{"_id":"5af0a67b4f1c1b3b0b8b898a","slug":"121525720699-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब लोगों की फाइलें दबा नहीं सकेंगे अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब लोगों की फाइलें दबा नहीं सकेंगे अधिकारी
Updated Tue, 08 May 2018 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी।
अब लोगों की फाइलें दबा नहीं सकेंगे अधिकारी
क्रासर......
जल्द ही दफ्तरों में पेपरलेस हो जाएगा कामकाज
जिले के 79 दफ्तर ई-आफिस प्रणाली से होंगे लैस
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। सरकारी दफ्तरों को पेपरलेस करने के लिए ई-आफिस प्रणाली से लैस किया जाएगा, जिसके बाद लोगों की फाइलों को अधिकारी/कर्मचारी दबा नहीं सकेंगे। इस सिस्टम में आनलाइन फाइलों का निस्तारण किया जाएगा, जिससे लोगों को अपनी फाइल के बारे में पता करने में आसानी होगी कि फाइल किस स्थिति में है। यदि फाइल को पेंडिंग किया जाता है, तो जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी को दंडित करना आसान हो जाएगा।
जनपद के सभी 79 दफ्तरों को ई-आफिस प्रणाली से जोड़ा जाएगा, जिनमें एक जुलाई 2018 से सारा काम पेपरलेस होने लगेगा। डीएसटीओ तिलक सिंह ने बताया है कि मुख्यमंत्री ने जनपद स्तर के समस्त कार्यालयों में एक जुलाई 2018 से ई-आफिस व्यवस्था लागू करने के आदेश दिए हैं, जिससे पहले सात मई 2018 को समस्त सचिवालयों में ई-आफिस प्रणाली लागू कर दी गई है। जनपद के 79 दफ्तरों के समस्त पटल सहायकों (जो पत्रावलियों पर हस्ताक्षर कर आगे बढ़ाते हैं) और अधिकारियों का डेटा बेस मांगा गया है, जिसके लिए डीएम ने सभी अधिकारियों को तीन दिन का समय दिया है। इस व्यवस्था को समय पर लागू कराने के लिए शासन ने सीडीओ को नोडल अधिकारी नामित किया है। इस व्यवस्था से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-आफिस प्रपत्र पर विवरण भरकर देना है, जिसमें आधार, पैन कार्ड, विभाग से जारी प्रमाण पत्र आदि संलग्र करना है।
बाक्स=
डिजीटल सिग्रेचर से आगे बढ़ेंगी फाइलें
ई-आफिस प्रणाली पर कामकाज होने से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजीटल सिग्रेचर की आवश्यकता होगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रानिक्स कारपोरेशन की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू यूपीएलसी डाट इन पर आवेदन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद आवेदन पत्र का प्रिंटआउट डीएसटीओ कार्यालय में जमा करना होगा। खास बात यह है कि पैन कार्ड के हस्ताक्षर से अधिकारी/कर्मचारी के डिजीटल सिग्रेचर का मिलान कराया जाएगा।
विज्ञापन
बाक्स=
पुलिस और राजस्व विभाग पर कसेगी नकेल
शिकायत हो या फिर कोई अन्य मामला, सबसे ज्यादा लोगों का वास्ता पुलिस और राजस्व विभाग से पड़ता है। संपूर्ण समाधान दिवस हो या थाना दिवस में सबसे ज्यादा शिकायतों की संख्या इन्हीं विभागों से संबंधित होती है। इसलिए ई-आफिस व्यवस्था लागू होने से लोग आसानी से जान सकेंगे कि उनकी फाइल कहां पेडिंग है, क्योंकि शिकायतें आनलाइन दिखाई देंगी।
बाक्स=वर्जन............
सभी 79 विभागों के दफ्तरों में एक जुलाई से पेपरलेस काम प्रारंभ हो जाएगा, जिसके लिए डेटा बेस की सूचना मांगी गई है। अभी पांच दफ्तरों ने सूचना दी है। शेष 74 दफ्तरों से तीन दिन में सूचना मांगी गई है।
तिलक सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी
===========================
अमित गुप्ता
विज्ञापन
अब लोगों की फाइलें दबा नहीं सकेंगे अधिकारी
क्रासर......
