{"_id":"5b61fe7a4f1c1b913e8b4979","slug":"141533148794-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शौचालय बनवाकर बहना नंबर वन या भाई नंबर वन बनने का मौका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शौचालय बनवाकर बहना नंबर वन या भाई नंबर वन बनने का मौका
Updated Thu, 02 Aug 2018 12:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
01एलकेएच06, 07
स्वच्छता के लिए जिला प्रशासन ने झोंकी ताकत.....फ्लैग
शौचालय बनवाकर बहना नंबर वन या भाई नंबर वन बनने का मौका
क्रासर..........
साबुन दान-जीवन दान का विकास भवन और कलेक्ट्रेट में शुभारंभ
पहले दिन एक लाख साबुन का दान, परिषदीय विद्यालयों में भी हुआ साबुन का दान
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद को ओडीएफ करने की घड़ी नजदीक आने के साथ ही जिला प्रशासन ने इसे जन आंदोलन बनाने की व्यापक तैयारी कर ली है। सीडीओ रवि रंजन ने रक्षाबंधन पर अपने भाई या बहन को शौचालय बनवाकर गिफ्ट करने वाले प्रतिभागियों को बहना नंबर वन या भाई नंबर एक के जिला और ब्लाक स्तर पर पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की है। इसके साथ ही बुधवार को विकास भवन, कलेक्ट्रेट और परिषदीय विद्यालयों में साबुन दान-जीवन दान अभियान का शुभारंभ किया गया, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर पहले दिन करीब एक लाख साबुन का दान किया है।
स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने के लिए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, सीडीओ रवि रंजन और डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने मीडिया का सहयोग लेने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया वर्कशाप किया, जिसमें डीएम ने कहा कि कुछ लोग जानते हुए भी गलतियां करते हैं। खुले में शौच गलत है, फिर भी लोग अपने व्यवहार में परिवर्तन लाने में हिचक रहे हैं। डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने कहा कि अभी जनपद में करीब 1.40 लाख शौचालय बनाने हैं। प्रतिदिन औसतन 2500 से 3000 शौचालय बनाए जा रहे हैं। 330 राजस्व गांवों को ओडीएफ कर लिया गया है। आगा खां फाउंडेशन के ट्रेनर राजीव यादव ने कहा कि गांवों को ओडीएफ बनाने में मीडिया का सहयोग आवश्यक है, क्योंकि मीडिया जो छापता है वह लोगों के लिए नजरिया बन जाता है। यूनिसेफ के प्रतिनिधि वासु ने भी व्यवहार परिवर्तन के लिए काम करने पर बल दिया। कार्यशाला में परियोजना निदेशक रामकृपाल चौधरी, डीडीओ अनिल कुमार सिंह, डीआईओएस डॉ आरके जायसवाल, बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह, जिला परियोजना समन्वयक नंदकिशोर दीक्षित मौजूद रहे।
बाक्स=
2014 के बाद स्वच्छता की ओर बढ़े कदम
2014 से शुरू हुए स्वच्छ भारत मिशन से पहले भी निर्मल भारत अभियान समेत कई योजनाएं चलाई गई, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। ट्रेनर राजीव यादव ने बताया कि 2014 के बाद से लोगों के व्यवहार परिवर्तन पर फोकस किया गया, जिसके लिए गांवों में टिगरिंग, चैंपियंस, वानर सेना, स्वच्छताग्राहियों जैसे टूल्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। 2014 से पहले भी शौचालय बनाए गए, लेकिन उपयोग करने के लिए लोग तैयार नहीं थे। अब लोगों के व्यवहार में परिवर्तन आ रहा है।
विज्ञापन
बाक्स=
जनपद पर 25 और ब्लाक स्तर पर 20 हजार का पुरस्कार
सीडीओ रवि रंजन ने बताया कि बगैर सरकारी मदद के अपनी बहन या भाई को शौचालय बनाकर गिफ्ट देने के लिए एक अगस्त से पांच सितंबर 2018 तक आवेदन किया जा सकेगा। बहना नंबर वन या भाई नंबर वन प्रतियोगिता में 25 सितंबर 2018 तक निर्मित शौचालय के आवेदनों को शामिल किया जाएगा। सगा, चचेरा, ममेरा, फुफेरा और गांव या धर्म का भाई / बहन प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकता है। गिफ्ट किए गए शौचालय के साथ बहन और खुद की फोटो समेत आवेदन पत्र भरकर जिला / ब्लाक स्तर पर स्थापित वाररूम में पांच सितंबर 2018 को 4.30 बजे तक जमा करना होगा। जनपद स्तर पर तीन श्रेष्ठ आवेदनों को 25 हजार का प्रथम, 20 हजार का द्वितीय और 10 हजार का तृतीय पुरस्कार दिया जाएगा। ब्लाक स्तर पर प्रथम पुरस्कार विजेता को 20 हजार, द्वितीय पुरस्कार विजेता को 10 हजार और तृतीय पुरस्कार विजेता को पांच हजार रुपये दिए जाएंगे।
बाक्स=
स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण योजना का शुभारंभ
स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2018 योजना का मितौली और पलिया ब्लाक में शुभारंभ किया गया। डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि भारत सरकार की टीम गांवों में जाकर सर्वेक्षण कर स्वच्छता का तीन बिंदुओं पर मूल्यांकन करेगी। पहले प्रत्यक्ष अवलोकन के 30 प्रतिशत, दूसरे नागरिक फीडबैक के 35 प्रतिशत और तीसरे बिंदु सर्विस लेवल के 35 प्रतिशत अंक प्रदान किए जाएंगे।
विज्ञापन
स्वच्छता के लिए जिला प्रशासन ने झोंकी ताकत.....फ्लैग
शौचालय बनवाकर बहना नंबर वन या भाई नंबर वन बनने का मौका
क्रासर..........
