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तीन भेडियों ने बोला हमला, एक ही परिवार के पांच घायल
Updated Tue, 27 Mar 2018 08:19 PM IST
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तीन भेड़ियों ने बोला हमला, एक
ही परिवार के पांच लोग घायल
- सभी घायलों को सीएचसी से जिला अस्पताल किया रेफर
निघासन।
क्षेत्र के गांव छीटन पुरवा में भेड़ियों ने एक ही परिवार के सदस्यों पर हमला बोल दिया। एक दूसरे को बचाने आए एक ही परिवार के पांच लोग घायल हो गए। सभी घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां से सभी को डॉक्टर ने हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
गांव छीटन पुरवा निवासी 55 वर्षीय बिंद्रा भार्गव ने बताया कि घर के बाहर पड़े छप्पर के नीचे वह अपनी बकरियों को बांधते हैं। परिवार के सभी लोग खा पीकर लेट गए थे। बिंद्रा प्रसाद बंधी बकरियों के पास लेटे थे। शाम करीब आठ बजे अचानक बकरियां चिल्लाने लगीं। वह बिस्तर से उठकर बकरियों के पास पहुंचे। अंधेरा होने के कारण वह समझ नहीं पाए और एक भेड़िया को कुत्ता समझकर दबोचते हुए छोटे डंडे से भगाने लगे। भेड़िये ने बिंद्रा पर हमला बोलकर घायल कर दिया। बिंद्रा के चिल्लाने की आवाज सुनकर उनकी 52 वर्षीय पत्नी प्रेमलता, 30 वर्षीय बहू सुशीला पत्नी स्वर्गीय मनोहर, 18 वर्षीय राजेंद्र पुत्र मनोहर और राजेंद्र का 15 वर्षीय छोटा भाई राहुल पहुंच गए। उन्होंने टार्च की रोशनी डालते हुए भेड़ियों को भगाने का प्रयास किया, लेकिन भेड़ियों ने उन पर भी हमला कर सभी को घायल कर दिया। शोर सुनकर ग्रामीणों के आ जाने पर भेड़िये भाग निकले। ग्रामीणों ने बताया कि बाघिन की दहशत के चलते वैसे भी रातों में नींद नहीं आ रही है। उधर, भेड़िए के होने के कारण बकरी, छोटे मवेशियों और बच्चों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
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ही परिवार के पांच लोग घायल
- सभी घायलों को सीएचसी से जिला अस्पताल किया रेफर
निघासन।
क्षेत्र के गांव छीटन पुरवा में भेड़ियों ने एक ही परिवार के सदस्यों पर हमला बोल दिया। एक दूसरे को बचाने आए एक ही परिवार के पांच लोग घायल हो गए। सभी घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां से सभी को डॉक्टर ने हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
गांव छीटन पुरवा निवासी 55 वर्षीय बिंद्रा भार्गव ने बताया कि घर के बाहर पड़े छप्पर के नीचे वह अपनी बकरियों को बांधते हैं। परिवार के सभी लोग खा पीकर लेट गए थे। बिंद्रा प्रसाद बंधी बकरियों के पास लेटे थे। शाम करीब आठ बजे अचानक बकरियां चिल्लाने लगीं। वह बिस्तर से उठकर बकरियों के पास पहुंचे। अंधेरा होने के कारण वह समझ नहीं पाए और एक भेड़िया को कुत्ता समझकर दबोचते हुए छोटे डंडे से भगाने लगे। भेड़िये ने बिंद्रा पर हमला बोलकर घायल कर दिया। बिंद्रा के चिल्लाने की आवाज सुनकर उनकी 52 वर्षीय पत्नी प्रेमलता, 30 वर्षीय बहू सुशीला पत्नी स्वर्गीय मनोहर, 18 वर्षीय राजेंद्र पुत्र मनोहर और राजेंद्र का 15 वर्षीय छोटा भाई राहुल पहुंच गए। उन्होंने टार्च की रोशनी डालते हुए भेड़ियों को भगाने का प्रयास किया, लेकिन भेड़ियों ने उन पर भी हमला कर सभी को घायल कर दिया। शोर सुनकर ग्रामीणों के आ जाने पर भेड़िये भाग निकले। ग्रामीणों ने बताया कि बाघिन की दहशत के चलते वैसे भी रातों में नींद नहीं आ रही है। उधर, भेड़िए के होने के कारण बकरी, छोटे मवेशियों और बच्चों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
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