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1.11 करोड़ की चीनी ठगी का मामला ठंडे बस्ते में
जंगबहादुरगंज
Updated Thu, 07 Jan 2016 10:36 PM IST
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डीएससीएल शुगर मिल अजबापुर को ठगों ने एक करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक की चपत लगाते हुए फर्जी ड्राफ्ट थमा दिए, जिसके बाद मामले का खुलासा होने पर मिल के एक कर्मचारी ने पसगवां थाने में आगरा की फर्म बैकुंठधाम श्रीनाथ मोतीगंज, कानपुर की मेसर्स गोपाल शुगर सेल्स एजेंसी, लखनऊ की केपी एंड संस अमीनाबाद और सुबोध कुमार गर्ग एजेंसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। करीब 15 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ी है, बल्कि उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
डीएससीएल शुगर मिल अजबापुर के कर्मचारी जय कुमार त्यागी ने पसगवां थाने में तहरीर देकर बताया है कि चीनी मिल ने 31 मार्च 2014 से 18 दिसंबर 2015 के मध्य एक करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक की चीनी चार फर्मों को बेची थी। जब इन फर्मों से पैसा नहीं मिला तो जांच पड़ताल शुरू की गई, जिसमें इन फर्मों से मिले ड्राफ्ट फर्जी पाए गए। इससे मिल को इन फर्मों का भुगतान नहीं प्राप्त हो सका। इसके बाद मिल प्रशासन ने चार फर्मों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पसगवां पुलिस को तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने 20 दिसंबर 2015 को फर्म बैकुंठधाम श्रीनाथ मोतीगंज-आगरा, मेसर्स गोपाल शुगर सेल्स एजेंसी कानपुर, केपी एंड संस अमीनाबाद-लखनऊ और सुबोध कुमार गर्ग एजेंसी के खिलाफ धारा 409 धन का गबन तथा धारा 420 धोखाधड़ी आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ पाई है और न ही पुलिस ने कोई गिरफ्तारी की है। पसगवां पुलिस ने मामले की जांच दरोगा जेके सिंह भदौरिया को सौंपी है।
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डीएससीएल शुगर मिल अजबापुर के कर्मचारी जय कुमार त्यागी ने पसगवां थाने में तहरीर देकर बताया है कि चीनी मिल ने 31 मार्च 2014 से 18 दिसंबर 2015 के मध्य एक करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक की चीनी चार फर्मों को बेची थी। जब इन फर्मों से पैसा नहीं मिला तो जांच पड़ताल शुरू की गई, जिसमें इन फर्मों से मिले ड्राफ्ट फर्जी पाए गए। इससे मिल को इन फर्मों का भुगतान नहीं प्राप्त हो सका। इसके बाद मिल प्रशासन ने चार फर्मों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पसगवां पुलिस को तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने 20 दिसंबर 2015 को फर्म बैकुंठधाम श्रीनाथ मोतीगंज-आगरा, मेसर्स गोपाल शुगर सेल्स एजेंसी कानपुर, केपी एंड संस अमीनाबाद-लखनऊ और सुबोध कुमार गर्ग एजेंसी के खिलाफ धारा 409 धन का गबन तथा धारा 420 धोखाधड़ी आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ पाई है और न ही पुलिस ने कोई गिरफ्तारी की है। पसगवां पुलिस ने मामले की जांच दरोगा जेके सिंह भदौरिया को सौंपी है।
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