साबुन दान-जीवन दान का विकास भवन और कलेक्ट्रेट में शुभारंभ
पहले दिन एक लाख साबुन का दान, परिषदीय विद्यालयों में भी हुआ साबुन का दान
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद को ओडीएफ करने की घड़ी नजदीक आने के साथ ही जिला प्रशासन ने इसे जन आंदोलन बनाने की व्यापक तैयारी कर ली है। सीडीओ रवि रंजन ने रक्षाबंधन पर अपने भाई या बहन को शौचालय बनवाकर गिफ्ट करने वाले प्रतिभागियों को बहना नंबर वन या भाई नंबर एक के जिला और ब्लाक स्तर पर पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की है। इसके साथ ही बुधवार को विकास भवन, कलेक्ट्रेट और परिषदीय विद्यालयों में साबुन दान-जीवन दान अभियान का शुभारंभ किया गया, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर पहले दिन करीब एक लाख साबुन का दान किया है।
स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने के लिए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, सीडीओ रवि रंजन और डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने मीडिया का सहयोग लेने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया वर्कशाप किया, जिसमें डीएम ने कहा कि कुछ लोग जानते हुए भी गलतियां करते हैं। खुले में शौच गलत है, फिर भी लोग अपने व्यवहार में परिवर्तन लाने में हिचक रहे हैं। डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने कहा कि अभी जनपद में करीब 1.40 लाख शौचालय बनाने हैं। प्रतिदिन औसतन 2500 से 3000 शौचालय बनाए जा रहे हैं। 330 राजस्व गांवों को ओडीएफ कर लिया गया है। आगा खां फाउंडेशन के ट्रेनर राजीव यादव ने कहा कि गांवों को ओडीएफ बनाने में मीडिया का सहयोग आवश्यक है, क्योंकि मीडिया जो छापता है वह लोगों के लिए नजरिया बन जाता है। यूनिसेफ के प्रतिनिधि वासु ने भी व्यवहार परिवर्तन के लिए काम करने पर बल दिया। कार्यशाला में परियोजना निदेशक रामकृपाल चौधरी, डीडीओ अनिल कुमार सिंह, डीआईओएस डॉ आरके जायसवाल, बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह, जिला परियोजना समन्वयक नंदकिशोर दीक्षित मौजूद रहे।
विज्ञापन
बाक्स=
2014 के बाद स्वच्छता की ओर बढ़े कदम
2014 से शुरू हुए स्वच्छ भारत मिशन से पहले भी निर्मल भारत अभियान समेत कई योजनाएं चलाई गई, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। ट्रेनर राजीव यादव ने बताया कि 2014 के बाद से लोगों के व्यवहार परिवर्तन पर फोकस किया गया, जिसके लिए गांवों में टिगरिंग, चैंपियंस, वानर सेना, स्वच्छताग्राहियों जैसे टूल्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। 2014 से पहले भी शौचालय बनाए गए, लेकिन उपयोग करने के लिए लोग तैयार नहीं थे। अब लोगों के व्यवहार में परिवर्तन आ रहा है।
विज्ञापन
बाक्स=
जनपद पर 25 और ब्लाक स्तर पर 20 हजार का पुरस्कार
सीडीओ रवि रंजन ने बताया कि बगैर सरकारी मदद के अपनी बहन या भाई को शौचालय बनाकर गिफ्ट देने के लिए एक अगस्त से पांच सितंबर 2018 तक आवेदन किया जा सकेगा। बहना नंबर वन या भाई नंबर वन प्रतियोगिता में 25 सितंबर 2018 तक निर्मित शौचालय के आवेदनों को शामिल किया जाएगा। सगा, चचेरा, ममेरा, फुफेरा और गांव या धर्म का भाई / बहन प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकता है। गिफ्ट किए गए शौचालय के साथ बहन और खुद की फोटो समेत आवेदन पत्र भरकर जिला / ब्लाक स्तर पर स्थापित वाररूम में पांच सितंबर 2018 को 4.30 बजे तक जमा करना होगा। जनपद स्तर पर तीन श्रेष्ठ आवेदनों को 25 हजार का प्रथम, 20 हजार का द्वितीय और 10 हजार का तृतीय पुरस्कार दिया जाएगा। ब्लाक स्तर पर प्रथम पुरस्कार विजेता को 20 हजार, द्वितीय पुरस्कार विजेता को 10 हजार और तृतीय पुरस्कार विजेता को पांच हजार रुपये दिए जाएंगे।
बाक्स=
स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण योजना का शुभारंभ
स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2018 योजना का मितौली और पलिया ब्लाक में शुभारंभ किया गया। डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि भारत सरकार की टीम गांवों में जाकर सर्वेक्षण कर स्वच्छता का तीन बिंदुओं पर मूल्यांकन करेगी। पहले प्रत्यक्ष अवलोकन के 30 प्रतिशत, दूसरे नागरिक फीडबैक के 35 प्रतिशत और तीसरे बिंदु सर्विस लेवल के 35 प्रतिशत अंक प्रदान किए जाएंगे।