{"_id":"5a390f144f1c1b6e468bb7c0","slug":"141513688852-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठंड और कोहरे के चलते स्कूलों का समय बदला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठंड और कोहरे के चलते स्कूलों का समय बदला
Updated Tue, 19 Dec 2017 11:18 PM IST
विज्ञापन
cold
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी।
कड़ाके की ठंड और कोहरे के चलते प्रशासन अलर्ट हुआ है। डीएम एसके सिंह के निर्देश पर बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने नर्सरी से कक्षा आठ तक के सभी सरकारी/प्राइवेट स्कूल का समय बदल दिया है। नर्सरी से कक्षा आठ तक के बच्चों की कक्षाएं सुबह 10 बजे से अपरान्ह् तीन बजे तक संचालित की जाएंगी। इससे बच्चे ठंड से बचेंगे और अभिभावकों को भी थोड़ी राहत मिलेगी।
परिषदीय स्कूलों में बगैर स्वेटर के ठंड से कांपते बच्चों का मामला अमर उजाला ने 19 दिसंबर को ‘भीषण सर्दी में ठिठुर रहे परिषदीय स्कूलों के बच्चे’ शीर्षक से प्रकाशित कर जिला प्रशासन को अलर्ट किया था। वजह थी कि जिले के काफी विद्यालयों में अभी बच्चों को जूते, मोजे और स्वेटर नहीं बांटे जा चुके है, जिसमें स्वेटर का मामला शायद शासन स्तर पर ही अटका है। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए बच्चे (केवल यूनिफार्म पहने) स्कूलों में घास-फूस जलाकर आग का सहारा लेने को मजबूर हैं। ऐसे में शिक्षक भी बच्चों को ठंड से बचाने का इंतजाम नहीं कर सकते, सिर्फ बाहर धूप में बैठाकर हाजिरी ली जा रही है। जबकि सोमवार को ही कोहरे के चलते दो स्कूल बसों के साथ हादसे हुए थे। इसके बाद बच्चों और उनके अभिभावकों में सुरक्षा को लेकर डर पैदा हो गया है, लेकिन अब समय बदलने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित अभिभावकों को राहत मिलेगी।
कोहरे में सुरक्षा पर अभी कई सवाल
स्कूलों का समय बदले जाने से बच्चों को ठंड से राहत मिलेगी, लेकिन वैन और बसों से स्कूल जानेे वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल अभी बना हुआ है। वजह है कि शहर के कई स्कूलों में पढ़ाई के लिए काफी दूर से बच्चे आते हैं। सूत्रों के मुताबिक बच्चे पढ़ाई के लिए प्रतिदिन 80 से 100 किमी तक सफर कर रहे हैं, जो अपने घर से तीन घंटे पहले (सुबह पांच से छह बजे तक) बस या वैन से रवाना होते हैं। कोहरे के समय को लेकर पूर्वानुमान लगाना थोड़ा मुश्किल जरूर है, लेकिन आमतौर पर कोहरा सुबह नौ से 10 बजे तक छंटता है। कभी तो हालात इससे ज्यादा खराब हो जाते हैं, जब कई दिनों तक सूरज की रोशनी मिलना मुश्किल हो जाता है। इस आदेश के बाद भी 40 से 50 किमी दूर से स्कूल आने वाले बच्चों को इसका लाभ कम ही मिल पाएगा।
विज्ञापन
सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों (सीबीएसई/आईसीएसई) पर आदेश का कड़ाई से अनुपालन कराने के आदेश खंड शिक्षाधिकारियों को दिया गया है। कोई भी स्कूल सुबह 10 बजे से पहले कक्षाएं संचालित नहीं करेगा। यदि कोई उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए
विज्ञापन
कड़ाके की ठंड और कोहरे के चलते प्रशासन अलर्ट हुआ है। डीएम एसके सिंह के निर्देश पर बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने नर्सरी से कक्षा आठ तक के सभी सरकारी/प्राइवेट स्कूल का समय बदल दिया है। नर्सरी से कक्षा आठ तक के बच्चों की कक्षाएं सुबह 10 बजे से अपरान्ह् तीन बजे तक संचालित की जाएंगी। इससे बच्चे ठंड से बचेंगे और अभिभावकों को भी थोड़ी राहत मिलेगी।
परिषदीय स्कूलों में बगैर स्वेटर के ठंड से कांपते बच्चों का मामला अमर उजाला ने 19 दिसंबर को ‘भीषण सर्दी में ठिठुर रहे परिषदीय स्कूलों के बच्चे’ शीर्षक से प्रकाशित कर जिला प्रशासन को अलर्ट किया था। वजह थी कि जिले के काफी विद्यालयों में अभी बच्चों को जूते, मोजे और स्वेटर नहीं बांटे जा चुके है, जिसमें स्वेटर का मामला शायद शासन स्तर पर ही अटका है। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए बच्चे (केवल यूनिफार्म पहने) स्कूलों में घास-फूस जलाकर आग का सहारा लेने को मजबूर हैं। ऐसे में शिक्षक भी बच्चों को ठंड से बचाने का इंतजाम नहीं कर सकते, सिर्फ बाहर धूप में बैठाकर हाजिरी ली जा रही है। जबकि सोमवार को ही कोहरे के चलते दो स्कूल बसों के साथ हादसे हुए थे। इसके बाद बच्चों और उनके अभिभावकों में सुरक्षा को लेकर डर पैदा हो गया है, लेकिन अब समय बदलने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित अभिभावकों को राहत मिलेगी।
विज्ञापन
कोहरे में सुरक्षा पर अभी कई सवाल
स्कूलों का समय बदले जाने से बच्चों को ठंड से राहत मिलेगी, लेकिन वैन और बसों से स्कूल जानेे वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल अभी बना हुआ है। वजह है कि शहर के कई स्कूलों में पढ़ाई के लिए काफी दूर से बच्चे आते हैं। सूत्रों के मुताबिक बच्चे पढ़ाई के लिए प्रतिदिन 80 से 100 किमी तक सफर कर रहे हैं, जो अपने घर से तीन घंटे पहले (सुबह पांच से छह बजे तक) बस या वैन से रवाना होते हैं। कोहरे के समय को लेकर पूर्वानुमान लगाना थोड़ा मुश्किल जरूर है, लेकिन आमतौर पर कोहरा सुबह नौ से 10 बजे तक छंटता है। कभी तो हालात इससे ज्यादा खराब हो जाते हैं, जब कई दिनों तक सूरज की रोशनी मिलना मुश्किल हो जाता है। इस आदेश के बाद भी 40 से 50 किमी दूर से स्कूल आने वाले बच्चों को इसका लाभ कम ही मिल पाएगा।
विज्ञापन
सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों (सीबीएसई/आईसीएसई) पर आदेश का कड़ाई से अनुपालन कराने के आदेश खंड शिक्षाधिकारियों को दिया गया है। कोई भी स्कूल सुबह 10 बजे से पहले कक्षाएं संचालित नहीं करेगा। यदि कोई उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए