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अंत्येष्टि की जगह नहीं रेलवे भूमि बन गई श्मसान
Updated Tue, 27 Mar 2018 10:08 AM IST
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रेलवे भूमि को ही बना लिया श्मशान
ग्राम समाज की खाली जगह पर है अवैध कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो
बेलराया। सभी ग्राम पंचायतों और उनके मजरों में श्मशान, खलिहान, आबादी और चारागाह की जगह सुरक्षित की जाती है, लेकिन शायद बेलरायां एक ऐसा कस्बा होगा जहां श्मशान की जगह नहीं हैं। लोगों को अपनों की अंत्येष्टि रेलवे लाइन के किनारे रेल विभाग की भूमि पर करनी पड़ती है। ग्राम समाज की काफी भूमि है, जिस पर लोगों ने कब्जा जमा रखा है।
निघासन तहसील की ग्राम पंचायत भेड़ौरी में कई मजरें हैं। इसमें से बेलरायां भी एक है। सभी मजरों में तो श्मशान की भूमि आरक्षित है, लेकिन सर्वाधिक आबादी वाले बेलरायां में श्मशान के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी गई है। इससे लोगों को रेलवे की भूमि पर स्थित पुरैना तालाब के किनारे अपनों की अंत्येष्टि करनी पड़ती है। ग्राम समाज की भूमि पर पड़ोस के एक खेत स्वामी ने कब्जा कर अपने खेत में मिला है। कसबा बेलरायां के ग्रामीणों ने एसडीएम निघासन को मामले की लिखित शिकायत की है और ग्राम समाज की भूमि को कब्जा मुक्त कराकर उसे श्मशान के रूप में आरक्षित कराने की मांग की है।
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ग्राम समाज की खाली जगह पर है अवैध कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो
बेलराया। सभी ग्राम पंचायतों और उनके मजरों में श्मशान, खलिहान, आबादी और चारागाह की जगह सुरक्षित की जाती है, लेकिन शायद बेलरायां एक ऐसा कस्बा होगा जहां श्मशान की जगह नहीं हैं। लोगों को अपनों की अंत्येष्टि रेलवे लाइन के किनारे रेल विभाग की भूमि पर करनी पड़ती है। ग्राम समाज की काफी भूमि है, जिस पर लोगों ने कब्जा जमा रखा है।
निघासन तहसील की ग्राम पंचायत भेड़ौरी में कई मजरें हैं। इसमें से बेलरायां भी एक है। सभी मजरों में तो श्मशान की भूमि आरक्षित है, लेकिन सर्वाधिक आबादी वाले बेलरायां में श्मशान के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी गई है। इससे लोगों को रेलवे की भूमि पर स्थित पुरैना तालाब के किनारे अपनों की अंत्येष्टि करनी पड़ती है। ग्राम समाज की भूमि पर पड़ोस के एक खेत स्वामी ने कब्जा कर अपने खेत में मिला है। कसबा बेलरायां के ग्रामीणों ने एसडीएम निघासन को मामले की लिखित शिकायत की है और ग्राम समाज की भूमि को कब्जा मुक्त कराकर उसे श्मशान के रूप में आरक्षित कराने की मांग की है।
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