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डायरिया और बुखार से पीड़ित 12 बच्चे भर्ती, एक की मौत
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आईसीयू वार्ड में भर्ती बच्चे।
हालत नाजुक होने के कारण सभी का आईसीयू वार्ड में हो रहा इलाज
लखीमपुर खीरी। तेज धूप की चपेट में आकर गर्म हवा भी कहर बरपाने लगी है। सबसे ज्यादा बच्चे परेशान हो रहे हैं। पिछले दो दिन में सात बच्चे उल्टी एवं दस्त और पांच बच्चे बुखार आने पर जिला अस्पताल आए। रविवार को बुखार पीड़ित एक ढाई वर्षीय दीपक पुत्र हरिकिशोर की इलाज के दौरान मौत हो गई।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा बताते हैं कि तेज पड़ रही गर्मी से बच्चे बुखार एवं डिहाइड्रेशन की चपेट में आने लगे हैं। इसलिए बच्चों को गर्मी से बचाना बेहद जरूरी है। बच्चों को धूप में घर से बाहर न निकलने दें। उनके खाने पीने पर विशेष ध्यान दें। मौसमी सब्जी और फल का सेवन कराएं। खाना ताजा बना ही खाने के लिए दें। उल्टी दस्त आने पर बच्चों को ओआरएस का घोल दें या फिर नीबू, चीनी व नमक का घोल बनाकर पिलाएं। तीन से चार बार या फिर इससे अधिक संख्या में पतले दस्त आने पर फौरन नजदीकी सरकारी अस्पताल में दिखाएं।
डायरिया के लक्षण
1. बुखार के साथ बदहजमी की शिकायत होना
2. भूख न लगना, मिचली आना
3. उल्टी के साथ पानी जैसे दस्त कई बार आना।
4. कभी कभार उल्टी-दस्त की एक साथ समस्या होना
बचाव के उपाय
1. ओआरएस का घोल एवं नीबू की शिकंजी बनाकर पिलाएं
2. उल्टी-दस्त के साथ बुखार होने पर पानी की भीगी पट्टी माथे पर रखें
3. तली-भुनी चीजों से परहेज कर बासी खाना या नाश्ते का प्रयोग न करें
4. झोलाछाप के बजाय योग्य चिकित्सक से ही इलाज कराएं
गर्मी बढ़ने से बच्चे डायरिया और बुखार की चपेट में आने लगे हैं, जिस बच्चे की मौत हुई है वह बेहद गंभीर हालत में अस्पताल आया था। इस भीषण गर्मी में बच्चों का विशेष ध्यान रखें। तबीयत बिगड़ने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल या फिर जिला अस्पताल लाकर दिखाएं।
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- डॉ. संतोष कुमार मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी जिला अस्पताल
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लखीमपुर खीरी। तेज धूप की चपेट में आकर गर्म हवा भी कहर बरपाने लगी है। सबसे ज्यादा बच्चे परेशान हो रहे हैं। पिछले दो दिन में सात बच्चे उल्टी एवं दस्त और पांच बच्चे बुखार आने पर जिला अस्पताल आए। रविवार को बुखार पीड़ित एक ढाई वर्षीय दीपक पुत्र हरिकिशोर की इलाज के दौरान मौत हो गई।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा बताते हैं कि तेज पड़ रही गर्मी से बच्चे बुखार एवं डिहाइड्रेशन की चपेट में आने लगे हैं। इसलिए बच्चों को गर्मी से बचाना बेहद जरूरी है। बच्चों को धूप में घर से बाहर न निकलने दें। उनके खाने पीने पर विशेष ध्यान दें। मौसमी सब्जी और फल का सेवन कराएं। खाना ताजा बना ही खाने के लिए दें। उल्टी दस्त आने पर बच्चों को ओआरएस का घोल दें या फिर नीबू, चीनी व नमक का घोल बनाकर पिलाएं। तीन से चार बार या फिर इससे अधिक संख्या में पतले दस्त आने पर फौरन नजदीकी सरकारी अस्पताल में दिखाएं।
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डायरिया के लक्षण
1. बुखार के साथ बदहजमी की शिकायत होना
2. भूख न लगना, मिचली आना
3. उल्टी के साथ पानी जैसे दस्त कई बार आना।
4. कभी कभार उल्टी-दस्त की एक साथ समस्या होना
बचाव के उपाय
1. ओआरएस का घोल एवं नीबू की शिकंजी बनाकर पिलाएं
2. उल्टी-दस्त के साथ बुखार होने पर पानी की भीगी पट्टी माथे पर रखें
3. तली-भुनी चीजों से परहेज कर बासी खाना या नाश्ते का प्रयोग न करें
4. झोलाछाप के बजाय योग्य चिकित्सक से ही इलाज कराएं
गर्मी बढ़ने से बच्चे डायरिया और बुखार की चपेट में आने लगे हैं, जिस बच्चे की मौत हुई है वह बेहद गंभीर हालत में अस्पताल आया था। इस भीषण गर्मी में बच्चों का विशेष ध्यान रखें। तबीयत बिगड़ने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल या फिर जिला अस्पताल लाकर दिखाएं।
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- डॉ. संतोष कुमार मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी जिला अस्पताल