्पीकर ने इसे स्थानीय मुद्दा बताते हुए विभागीय मंत्री के पास रेफर कर दिया है।
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16.73 अरब गन्ना मूल्य चीनी मिलों पर बकाया
लखीमपुर खीरी। गन्ना किसानों का नौ चीनी मिलों पर अभी भी 16 अरब 73 करोड़ 21 लाख 59 हजार रुपये बकाया है, जिससे किसानों की हालत पस्त हुई है। बच्चों की फीस, बिजली बिल आदि जमा करने में किसानों के पसीने छूट रहे हैं। मिले मनमाने तरीके से कभी-कभार कुछ पैसे का भुगतान करके कुंभकर्णी नींद में चली जाती हैं।
मिल बकाया (लाख में)
गोला 33959.33
पलिया 26924.37
खंभारखेड़ा 22829.56
ऐरा 26315.09
अजवापुर 15800.43
कुंभी 10174.35
गुलरिया 9724.73
बेलरायां 10539.38
संपूर्णानगर 11054.35