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प्रतिदिन यूं ही बर्बाद हो रही 250 यूनिट बिजली
Updated Sun, 19 Aug 2018 06:32 PM IST
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प्रतिदिन बर्बाद हो रही 250 यूनिट बिजली
नेटमीटर न लगाने से ग्रिड को नहीं हो पा रही सप्लाई
विकास भवन और कलक्ट्रेट में लगे सोलर पावर प्लांट का हाल
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए सरकारें गंभीर हैं लेकिन अफसर योजना को पलीता लगाने पर तुले हैं। विकास भवन और कलक्ट्रेट में 35 लाख से पांच महीने पहले रूफ टाप सोलर पावर प्लांट लगाया गया लेकिन अब तक यह शोपीस बना हुआ है। अभी तक इससे उत्पन्न होने वाली बिजली का उपयोग नहीं हो पा रहा है, जिससे प्रतिदिन 250 यूनिट बिजली बर्बाद हो रही है। जिम्मेदार अधिकारी नेट मीटर न लग पाने की वजह से ग्रिड को आपूर्ति न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैैं। यूपीनेडा ने सरकारी कार्यालयों की छतों पर रूफ टाप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित कराने की शुरुआत विकास भवन और कलक्ट्रेट से की थी। दोनों स्थानों पर मार्च 2018 में पॉवर प्लांट स्थापित किए गए। दोनों प्लांट की क्षमता 26-26 केवी है। इन पर 17.5-17.5 लाख की लागत आई है। प्रत्येक प्लांट से प्रतिदिन करीब 125 यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान है। इसका सही आकलन ग्रिड को सप्लाई शुरू होने पर किया जा सकेगा। तत्कालीन सीडीओ अमित सिंह बंसल ने ग्रिड को सप्लाई चालू कराने के लिए बिजली विभाग को पत्र भेजा था। इसके अलावा नेडा के परियोजना अधिकारी अतुल जैन ने भी 20 मार्च 2018 को बिजली विभाग को पत्र भेजकर नेट मीटर लगाकर ग्रिड को सप्लाई चालू करने की मांग की थी लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों ने अब तक इसका संज्ञान नहीं लिया।
यह है योजना....
अपने घर या आफिस की छत पर रूफ टाप सोलर पॉवर प्लांट से बनने वाली बिजली की सप्लाई सीधे पॉवर कार्पोरेशन के ग्रिड में की जाएगी। इसके एवज में बिजली विभाग संबंधित संस्था/व्यक्ति को भुगतान करेगा। इसके लिए बिजली विभाग प्लांट में नेट मीटर लगाएगा तभी आपूर्ति ग्रिड को शुरू हो सकेगी। विकास भवन और कलक्ट्रेट में स्थापित पॉवर प्लांट में अभी नेट मीटर नहीं लगा है।
बाक्स=वर्जन......
नेट मीटर लगाने के लिए आर्डर दिया जा चुका है। अभी सप्लाई नहीं मिल पाई है। उम्मीद है कि 10-15 दिनों में नेट मीटर लगाकर पावर ग्रिड को सप्लाई प्रारंभ कर दी जाएगी।
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- पीके वर्मा, अधिशासी अभियंता
नेटमीटर न लगाने से ग्रिड को नहीं हो पा रही सप्लाई
विकास भवन और कलक्ट्रेट में लगे सोलर पावर प्लांट का हाल
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए सरकारें गंभीर हैं लेकिन अफसर योजना को पलीता लगाने पर तुले हैं। विकास भवन और कलक्ट्रेट में 35 लाख से पांच महीने पहले रूफ टाप सोलर पावर प्लांट लगाया गया लेकिन अब तक यह शोपीस बना हुआ है। अभी तक इससे उत्पन्न होने वाली बिजली का उपयोग नहीं हो पा रहा है, जिससे प्रतिदिन 250 यूनिट बिजली बर्बाद हो रही है। जिम्मेदार अधिकारी नेट मीटर न लग पाने की वजह से ग्रिड को आपूर्ति न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैैं। यूपीनेडा ने सरकारी कार्यालयों की छतों पर रूफ टाप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित कराने की शुरुआत विकास भवन और कलक्ट्रेट से की थी। दोनों स्थानों पर मार्च 2018 में पॉवर प्लांट स्थापित किए गए। दोनों प्लांट की क्षमता 26-26 केवी है। इन पर 17.5-17.5 लाख की लागत आई है। प्रत्येक प्लांट से प्रतिदिन करीब 125 यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान है। इसका सही आकलन ग्रिड को सप्लाई शुरू होने पर किया जा सकेगा। तत्कालीन सीडीओ अमित सिंह बंसल ने ग्रिड को सप्लाई चालू कराने के लिए बिजली विभाग को पत्र भेजा था। इसके अलावा नेडा के परियोजना अधिकारी अतुल जैन ने भी 20 मार्च 2018 को बिजली विभाग को पत्र भेजकर नेट मीटर लगाकर ग्रिड को सप्लाई चालू करने की मांग की थी लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों ने अब तक इसका संज्ञान नहीं लिया।
यह है योजना....
अपने घर या आफिस की छत पर रूफ टाप सोलर पॉवर प्लांट से बनने वाली बिजली की सप्लाई सीधे पॉवर कार्पोरेशन के ग्रिड में की जाएगी। इसके एवज में बिजली विभाग संबंधित संस्था/व्यक्ति को भुगतान करेगा। इसके लिए बिजली विभाग प्लांट में नेट मीटर लगाएगा तभी आपूर्ति ग्रिड को शुरू हो सकेगी। विकास भवन और कलक्ट्रेट में स्थापित पॉवर प्लांट में अभी नेट मीटर नहीं लगा है।
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बाक्स=वर्जन......
नेट मीटर लगाने के लिए आर्डर दिया जा चुका है। अभी सप्लाई नहीं मिल पाई है। उम्मीद है कि 10-15 दिनों में नेट मीटर लगाकर पावर ग्रिड को सप्लाई प्रारंभ कर दी जाएगी।
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- पीके वर्मा, अधिशासी अभियंता