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लानियों को खूब लुभा रहे कर्नाटक से आए हाथी
Updated Wed, 09 May 2018 01:16 AM IST
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सैलानियों को खूब लुभा रहे कर्नाटक से आए हाथी
देखने वालों की लगी भीड़, लोग कर रहे पूजा-अर्चना
बांकेगंज। कर्नाटक के बांदीपुर नेशनल पार्क से आए दस हाथियों की पलिया-दुधवा स्टेट हाइवे से सटे वन निगम के पूर्व मैलानी डिपो में विधिवत ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। कर्नाटक से आए हाथी दुधवा नेशनल पार्क के महावतों से चार दिनों में ही खूब घुल मिल गए हैं। हाथियों को लेने गए दुधवा और किशनपुर सेंक्चुरी के वन्यजीव प्रतिपालक डीके चतुर्वेदी को हाथी अच्छी तरह से पहचान गए हैं और उन्हें देखते ही हाथियों की आंखों में चमक दिखाई देने लगती है। यहां के महावत अपने ढंग से हाथियों से मेलजोल बढ़ाने और उन्हें अपनी भाषा में काम काज सिखाने में जुटे हुए हैं।
स्टेट हाइवे से दुधवा जाने वाले सैलानियों को भी हाथी खूब लुभा रहे हैं। उधर से गुजरने वाले सभी सैलानी यहां रुककर इन हाथियों का दीदार जरूर करते हैं। आसपास रहने वाले लोग खासकर महिलाएं और बच्चे इन हाथियों के प्रति काफी उत्साहित दिखई पड़ रहे हैं। बच्चे जहां हाथियों को चारा खिलाते नजर आते हैं, वहीं महिलाएं घर से लाई गुड़, केले और अन्य खाद्य सामग्री उन्हें खिला रहीं हैं। अपनी आवभगत से गदगद हाथी महिलाओं के हाथों पर अपनी सूढ़ रखकर उनका आभार जताते नजर आ रहे हैं। हाथियों के दोनों बच्चे यहां आने वाले बच्चों के साथ खूब खेलकूद रहे हैं। डायना की कॉफ (बच्चा) कावेरी और टरेसा की मेघना बच्चों के साथ खेलने-कूदने में लगे हैं, लेकिन उनकी मां उन्हें अपने से दूर नहीं होने दे रही है। बावजूद इसके हाथियों के बच्चे मां की नजरों से बचते हुए बच्चों के पास तक पहुंच रहे हैं।
उधर दुधवा नेशनल पार्क उप-निदेशक महावीर कौजलगि ने बताया कि कर्नाटक से आए हाथियों की ट्रेनिंग शुरू हो गई है। यहां के महावत उन्हें प्रशिक्षण दे रहे हैं, इसमें कर्नाटक से आए महावत उनका सहयोग कर रहे हैं। हाथियों को देखने के लिए जिस तरह भीड़ उमड़ रही है उससे यह अहसास होता है कि यहां के लोगों का वन्यजीवों के प्रति गहरा लगाव है। हाथियों को समय पर भोजन पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। स्थानीय पशु चिकित्सक लगातार उनकी सेहत की जांच कर रहे हैं।
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उप-निदेशक बफरजोन ने हाथियों का जाना हाल
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन उप निदेशक डॉ. अनिल पटेल मंगलवार अलसुबह बेस कैंप पहुंचे। जहां उन्होंने महावतों और वनकर्मियों से कर्नाटक से आए हाथियों का हाल चाल लिया। उनकी गतिविधियों को देखा। इस दौरान डीडी वॉटरहोल में नहा रहे हाथियों को निहारते हुए काफी खुश नजर आए।
सैलानियों को खूब लुभा रहे कर्नाटक से आए हाथी
देखने वालों की लगी भीड़, लोग कर रहे पूजा-अर्चना
बांकेगंज। कर्नाटक के बांदीपुर नेशनल पार्क से आए दस हाथियों की पलिया-दुधवा स्टेट हाइवे से सटे वन निगम के पूर्व मैलानी डिपो में विधिवत ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। कर्नाटक से आए हाथी दुधवा नेशनल पार्क के महावतों से चार दिनों में ही खूब घुल मिल गए हैं। हाथियों को लेने गए दुधवा और किशनपुर सेंक्चुरी के वन्यजीव प्रतिपालक डीके चतुर्वेदी को हाथी अच्छी तरह से पहचान गए हैं और उन्हें देखते ही हाथियों की आंखों में चमक दिखाई देने लगती है। यहां के महावत अपने ढंग से हाथियों से मेलजोल बढ़ाने और उन्हें अपनी भाषा में काम काज सिखाने में जुटे हुए हैं।
स्टेट हाइवे से दुधवा जाने वाले सैलानियों को भी हाथी खूब लुभा रहे हैं। उधर से गुजरने वाले सभी सैलानी यहां रुककर इन हाथियों का दीदार जरूर करते हैं। आसपास रहने वाले लोग खासकर महिलाएं और बच्चे इन हाथियों के प्रति काफी उत्साहित दिखई पड़ रहे हैं। बच्चे जहां हाथियों को चारा खिलाते नजर आते हैं, वहीं महिलाएं घर से लाई गुड़, केले और अन्य खाद्य सामग्री उन्हें खिला रहीं हैं। अपनी आवभगत से गदगद हाथी महिलाओं के हाथों पर अपनी सूढ़ रखकर उनका आभार जताते नजर आ रहे हैं। हाथियों के दोनों बच्चे यहां आने वाले बच्चों के साथ खूब खेलकूद रहे हैं। डायना की कॉफ (बच्चा) कावेरी और टरेसा की मेघना बच्चों के साथ खेलने-कूदने में लगे हैं, लेकिन उनकी मां उन्हें अपने से दूर नहीं होने दे रही है। बावजूद इसके हाथियों के बच्चे मां की नजरों से बचते हुए बच्चों के पास तक पहुंच रहे हैं।
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उधर दुधवा नेशनल पार्क उप-निदेशक महावीर कौजलगि ने बताया कि कर्नाटक से आए हाथियों की ट्रेनिंग शुरू हो गई है। यहां के महावत उन्हें प्रशिक्षण दे रहे हैं, इसमें कर्नाटक से आए महावत उनका सहयोग कर रहे हैं। हाथियों को देखने के लिए जिस तरह भीड़ उमड़ रही है उससे यह अहसास होता है कि यहां के लोगों का वन्यजीवों के प्रति गहरा लगाव है। हाथियों को समय पर भोजन पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। स्थानीय पशु चिकित्सक लगातार उनकी सेहत की जांच कर रहे हैं।
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उप-निदेशक बफरजोन ने हाथियों का जाना हाल
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन उप निदेशक डॉ. अनिल पटेल मंगलवार अलसुबह बेस कैंप पहुंचे। जहां उन्होंने महावतों और वनकर्मियों से कर्नाटक से आए हाथियों का हाल चाल लिया। उनकी गतिविधियों को देखा। इस दौरान डीडी वॉटरहोल में नहा रहे हाथियों को निहारते हुए काफी खुश नजर आए।