{"_id":"685d8ae53973f6b8ea0c8695","slug":"1138500-metric-tons-of-urea-received-amid-fertilizer-crisis-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1001-149094-2025-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: खाद संकट के बीच मिली 1138.500 मीट्रिक टन यूरिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: खाद संकट के बीच मिली 1138.500 मीट्रिक टन यूरिया
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। जिले में खाद संकट के बीच बृहस्पतिवार को सीतापुर रैक प्वाॅइंट पर 1340 मीट्रिक टन यूरिया पहुंची है। इसमें से 1138.500 मीट्रिक टन यूरिया सहकारिता विभाग को मिली है। इस खाद को विकास खंडवार आवंटित कर 47 बी-पैक्स समितियों पर भेजा जा रहा है।
एआर कोऑपरेटिव रजनीश प्रताप सिंह ने बताया कि कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में निर्णय लिया गया है कि प्रदेश में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति तय कर निजी कंपनियों की रैक से 40 प्रतिशत आपूर्ति सहकारी विपणन संघ (पीसीएफ) को उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी 50 प्रतिशत उर्वरक की आपूर्ति पीसीएफ को कराई गई थी। प्रमुख सचिव कृषि ने निर्देश दिए कि अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर किसानों को खाद वितरण कराई जाए। यह भी ध्यान रखा जाए कि विक्रेता कालाबाजारी और ओवररेटिंग न करें।
विज्ञापन
किसानों को केवल उनकी जोत की आवश्यकता के अनुरूप और संस्तुति मात्रा में ही खाद खरीदने की अनुमति दी जाए। जिले में लगातार यूरिया आ रही है, फिर भी संकट बना है। कहीं न कहीं किसान मानक से अधिक यूरिया का इस्तेमाल कर रहा है।
इधर, एआर कोऑपरेटिव ने सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए कि किसानों को नियमानुसार यूरिया का वितरण करें। विभाग के अधिकारियों से कहा कि समितियों का निरीक्षण कर हकीकत जानें। किसानों से अपील की है कि खाद से संबंधित समस्या होने पर कंट्रोलरूम नंबर 7007918909 पर बात कर सकते हैं।
विज्ञापन
एआर कोऑपरेटिव रजनीश प्रताप सिंह ने बताया कि कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में निर्णय लिया गया है कि प्रदेश में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति तय कर निजी कंपनियों की रैक से 40 प्रतिशत आपूर्ति सहकारी विपणन संघ (पीसीएफ) को उपलब्ध कराई जाएगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी 50 प्रतिशत उर्वरक की आपूर्ति पीसीएफ को कराई गई थी। प्रमुख सचिव कृषि ने निर्देश दिए कि अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर किसानों को खाद वितरण कराई जाए। यह भी ध्यान रखा जाए कि विक्रेता कालाबाजारी और ओवररेटिंग न करें।
विज्ञापन
किसानों को केवल उनकी जोत की आवश्यकता के अनुरूप और संस्तुति मात्रा में ही खाद खरीदने की अनुमति दी जाए। जिले में लगातार यूरिया आ रही है, फिर भी संकट बना है। कहीं न कहीं किसान मानक से अधिक यूरिया का इस्तेमाल कर रहा है।
इधर, एआर कोऑपरेटिव ने सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए कि किसानों को नियमानुसार यूरिया का वितरण करें। विभाग के अधिकारियों से कहा कि समितियों का निरीक्षण कर हकीकत जानें। किसानों से अपील की है कि खाद से संबंधित समस्या होने पर कंट्रोलरूम नंबर 7007918909 पर बात कर सकते हैं।