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हनुमान जन्मोत्सव पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
Updated Sat, 31 Mar 2018 10:58 PM IST
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लखीमपुर खीरी।
सड़कों पर लहराते केसरिया झंडे, शंख, घंटों की ध्वनि और बजरंगबली के जयकारों के बीच भजन-कीर्तन की धुन पर नाचते, थिरकते हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब शहर की सड़कों पर उमड़ रहा था। यह दृश्य था शनिवार को श्रीहनुमान जन्मोत्सव पर निकली कीर्तनमयी विराट पदयात्रा का। यह पदयात्रा संकटादेवी मंदिर के निकट सुभाष पार्क से निकलकर नौ किलोमीटर दूर गुलरीपुरवा हनुमान मंदिर पहुंची, जहां बालाजी हनुमान के दर्शन पूजन के साथ पदयात्रा का समापन हुआ।
हनुमानजी के जन्मोत्सव पर शनिवार सुबह छह बजे सुभाष पार्क से निकली विराट कीर्तनमयी पदयात्रा सदर चौराहा, मेनरोड, इमली चौराहा, मेला मैदान, मेला रोड, स्टेशन रोड, ओवरब्रिज से होते हुए सीतापुर रोड स्थित गुलरीपुरवा के लिए रवाना हुई। शहर में जिधर से भी यह पदयात्रा गुजरी सैकड़ों लोग इसमें शामिल होते चले गए। एलआरपी चौराहा पहुंचते ही यह पदयात्रा एक जनसैलाब के रूप में नजर आने लगी।
कीर्तनमयी पदयात्रा में शामिल लोग हाथों में केसरिया ध्वज लिए हुए थे। भजन कीर्तन की धुन पर महिला, पुरुष और बच्चे नृत्य कर रहे थे, थिरक रहे थे। बजरंगबली और जय श्रीराम के जयकारे लगा रहे थे। पूरा वातावरण शंख और घंटा-घड़ियाल की धुन से गूंज रहा था। करीब नौ किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा में शामिल लोगों के लिए श्रद्धालुओं ने ठंडे पानी, शर्बत और प्रसाद की व्यवस्था की थी। पदयात्रा में शामिल लोगों में गजब का उत्साह था।
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पदयात्रा के लिए पूरे शहर को तोरणद्वारों, हनुमानजी के चित्रों, बिजली की रंग बिरंगी झालरों, और गुब्बारों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। इस मौके पर शहर के मंदिरों को भी विशेष रूप से सजाया गया था। पदयात्रा के गुलरीपुरवा हनुमान मंदिर पहुंचने पर पदयात्रा में शामिल लोगों ज्ञ्ने हनुमानजी के दर्शन किए। यहां प्रसाद वितरण और भंडारे की भी व्यवस्था की गई थी।
झांकियां और नृत्य रहे पदयात्रा का आकर्षण
कीर्तनमयी पदयात्रा में शामिल देवी देवताओं की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। इनमें हनुमान जी की झांकी के अलावा राम सीता, राम दरबार, शिवजी और राधा कृष्ण की झांकियां शामिल थीं। पदयात्रा के साथ राधाकृष्ण नृत्य करते चल रहे कलाकारों ने अपनी अभिनय और नृत्य कला से सभी का मन मोह लिया। गुलरीपुरवा स्थित हनुमान मंदिर के पास बनाए गए मंच से भी कलाकारों ने धार्मिक प्रसंगों के साथ मनमोहक नृत्य पेश किया।
भक्ति के साथ मस्ती भी
हनुमान जन्मोत्सव पर निकली कीर्तनमयी पदयात्रा के दौरान युवाओं ने भक्ति से साथ जमकर मस्ती भी की। महिलाओं को नृत्य करते हुए सेल्फी लेते देखा गया। भजन कीर्तन की धुन पर महिलाओं और लड़कियों ने झूम-झूम कर नृत्य किया। युवाओं में भी इस मौके पर फोटो खिंचवाने की होड़ लगी रही।
हनुमान जी को अर्पित किया 5100 मीटर का लंगोट
हनुमानजी के जन्मोत्सव पर श्रद्धालुओं ने गुलरीपुरा स्थित हनुमान मंदिर में 5100 मीटर का लाल लंगोट भेंट किया। पांच किलोमीटर 100 मीटर लंबे इस लंगोट को श्रद्धालु पदयात्रा के साथ लेकर चल रहे थे।
डीएम-एसपी भी पैदल चले पदयात्रा के साथ
कीर्तनमयी पदयात्रा में सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। बावजूद इसके डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और एसपी डॉ. एस चन्नप्पा भी सामान्य पदयात्रियों की तरह लखीमपुर से गुलरीपुरवा तक पूरे नौ किलोमीटर तक पैदल चलकर यात्रा पूरी की।
