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डब्ल्यूटीआई टीम ने बाघ के पगचिन्हों का किया निरीक्षण
Updated Sat, 30 Jun 2018 12:04 AM IST
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फोटो-29एलकेएच 201 और 202
डब्ल्यूटीआई टीम ने बाघ के पगचिह्नों का किया निरीक्षण
सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई बाघ की लोकेशन
ममरी। सुंदरपुर अयोध्यापुर घमहाघाट के पास एक महीने से दशहत का पर्याय बने बाघ के शुक्रवार सुबह मानसिंह के खेत में पग चिह्न फिर मिलने और उसके दहाड़ से गांव वालों के होश उड़ गए। गांव वालों की सूचना पर रेंजर एसएन यादव आदि वनकर्मियों संग गांव पहुंची डब्लूटीआई टीम ने पग चिह्नों का निरीक्षण किया और लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में मौजूद बाघ की तस्वीर देखी। टीम ने माना कि बाघ गन्ने के खेत में मौजूद है।
डब्लूटीआई के वैज्ञानिकों ने मौके का निरीक्षण और कैमरों की फुटेज में मौजूद बाघ की तस्वीर देखने के बाद सुंदरपुर गांव में ग्रामीणों के साथ एक बैठक कर जानकारी की। प्रधान रामबिलास चौधरी, बीडीसी रामकुमार वर्मा आदि ग्रामीणों ने वैज्ञानिकों, रेंजर एसएन यादव को बताया कि शुक्रवार सुबह बाघ के उसी स्थान पर फिर दहाड़ने की आवाज सुनाई दी, जिस स्थान पर बाघ ने 18 जून को सुंदरपुर के किसान बालकराम पर हमला करके मार डाला था। रेंजर ने बताया कि लोकेशन का पता लगाने के लिए दो कैमरे और बढ़ा दिए गए हैं साथ ही वन कर्मियों की टीम निगरानी में लगा दी गई है। डब्ल्यूटीआई टीम ने अगली व्यवस्था होने तक गांव वालों से सतर्क रहने और धैर्य बनाए रखने को कहा है। बताया कि कैमरे में कैद हुई तस्वीरे उच्चाधिकारियों के पास लखनऊ भेजी गई है।
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डब्ल्यूटीआई टीम ने बाघ के पगचिह्नों का किया निरीक्षण
सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई बाघ की लोकेशन
ममरी। सुंदरपुर अयोध्यापुर घमहाघाट के पास एक महीने से दशहत का पर्याय बने बाघ के शुक्रवार सुबह मानसिंह के खेत में पग चिह्न फिर मिलने और उसके दहाड़ से गांव वालों के होश उड़ गए। गांव वालों की सूचना पर रेंजर एसएन यादव आदि वनकर्मियों संग गांव पहुंची डब्लूटीआई टीम ने पग चिह्नों का निरीक्षण किया और लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में मौजूद बाघ की तस्वीर देखी। टीम ने माना कि बाघ गन्ने के खेत में मौजूद है।
डब्लूटीआई के वैज्ञानिकों ने मौके का निरीक्षण और कैमरों की फुटेज में मौजूद बाघ की तस्वीर देखने के बाद सुंदरपुर गांव में ग्रामीणों के साथ एक बैठक कर जानकारी की। प्रधान रामबिलास चौधरी, बीडीसी रामकुमार वर्मा आदि ग्रामीणों ने वैज्ञानिकों, रेंजर एसएन यादव को बताया कि शुक्रवार सुबह बाघ के उसी स्थान पर फिर दहाड़ने की आवाज सुनाई दी, जिस स्थान पर बाघ ने 18 जून को सुंदरपुर के किसान बालकराम पर हमला करके मार डाला था। रेंजर ने बताया कि लोकेशन का पता लगाने के लिए दो कैमरे और बढ़ा दिए गए हैं साथ ही वन कर्मियों की टीम निगरानी में लगा दी गई है। डब्ल्यूटीआई टीम ने अगली व्यवस्था होने तक गांव वालों से सतर्क रहने और धैर्य बनाए रखने को कहा है। बताया कि कैमरे में कैद हुई तस्वीरे उच्चाधिकारियों के पास लखनऊ भेजी गई है।
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