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सुरक्षा और संरक्षण का खाका तैयार

Sun, 11 Feb 2018 11:02 PM IST
Updated Sun, 11 Feb 2018 11:02 PM IST
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सुरक्षा और संरक्षण का खाका तैयार
सुरक्षा और संरक्षण का खाका तैयार - फोटो : लखीमपुर खीरी, अमर उजाला
पलियाकलां।
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दुधवा नेशनल पार्क में चल रहे तीन दिवसीय बर्ड फेस्टिवल का रविवार को समापन हो गया। फेस्टिवल में पक्षियों की सुरक्षा और संरक्षण का खाका तैयार किया गया तो सैलानियों को लुभाने का भी प्लान बना। पक्षी विशेषज्ञों ने अपने कैमरों में दुधवा के परिंदों को कैद किया। फेस्टिवल में बनी प्लानिंग से जहां पक्षियों को सुरक्षा और संरक्षण मिलेगा, वहीं यहां आने वाले सैलानियों को सुविधाएं देने का बढ़कर प्रयास होगा। तीसरे दिन मेहमानों को सम्मानित कर उनको विदाई दे दी गई।
फिक्की (फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज) और वन विभाग के इस आयोजन में बर्ड लाइफ इंटरनेशनल को अपने बर्ड फेस्टिवल के विस्तार का अवसर जरूर मिला। रविवार की सुबह समापन कार्यक्रम के दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव) एसके उपाध्याय ने बताया कि पक्षी संरक्षण पर जो रिपोर्ट तैयार हुई है वह सीधे सरकार को भेजी जाएगी। इससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र से लोगों का पलायन रोकने में मदद मिलेगी। पक्षी विज्ञानी टिप एपिलटन ने कहा कि चिड़ियों को बचाने में यह आयोजन मील का पत्थर साबित होगा। कुल मिलाकर पक्षियों की सुरक्षा और संरक्षण का खाका तैयार हो चुका है। पक्षियों को बचाने और इन्हें बढ़ाने की मंजिल भी आसान हुई है।
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विदाई के पल हुए भावुक, सभी ने की आयोजन की सराहना
डा. एविल लारेंस ने दुधवा की जैव विविधता की तारीफ करते हुए कहा कि यह काफी सुंदर है उन्हें दोबारा यहां आने का मौका मिला तो वह जरूर आएंगे। बर्ड फेस्टिवल के ब्रांड एंबेस्डर माइक पांडेय ने कहा कि दुधवा सुंदर है और इसकी सुंदरता को लोगों तक पहुंचाने का कोशिश होनी चाहिए। डाक्यूमेंट्री के माध्यम से वह खुद भी दुधवा की सुंदरता से लोगों का परिचय कराने का प्रयास करेंगे। राजस्थान के रिटायर्ड आईएएस विक्रम सिंह ने बताया कि दुधवा में आकर एक सुकून का अनुभव होता है। यह सच में कुदरत की एक बड़ी देन है, जिसे हमें समझने और उसे संवारने की जरूरत है। दुधवा के आस पास बसे लोगों को भी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस करना चाहिए। इसके अलावा पूना से आए सतीश पांडेय, पीसीसीएफ गोवा अजय सक्सेना आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ एसके उपाध्याय ने बताया कि यूपी में पक्षियों की कुल 550 प्रजातियों में से 450 से अधिक सिर्फ दुधवा में ही पाई जाती हैं। इसके बाद यूपी सरकार की ओर से देशी विदेशी मेहमानों का आभार जताते हुए उनको सम्मानित किया गया।
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दुधवा की बेवसाइट हुई लांच
बर्ड फेस्टिवल के दौरान दुधवा नेशनल पार्क की बेवसाइट भी लांच की गई है, जो अपने में दुधवा की पूरी जानकारी समेटे हुए है। इससे दुधवा नेशनल पार्क के बारे में पूरी तरह से जाना जा सकता है।

माइक सिर्फ बर्ड फेस्टिवल के नहीं यूपी टूरिज्म के भी ब्रांड एंबेसडर
प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव श्री उपाध्याय ने बताया कि माइक पांडे फेस्टिवल के साथ ही यूपी टूरिज्म के भी ब्रांड एंबेसडर हैं, उनको मुख्यमंत्री ने यह जिम्मेदारी दी है कि वह जल्द ही इको टूरिज्म बोर्ड का गठन करें। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत हम प्रदेश के पर्यटन स्थलों का विकास करने की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं।


बर्ड फेस्टिवल से रवाना हो गए देशी-विदेशी विशेषज्ञ
पलियाकलां। एक ऐसा भी क्षण था जब दुधवा से विदाई के दौरान देशी-विदेशी विशेषज्ञ भावुक हो उठे। दो दिन में ही ऐसा लग रहा था कि मानों उनका दिल यहीं रह गया हो। इंग्लैंड के रटलैंड बर्ड वाचिंग फेयर के सह संस्थापक तथा जाने-माने पक्षी विशेषज्ञ टिम एपिलटन जब यहां से रवानगी करते हुए निकले तो उन्होंने बॉय-बॉय दुधवा कहा। उनके अलावा देशी-विदेशी सभी मेहमान भावुक होकर अपने-अपने गंतव्यों को रवाना हो गए।

 
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