{"_id":"5caf75bfbdec22143c036548","slug":"121555002815-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सारस संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए हुई कार्यशाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सारस संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए हुई कार्यशाला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पलियाकलां। उत्तर प्रदेश सारस प्रोटेक्शन सोसाइटी की तरफ से दुधवा टाइगर रिजर्व के पर्यटन परिसर में सारस संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कार्यशाला हुई। इसमें सारस का मानव जीवन में महत्व बताने के साथ ही तकनीकी जानकारियों पर भी चर्चा की गई।
दुधवा के पर्यटन परिसर में आयोजित कार्यशाला का विषय उत्तर प्रदेश में सारस संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु अवेयरनेस एवं तकनीकी जानकारी था। कार्यशाला में पक्षी विशेषज्ञ डॉ. असद रहमानी ने सारस व उसके लिए किए जा रहे संरक्षण के प्रयासों पर जानकारी दी। साथ ही इस पक्षी के प्रकृति वास, रहन-सहन व जीवन के बारे में बताया गया। पार्क के डीडी महावीर कौजलगि ने भी मानव जीवन में सारस का महत्व बताया। कार्यशाला में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया के डॉ. मुदित गुप्ता, कतरनिया घाट फांउडेशन के समन्वयक फजलुर रहमान, किशनपुर वन्यजीव विहार के वन्यजीव प्रतिपालक तौफीक अहमद के साथ ही दुधवा रेंज के सभी रेंज अधिकारी, वन दरोगा, वनरक्षक व फील्ड स्टाफ मौजूद रहा।
विज्ञापन
दुधवा के पर्यटन परिसर में आयोजित कार्यशाला का विषय उत्तर प्रदेश में सारस संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु अवेयरनेस एवं तकनीकी जानकारी था। कार्यशाला में पक्षी विशेषज्ञ डॉ. असद रहमानी ने सारस व उसके लिए किए जा रहे संरक्षण के प्रयासों पर जानकारी दी। साथ ही इस पक्षी के प्रकृति वास, रहन-सहन व जीवन के बारे में बताया गया। पार्क के डीडी महावीर कौजलगि ने भी मानव जीवन में सारस का महत्व बताया। कार्यशाला में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया के डॉ. मुदित गुप्ता, कतरनिया घाट फांउडेशन के समन्वयक फजलुर रहमान, किशनपुर वन्यजीव विहार के वन्यजीव प्रतिपालक तौफीक अहमद के साथ ही दुधवा रेंज के सभी रेंज अधिकारी, वन दरोगा, वनरक्षक व फील्ड स्टाफ मौजूद रहा।
विज्ञापन