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मांगे पूरी न होने से नाराज प्रधानों ने किया कार्य बहिष्कार
Updated Thu, 14 Dec 2017 07:55 PM IST
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काम राोका
- फोटो : अमर उजाला
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निघासन। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में विभिन्न मांगों को लेकर ग्राम प्रधानों ने सांकेतिक धरना देकर मांगें पूरी न होने तक कार्य बहिष्कार का एलान किया है। साथ ही उन्होंने ब्लॉक गेट पर ताला लगाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यदि मांगें पूरी न हुईं तो वृहद स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
गेस्ट हाउस में आयोजित धरनास्थल पर ग्राम प्रधान संगठन जिलाध्यक्ष ज्वाला प्रसाद गुप्ता ने कहा कि प्रधानों का उत्पीड़न अधिकारी और कर्मचारी कर रहे हैं। आरोप है कि कोई भी कार्य करने से पहले ब्लॉक कर्मचारी कमीशन पहले ले लेते हैं। आरोप है कि गुणवत्ता के लिए सरकार दबाव बना रही है, जबकि सीमेंट का रेट 230 रुपये और ईंटा 4900 रुपये में कर दिया गया है, जबकि असल में बाजार भाव 350 रुपये प्रति बोरी सीमेंट और ईंटा पांच हजार से छह हजार रुपये है। ऐसी स्थिति में प्रधान विकास कार्य कराने के लिए अपनी जेब से भुगतान नहीं करा सकता है।
ब्लॉक संघ के अध्यक्ष श्रवण यादव ने कहा कि शौचालय निर्माण को मनरेगा से न जोड़ा जाए। साथ ही प्रधानों का एक मीटिंग हाल बनवाया जाए। उन्होंने कहा कि ब्लॉक के सभी प्रधान किसान हैं। चीनी मिलें चालू हुए एक माह हो गया है। अभी तक अर्ली गन्ने की पर्ची आ रही है। सामान्य गन्ने की पर्चियां न आने से खेत में पेड़ी गन्ना खड़ा है, जिससे गेहूं आदि फसलें बोने में समस्या आ रही है। इस दौरान प्रधान जगदीप सिंह, नुरूल हसन, रमेश लोधी, अनिल यादव, दामोदर वर्मा, केडी, मोहम्मद मियां, रामकुमार मौर्य, विमल, अफलाक, जलीस अहमद, बेनीमाधव, रामपाल, तरजिंदर सिंह, अजय गर्ग आदि प्रधान मौजूद रहे।
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गेस्ट हाउस में आयोजित धरनास्थल पर ग्राम प्रधान संगठन जिलाध्यक्ष ज्वाला प्रसाद गुप्ता ने कहा कि प्रधानों का उत्पीड़न अधिकारी और कर्मचारी कर रहे हैं। आरोप है कि कोई भी कार्य करने से पहले ब्लॉक कर्मचारी कमीशन पहले ले लेते हैं। आरोप है कि गुणवत्ता के लिए सरकार दबाव बना रही है, जबकि सीमेंट का रेट 230 रुपये और ईंटा 4900 रुपये में कर दिया गया है, जबकि असल में बाजार भाव 350 रुपये प्रति बोरी सीमेंट और ईंटा पांच हजार से छह हजार रुपये है। ऐसी स्थिति में प्रधान विकास कार्य कराने के लिए अपनी जेब से भुगतान नहीं करा सकता है।
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ब्लॉक संघ के अध्यक्ष श्रवण यादव ने कहा कि शौचालय निर्माण को मनरेगा से न जोड़ा जाए। साथ ही प्रधानों का एक मीटिंग हाल बनवाया जाए। उन्होंने कहा कि ब्लॉक के सभी प्रधान किसान हैं। चीनी मिलें चालू हुए एक माह हो गया है। अभी तक अर्ली गन्ने की पर्ची आ रही है। सामान्य गन्ने की पर्चियां न आने से खेत में पेड़ी गन्ना खड़ा है, जिससे गेहूं आदि फसलें बोने में समस्या आ रही है। इस दौरान प्रधान जगदीप सिंह, नुरूल हसन, रमेश लोधी, अनिल यादव, दामोदर वर्मा, केडी, मोहम्मद मियां, रामकुमार मौर्य, विमल, अफलाक, जलीस अहमद, बेनीमाधव, रामपाल, तरजिंदर सिंह, अजय गर्ग आदि प्रधान मौजूद रहे।
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