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Lakhimpur Kheri News: 14 दिन शेष, क्रय केंद्रों पर सन्नाटे के बाद भी 75 प्रतिशत पूरी हुई खरीद
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राजापुर मंडी में बने केंद्र पर पसरा सन्नाटा-संवाद
लखीमपुर खीरी। तीन अक्तूबर से शुरू हुई धान खरीद 31 जनवरी को समाप्त हो जाएगी। करीब चार महीनों तक चली खरीद के बाद भी अब तक 75 प्रतिशत धान खरीद ही हो पाई है। हालांकि, यह खरीद तब हुई जब कई-कई दिन तक धान खरीद सेंटरों पर सन्नाटा पसरा रहा। इस बार पांच एजेंसियों के 169 क्रय केंद्रों पर खरीद हो रही थी।
किसान अपना धान सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचें और उसे फसल का सही रेट मिले, इसको लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए थे। चार महीने चलने वाली धान खरीद को लेकर ढाई लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया गया था। शुरुआती दिनों से ही क्रय केंद्रों पर धान खरीद कम हो रही थी इसको लेकर खाद्य आयुक्त और मंत्री निरीक्षण करते हुए नाराजगी जाहिर की थी।
इसके बाद कुछ दिन तक अधिकारियों ने मेहनत की, इसका नतीजा यह निकला था कि धान केंद्रों पर खरीद बढ़ी, लेकिन यह ज्यादा दिन तक नहीं चल सका। ऐसे में लक्ष्य पूरा करने को लेकर अधिकारी चिंतित दिखाई देने लगे थे। वहीं आखिरी दिनों में धान खरीद बढ़ने से भी सवाल उठ रहे हैं। बताते हैं कि राइस मिलों और आढ़तों से खरीदे गए धान की भी सरकारी खरीद हो गई। उधर, क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा और खरीद तेजी नहीं पकड़ पाई। जो लक्ष्य एक महीने पहले ही पूरा हो जाना चाहिए था वह अब तक महज 75 प्रतिशत तक ही पहुंच सका है। खरीद समाप्त होने में अभी 14 दिन बाकी हैं, अधिकारी लक्ष्य को पूरा करने के लिए हर मुमकिन प्रयास करने में जुटे हुए हैं।
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पीसीआई ने सबसे कम खरीदा धान
धान खरीद को लेकर पांच एजेंसियों के कुल 169 केंद्र खोले गए थे। इसमें अब तक सबसे कम खरीद एफसीआई ने की है। साढ़ेे तीन माह चलने वाली धान खरीद की प्रक्रिया के दौरान एफसीआई ने महज 42 किसानों से 198 मीट्रिक टन की खरीद की है। इतनी कम खरीद के पीछे एजेंसी के अधिकारियों के अलावा जिला स्तरीय अधिकारी चुप्पी साधे हैं।
केंद्र का नाम-कुल खरीद-कुल किसान
पीसीएफ-45525 मीट्रिक टन -5196
यूपीसीयू-41816 मीट्रिक टन-4656
यूपीएसएस-9398 मीट्रिक टन-1054
एफसीआई-198 मीट्रिक टन-42
एफसीएस-85524 मीट्रिक टन- 9479
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किसान अपना धान सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचें और उसे फसल का सही रेट मिले, इसको लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए थे। चार महीने चलने वाली धान खरीद को लेकर ढाई लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया गया था। शुरुआती दिनों से ही क्रय केंद्रों पर धान खरीद कम हो रही थी इसको लेकर खाद्य आयुक्त और मंत्री निरीक्षण करते हुए नाराजगी जाहिर की थी।
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इसके बाद कुछ दिन तक अधिकारियों ने मेहनत की, इसका नतीजा यह निकला था कि धान केंद्रों पर खरीद बढ़ी, लेकिन यह ज्यादा दिन तक नहीं चल सका। ऐसे में लक्ष्य पूरा करने को लेकर अधिकारी चिंतित दिखाई देने लगे थे। वहीं आखिरी दिनों में धान खरीद बढ़ने से भी सवाल उठ रहे हैं। बताते हैं कि राइस मिलों और आढ़तों से खरीदे गए धान की भी सरकारी खरीद हो गई। उधर, क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा और खरीद तेजी नहीं पकड़ पाई। जो लक्ष्य एक महीने पहले ही पूरा हो जाना चाहिए था वह अब तक महज 75 प्रतिशत तक ही पहुंच सका है। खरीद समाप्त होने में अभी 14 दिन बाकी हैं, अधिकारी लक्ष्य को पूरा करने के लिए हर मुमकिन प्रयास करने में जुटे हुए हैं।
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पीसीआई ने सबसे कम खरीदा धान
धान खरीद को लेकर पांच एजेंसियों के कुल 169 केंद्र खोले गए थे। इसमें अब तक सबसे कम खरीद एफसीआई ने की है। साढ़ेे तीन माह चलने वाली धान खरीद की प्रक्रिया के दौरान एफसीआई ने महज 42 किसानों से 198 मीट्रिक टन की खरीद की है। इतनी कम खरीद के पीछे एजेंसी के अधिकारियों के अलावा जिला स्तरीय अधिकारी चुप्पी साधे हैं।
केंद्र का नाम-कुल खरीद-कुल किसान
पीसीएफ-45525 मीट्रिक टन -5196
यूपीसीयू-41816 मीट्रिक टन-4656
यूपीएसएस-9398 मीट्रिक टन-1054
एफसीआई-198 मीट्रिक टन-42
एफसीएस-85524 मीट्रिक टन- 9479