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जिला अस्पताल में बेड दिलाने के नाम पर वसूली
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लखीमपुर खीरी। ऑपरेशन से लेकर वार्ड में बेड मुहैया कराने से लेकर दवाएं लगवाने तक के नाम पर की जा रही अवैध वसूली को लेकर जिला अस्पताल में हंगामा हो गया है। वसूली से आहत तीमारदार ने सीएमएस को प्रार्थना पत्र देकर रुपये वापस दिलाने की मांग की है। वहीं वार्ड स्टाफ ने तीमारदार के मिलने वालों पर मारपीट और अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
सैधरी गांव निवासी रामचंद्र ने बताया कि पत्नी किरन की पित्त में पथरी थी, जिसका ऑपरेशन कराने के लिए शुक्रवार को जिला अस्पताल में सर्जन डॉ. आरके कोली से उनके कक्ष में मिले। जहां पर उन्होंने एक युवक से मिलने को कहा, जिसने संतोष नाम बताते हुए ऑपरेशन के लिए 4500 रुपये जमा कराए। रामचंद्र का कहना है कि ऑपरेशन के बाद वार्ड में बेड दिलाने के लिए उसी युवक ने दो सौ रुपये लिए, जिसके बाद वार्ड में मौजूद स्टाफ ने दवा लगाने के नाम पर एक बार साठ रुपये फिर सौ रुपये ले लिए। उन्होंने बताया कि पैसे न देने पर वार्ड स्टाफ मरीज की छुट्टी करने की धमकी देने लगा। रामचंद्र ने प्रकरण की सीएमएस से शिकायत करते हुए रुपये वापस दिलाने की मांग की है। उधर वार्ड ब्वाय वीएस दयाल और स्टाफ नर्स सुनीता देवी ने तीमारदार के साथ आए लोगों पर अभद्रता करने एवं सरकारी अभिलेख फाड़ने का आरोप लगाते हुए सीएमएस से आरोपियों पर कार्रवाई कराने की मांग की है।
ऑपरेशन के नाम पर रूपये लिए जाने के मामले की जानकारी नहीं है और न ही किसी संतोष नामक युवक को जानता हूं। तीमारदार जो आरोप लगा रहे हैं वह गलत हैं।
- डॉ. आरके कोली, सर्जन जिला अस्पताल
एडी ने गठित की जांच टीम
जिला अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. संतोष मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच के लिए एडी हेल्थ ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है, जिसमें जेडी लखनऊ मंडल डॉ.एके सिंह, एसीएमओ डॉ. बलबीर सिंह और जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन डॉ. आरसी अग्रवाल शामिल है। एडी ने मामले की जांच जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए हैं।
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सैधरी गांव निवासी रामचंद्र ने बताया कि पत्नी किरन की पित्त में पथरी थी, जिसका ऑपरेशन कराने के लिए शुक्रवार को जिला अस्पताल में सर्जन डॉ. आरके कोली से उनके कक्ष में मिले। जहां पर उन्होंने एक युवक से मिलने को कहा, जिसने संतोष नाम बताते हुए ऑपरेशन के लिए 4500 रुपये जमा कराए। रामचंद्र का कहना है कि ऑपरेशन के बाद वार्ड में बेड दिलाने के लिए उसी युवक ने दो सौ रुपये लिए, जिसके बाद वार्ड में मौजूद स्टाफ ने दवा लगाने के नाम पर एक बार साठ रुपये फिर सौ रुपये ले लिए। उन्होंने बताया कि पैसे न देने पर वार्ड स्टाफ मरीज की छुट्टी करने की धमकी देने लगा। रामचंद्र ने प्रकरण की सीएमएस से शिकायत करते हुए रुपये वापस दिलाने की मांग की है। उधर वार्ड ब्वाय वीएस दयाल और स्टाफ नर्स सुनीता देवी ने तीमारदार के साथ आए लोगों पर अभद्रता करने एवं सरकारी अभिलेख फाड़ने का आरोप लगाते हुए सीएमएस से आरोपियों पर कार्रवाई कराने की मांग की है।
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ऑपरेशन के नाम पर रूपये लिए जाने के मामले की जानकारी नहीं है और न ही किसी संतोष नामक युवक को जानता हूं। तीमारदार जो आरोप लगा रहे हैं वह गलत हैं।
- डॉ. आरके कोली, सर्जन जिला अस्पताल
एडी ने गठित की जांच टीम
जिला अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. संतोष मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच के लिए एडी हेल्थ ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है, जिसमें जेडी लखनऊ मंडल डॉ.एके सिंह, एसीएमओ डॉ. बलबीर सिंह और जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन डॉ. आरसी अग्रवाल शामिल है। एडी ने मामले की जांच जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए हैं।
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