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विद्युत केंद्र के निर्माण में घपले की आशंका, फंसेंगे जिम्मेदार
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 04 Jul 2018 12:17 AM IST
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छह महीने पहले बिजली विभाग को सौंपा गया बिजली उपकेंद्र का भवन पहली बरसात में टपकने से घोटाले की आशंका बढ़ गई है। अमर उजाला में खबर छपने के बाद डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने जांच के निर्देश दिए हैं। डीएम के संज्ञान में लेने के बाद कई जिम्मेदार फंस सकते हैं। अफसर गर्दन फंसते देख बचाने के प्रयास में जुट गए हैं।
वर्ष 2008 और 2009 में क्षेत्र में भीषण बाढ़ आई थी। बाढ़ का पानी पुराना पॉवर हाउस भवन में पांच फुट भर गया था। इससे कई मशीनें डूब गईं थी और विभाग को लाखों रुपये की क्षति उठानी पड़ी थी। तत्कालीन जेई एके कुशवाहा ने पॉवर हाउस के नए भवन के निर्माण के लिए शासन को प्रोजेक्ट बनाकर भेजा था। प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद विभाग ने दो साल पहले निर्माण इकाई ने निर्माण शुरू कराया था। छह महीने पहले बिजली विभाग ने मशीनों को नए भवन में लगाकर सप्लाई शुरू कर दी थी। बाउंड्री परिसर में निर्माण इकाई का पत्थर ही सिर्फ लगा है। अभी इंटरलॉकिंग का कार्य भी पूरा नहीं किया गया। भवन की छत पहली बरसात में टपकना शुरू हुई है जिससेे मशीनों को भी खतरा पैदा हो गया है। त्रिपाल लगाकर पानी से मशीनों को बचाया जा रहा है। अफसर कुछ बोलने से बच रहे हैं। अमर उजाला में तीन जुलाई के अंक में पहली बरसात में ही टपकने लगा उपकेंद्र का नया भवन शीर्षक से प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की गई थी। खबर का असर यह हुआ कि डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने संज्ञान लेकर मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
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वर्ष 2008 और 2009 में क्षेत्र में भीषण बाढ़ आई थी। बाढ़ का पानी पुराना पॉवर हाउस भवन में पांच फुट भर गया था। इससे कई मशीनें डूब गईं थी और विभाग को लाखों रुपये की क्षति उठानी पड़ी थी। तत्कालीन जेई एके कुशवाहा ने पॉवर हाउस के नए भवन के निर्माण के लिए शासन को प्रोजेक्ट बनाकर भेजा था। प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद विभाग ने दो साल पहले निर्माण इकाई ने निर्माण शुरू कराया था। छह महीने पहले बिजली विभाग ने मशीनों को नए भवन में लगाकर सप्लाई शुरू कर दी थी। बाउंड्री परिसर में निर्माण इकाई का पत्थर ही सिर्फ लगा है। अभी इंटरलॉकिंग का कार्य भी पूरा नहीं किया गया। भवन की छत पहली बरसात में टपकना शुरू हुई है जिससेे मशीनों को भी खतरा पैदा हो गया है। त्रिपाल लगाकर पानी से मशीनों को बचाया जा रहा है। अफसर कुछ बोलने से बच रहे हैं। अमर उजाला में तीन जुलाई के अंक में पहली बरसात में ही टपकने लगा उपकेंद्र का नया भवन शीर्षक से प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की गई थी। खबर का असर यह हुआ कि डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने संज्ञान लेकर मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
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