जल्द ही दफ्तरों में पेपरलेस हो जाएगा कामकाज
जिले के 79 दफ्तर ई-आफिस प्रणाली से होंगे लैस
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। सरकारी दफ्तरों को पेपरलेस करने के लिए ई-आफिस प्रणाली से लैस किया जाएगा, जिसके बाद लोगों की फाइलों को अधिकारी/कर्मचारी दबा नहीं सकेंगे। इस सिस्टम में आनलाइन फाइलों का निस्तारण किया जाएगा, जिससे लोगों को अपनी फाइल के बारे में पता करने में आसानी होगी कि फाइल किस स्थिति में है। यदि फाइल को पेंडिंग किया जाता है, तो जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी को दंडित करना आसान हो जाएगा।
जनपद के सभी 79 दफ्तरों को ई-आफिस प्रणाली से जोड़ा जाएगा, जिनमें एक जुलाई 2018 से सारा काम पेपरलेस होने लगेगा। डीएसटीओ तिलक सिंह ने बताया है कि मुख्यमंत्री ने जनपद स्तर के समस्त कार्यालयों में एक जुलाई 2018 से ई-आफिस व्यवस्था लागू करने के आदेश दिए हैं, जिससे पहले सात मई 2018 को समस्त सचिवालयों में ई-आफिस प्रणाली लागू कर दी गई है। जनपद के 79 दफ्तरों के समस्त पटल सहायकों (जो पत्रावलियों पर हस्ताक्षर कर आगे बढ़ाते हैं) और अधिकारियों का डेटा बेस मांगा गया है, जिसके लिए डीएम ने सभी अधिकारियों को तीन दिन का समय दिया है। इस व्यवस्था को समय पर लागू कराने के लिए शासन ने सीडीओ को नोडल अधिकारी नामित किया है। इस व्यवस्था से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-आफिस प्रपत्र पर विवरण भरकर देना है, जिसमें आधार, पैन कार्ड, विभाग से जारी प्रमाण पत्र आदि संलग्र करना है।
विज्ञापन
बाक्स=
डिजीटल सिग्रेचर से आगे बढ़ेंगी फाइलें
ई-आफिस प्रणाली पर कामकाज होने से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजीटल सिग्रेचर की आवश्यकता होगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रानिक्स कारपोरेशन की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू यूपीएलसी डाट इन पर आवेदन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद आवेदन पत्र का प्रिंटआउट डीएसटीओ कार्यालय में जमा करना होगा। खास बात यह है कि पैन कार्ड के हस्ताक्षर से अधिकारी/कर्मचारी के डिजीटल सिग्रेचर का मिलान कराया जाएगा।
विज्ञापन
बाक्स=
पुलिस और राजस्व विभाग पर कसेगी नकेल
शिकायत हो या फिर कोई अन्य मामला, सबसे ज्यादा लोगों का वास्ता पुलिस और राजस्व विभाग से पड़ता है। संपूर्ण समाधान दिवस हो या थाना दिवस में सबसे ज्यादा शिकायतों की संख्या इन्हीं विभागों से संबंधित होती है। इसलिए ई-आफिस व्यवस्था लागू होने से लोग आसानी से जान सकेंगे कि उनकी फाइल कहां पेडिंग है, क्योंकि शिकायतें आनलाइन दिखाई देंगी।
बाक्स=वर्जन............
सभी 79 विभागों के दफ्तरों में एक जुलाई से पेपरलेस काम प्रारंभ हो जाएगा, जिसके लिए डेटा बेस की सूचना मांगी गई है। अभी पांच दफ्तरों ने सूचना दी है। शेष 74 दफ्तरों से तीन दिन में सूचना मांगी गई है।
तिलक सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी
===========================
अमित गुप्ता