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ब्लाकों में बीडीओ सुबह नौ बजे से सुनेंगे जनता की शिकायतें

Tue, 13 Jun 2017 05:59 PM IST
Updated Tue, 13 Jun 2017 05:59 PM IST
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ब्लाकों में बीडीओ सुबह नौ बजे से सुनेंगे जनता की शिकायतें

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लखीमपुर खीरी। अब ब्लॉक मुख्यालयों की दशा सुधारने के लिए शासन ने बीडीओ पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ब्लॉक मुख्यालयों पर बीडीओ प्रतिदिन (कार्यदिवस) सुबह नौ से 11 बजे तक आम जनता की शिकायतें सुनेंगे। शिकायतों को उसी दिन निस्तारित कराया जाएगा। गंभीर प्रकरण होने पर बीडीओ मामले में जांच अधिकारी नामित कर अधिकतम तीन दिन में निस्तारण कराएंगे। सप्ताह में एक कार्यदिवस (चयनित) पर पूरा दिन ब्लॉक मुख्यालय पर रहकर बीडीओ अपने मातहतों के साथ बैठक में विकास कार्यों के प्रगति की समीक्षा करेंगे। चयनित दिन की जानकारी सभी को देने के लिए वॉल पेंटिंग कराई जाएगी। जनता के लिए खास यह है कि इस दिन निश्चित तौर पर परिवार रजिस्टर की नकल मिलेगी। ऐसा न होने पर संबंधित कर्मचारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सीडीओ अमित सिंह बंसल ने प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप नीतियां लागू करने के आदेश दिए हैं, जिसमें ब्लॉक माध्यम से संचालित सभी योजनाओं और कार्यों में शत-प्रतिशत पारदर्शिता लाना शामिल है। सीडीओ ने बीडीओ को पत्र जारी कर आदेश दिए हैैं कि जन समस्याओं को सुनकर मौके पर निस्तारण कराएंगे। गंभीर प्रकरणों में भी तीन दिन के अंदर निस्तारण करा दिया जाए, जिसके लिए स्पष्ट तिथि का उल्लेख किया जाएगा। सभी बीडीओ सप्ताह में एक दिन निर्धारित कर उसी दिन प्रति सप्ताह ब्लॉक स्तरीय अधिकारी-कर्मचारियों के साथ बैठक कर कार्यों की समीक्षा करेंगे। निर्धारित दिवस पर सभी कर्मचारियों को उपस्थित रहना होगा। ताकि जनता को उसी दिन परिवार रजिस्टर की नकल उपलब्ध कराई जा सके।
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शासन की मंशानुरूप कार्य नहीं कर रहे बीडीओ
लखनऊ में 10 जून को मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में मिले निर्देशों के अलावा बीडीओ के कार्य-व्यवहार खराब पाई गई है। खासकर बीडीओ द्वारा ग्राम पंचायतों में भ्रमण नहीं किया जा रहा है और न ही निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। इससे गड़बड़ियों के कई मामले सामने आ चुके हैं। सीडीओ ने सभी बीडीओ को निर्देश दिए हैं कि सप्ताह में कम से कम तीन दिन गांवों का भ्रमण करेंगे और निर्माण कार्यों को गुणवत्तापरक बनाने के लिए भौतिक प्रगति जानेंगे। निर्माण कार्यों के तीन चरणों पर फोटोग्राफी भी कराई जाएगी।
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गांवों को ओडीएफ घोषित कराने की जिम्मेदारी
बीडीओ को अपने ब्लॉक के सभी गांवों को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) कराने के लिए रणनीति बनानी होगी, जिसके लिए एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के बराबर अनुश्रवण करेंगे। साप्ताहिक प्रगति निर्धारित करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सीधे कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।

बाक्स-वर्जन
कोई भी बीडीओ अनुमति लिए बगैर ब्लॉक मुख्यालय से बाहर नहीं जाएगा। मनरेगा, ग्राम निधि, क्षेत्र पंचायत, राज्य वित्त, 14वां वित्त आयोग की धनराशि से कराए जाने वाले कार्यों का प्रारंभ से समाप्ति तक बीडीओ स्वयं स्थलीय निरीक्षण करेंगे, जिसकी पत्रावली बनाकर सुरक्षित रखी जाएगी। निरीक्षण के दौरान की गई टिप्पणी की सूचना बीडीओ प्रस्तुत करेंगे। एनआरएलएम के निर्धारित लक्ष्य की 100 प्रतिशत प्राप्ति के लिए बीडीओ कार्ययोजना बनाकर सुनिश्चित करेंगे।
अमित सिंह बंसल, मुख्य विकास अधिकारी
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