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बाघ आकलन के लिए डीटीआर और पीटीआर में लगे 1154 कैमरे

Fri, 31 Dec 2021 01:19 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 31 Dec 2021 01:19 AM IST
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1154 cameras installed in DTR and PTR for tiger estimation
भीरा रेंज में कैमरा लगाते फील्ड कर्मी।
साइन सर्वे का काम पूरा, अब बाघों की तस्वीरों के विश्लेषण से होगी गिनती
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) और पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में बाघ आकलन (एस्टीमेशन) के लिए साइन सर्वे का काम पूरा होने के बाद जंगल में विचरण करने वाले बाघों की गिनती के लिए संबंधित टाइगर रिजर्व में कैमरे लगाने का काम भी पूरा कर लिया गया है। डीटीआर प्रशासन ने इसके लिए दुधवा नेशनल पार्क, किशनपुर सेंक्चुरी समेत बफरजोन के जंगलों में कुल 1154 कैमरे लगवाए हैं।
डीटीआर के मुख्य वन संरक्षक/ फील्ड निदेशक संजय पाठक ने बताया कि डीटीआर और पीटीआर की सभी रेंज में टाइगर एस्टीमेशन (बाघ आकलन) के लिए साइन सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। इसके बाद संबंधित टाइगर रिजर्व क्षेत्र में 1154 कैमरे लगाए गए हैं। इसमें दुधवा टाइगर रिजर्व और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में चरणबद्ध तरीके से कैमरा ट्रैपिंग की जाएगी। कैमरों में कैद होने वाले बाघों की तस्वीरों के विश्लेषण के अनुसार गिनती होगी। उन्होंने बताया कि बाघ आकलन के लिए बृहस्पतिवार तक दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 1154 लक्ष्य के सापेक्ष 1054 कैमरे लगाए जा चुके हैं। इसमें पीलीभीत टाइगर रिजर्व के कुछ हिस्से में 100 कैमरे लगने का काम जारी है, जो शुक्रवार तक पूरा कर लिया जाएगा।
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टाइगर एस्टीमेशन के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के अलावा प्रशिक्षित वनाधिकारियों और फील्ड कर्मियों ने जंगल में बाघों के मूवमेंट वाले चिह्नित स्थलों पर कैमरे लगाने का काम पूरा कर लिया है। उन्होंने बताया कि दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में संयुक्त रूप से टाइगर एस्टीमेशन कार्य किया जाएगा। मांसाहारी, परभक्षी और बड़े शाकाहारी वन्यजीवों के लिए प्रत्येक बीट में 15 किलोमीटर क्षेत्र के दायरे में साइन सर्वे किया गया है। इसी तरह शाकाहारी वन्यजीवों की गणना के लिए प्रत्येक बीट में दो से चार किलोमीटर लंबी और सीधी ट्रांजिट लाइन बनाई गई है। इस ट्रांजिट लाइन पर गुजरने वाले शाकाहारी वन्यजीवों की गणना की जाएगी।
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बाघ और वन्यजीवों से सुरक्षा के उपाय बताए
ममरी। मोहम्मदी महेशपुर क्षेत्र के लीलापुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में बाघ संरक्षण माह की अंतिम बैठक हुई। बैठक में प्रधान पति आलोक जायसवाल की मौजूदगी में रेंजर मोबिन आरिफ ने बताया कि कोहरे में बाघ-तेंदुए रास्ता भटक कर आबादी के समीप गन्ने के खेतों में पहुंच सकते हैं। ऐसे में सभी को सतर्क रहने व गन्ने की कटाई छिलाई में सावधानी बरतने की जरूरत है। बाघ दिखने पर सूचना वनकर्मियों को दें। बैठक में डिप्टी रेंजर सुरेंद्र पाल गौतम, फॉरेस्टर जगदीश वर्मा, अभिषेक वर्मा, नरेंद्र वर्मा, राजकुमार आदि वनकर्मी, ग्रामीण व बच्चे मौजूद रहे। संवाद
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