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सड़कों पर लहराते केसरिया झंडे, शंख, घंटों की ध्वनि और बजरंगबली के जयकारों के बीच भजन-कीर्तन की धुन पर नाचते, थिरकते हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब शहर की सड़कों पर उमड़ रहा था। यह दृश्य था शनिवार को श्रीहनुमान जन्मोत्सव पर निकली कीर्तनमयी विराट पदयात्रा का। यह पदयात्रा संकटादेवी मंदिर के निकट सुभाष पार्क से निकलकर नौ किलोमीटर दूर गुलरीपुरवा हनुमान मंदिर पहुंची, जहां बालाजी हनुमान के दर्शन पूजन के साथ पदयात्रा का समापन हुआ।
हनुमानजी के जन्मोत्सव पर शनिवार सुबह छह बजे सुभाष पार्क से निकली विराट कीर्तनमयी पदयात्रा सदर चौराहा, मेनरोड, इमली चौराहा, मेला मैदान, मेला रोड, स्टेशन रोड, ओवरब्रिज से होते हुए सीतापुर रोड स्थित गुलरीपुरवा के लिए रवाना हुई। शहर में जिधर से भी यह पदयात्रा गुजरी सैकड़ों लोग इसमें शामिल होते चले गए। एलआरपी चौराहा पहुंचते ही यह पदयात्रा एक जनसैलाब के रूप में नजर आने लगी।
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कीर्तनमयी पदयात्रा में शामिल लोग हाथों में केसरिया ध्वज लिए हुए थे। भजन कीर्तन की धुन पर महिला, पुरुष और बच्चे नृत्य कर रहे थे, थिरक रहे थे। बजरंगबली और जय श्रीराम के जयकारे लगा रहे थे। पूरा वातावरण शंख और घंटा-घड़ियाल की धुन से गूंज रहा था। करीब नौ किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा में शामिल लोगों के लिए श्रद्धालुओं ने ठंडे पानी, शर्बत और प्रसाद की व्यवस्था की थी। पदयात्रा में शामिल लोगों में गजब का उत्साह था।
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पदयात्रा के लिए पूरे शहर को तोरणद्वारों, हनुमानजी के चित्रों, बिजली की रंग बिरंगी झालरों, और गुब्बारों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। इस मौके पर शहर के मंदिरों को भी विशेष रूप से सजाया गया था। पदयात्रा के गुलरीपुरवा हनुमान मंदिर पहुंचने पर पदयात्रा में शामिल लोगों ज्ञ्ने हनुमानजी के दर्शन किए। यहां प्रसाद वितरण और भंडारे की भी व्यवस्था की गई थी।
झांकियां और नृत्य रहे पदयात्रा का आकर्षण
कीर्तनमयी पदयात्रा में शामिल देवी देवताओं की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। इनमें हनुमान जी की झांकी के अलावा राम सीता, राम दरबार, शिवजी और राधा कृष्ण की झांकियां शामिल थीं। पदयात्रा के साथ राधाकृष्ण नृत्य करते चल रहे कलाकारों ने अपनी अभिनय और नृत्य कला से सभी का मन मोह लिया। गुलरीपुरवा स्थित हनुमान मंदिर के पास बनाए गए मंच से भी कलाकारों ने धार्मिक प्रसंगों के साथ मनमोहक नृत्य पेश किया।
भक्ति के साथ मस्ती भी
हनुमान जन्मोत्सव पर निकली कीर्तनमयी पदयात्रा के दौरान युवाओं ने भक्ति से साथ जमकर मस्ती भी की। महिलाओं को नृत्य करते हुए सेल्फी लेते देखा गया। भजन कीर्तन की धुन पर महिलाओं और लड़कियों ने झूम-झूम कर नृत्य किया। युवाओं में भी इस मौके पर फोटो खिंचवाने की होड़ लगी रही।
हनुमान जी को अर्पित किया 5100 मीटर का लंगोट
हनुमानजी के जन्मोत्सव पर श्रद्धालुओं ने गुलरीपुरा स्थित हनुमान मंदिर में 5100 मीटर का लाल लंगोट भेंट किया। पांच किलोमीटर 100 मीटर लंबे इस लंगोट को श्रद्धालु पदयात्रा के साथ लेकर चल रहे थे।
डीएम-एसपी भी पैदल चले पदयात्रा के साथ
कीर्तनमयी पदयात्रा में सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। बावजूद इसके डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और एसपी डॉ. एस चन्नप्पा भी सामान्य पदयात्रियों की तरह लखीमपुर से गुलरीपुरवा तक पूरे नौ किलोमीटर तक पैदल चलकर यात्रा पूरी की।