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पिता पुत्र सहित चार को दस साल की कैद,जुर्माना
Updated Sat, 31 Mar 2018 11:05 PM IST
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लखीमपुर खीरी।
चोर बताते हुए ग्रामीण की पीटकर मार डालने के मामले में एडीजे प्रथम विनोद कुमार ने पिता-पुत्र सहित चार हत्याभियुक्तों को दस-दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही सभी पर 13-13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए शासकीय अधिवक्ता श्रीपाल जायसवाल ने बताया कि ईसानगर थाना क्षेत्र के ग्राम नौरंगपुर मजरा अदलीशपुर में 23 सितंबर 2004 की सुबह आठ बजे रामनरेश भार्गव को नौशाद अली के परचून के ठेले से समान खरीदने गया था। तभी गांव के परमेश्वर, सरजू, भगवानी और देवीबख्श और उसका लड़का राजकुमार उसे पकड़ ले गए बाद में भैस चोरी करने का झूठा आरोप लगाकर उसे पेड़ में बांधकर बुरी तरह लाठी डंडों से मारापीटा था, जिससे रामनरेश की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस बावत रामनरेश की पत्नी बिट्टो देवी ने थाने में शिकायती पत्र दिया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई तब वह एसपी दफतर में शिकायती पत्र देने लगी, कई बार अफसरों से मिलने और उनके आदेश के बाद ईसानगर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या में रिपोर्ट दर्ज की।
पुलिस ने इस मामले में जांच के बाद सभी पांचों नामजद आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया। अदालती सुनवाई के दौरान बिट्टी, इतवारी, नौशाद, कैलाश यादव, डॉ. वीके वर्मा और कान्सटेबिल नवल किशाोर, एसआई रिछपाल सिंह की गवाही अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की और बचाव पक्ष की कोई दलील नही लगने दी, जबकि जमुना प्रसाद, लाजमा उर्फ खातूना, सुंदरलाल अपने बयानों से मुकर गए और बचाव साक्षी रामप्रसाद और लक्ष्मण प्रसाद की भाषा में मुल्जिमानों का बचाव करने लगे।
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मामले की गंभीरता देखते हुए कोर्ट ने परमेश्वर, देवीबख्श, राजकुमार और सरजू को दोषी पाते हुए दस-दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है साथ ही सभी पर 13-13 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही व्यवस्था दी है कि वसूली गई जुर्माने की रकम में से मृतक के पिता इतवारी को 25 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
मगर अनसुना रह गया पुलिस उत्पीड़न
इस पूरे मामले में भले ही कोर्ट ने दोषी आरोपियों को सख्त सजा देकर इंसाफ दिलाने की कोशिश की हो, लेकिन पीड़ित पक्ष की मानें तो स्थानीय पुलिस के रवैया में कोई बदलाव नहीं आया, घटना के बाद जिस तरह पुलिस ने चोर के रिश्तेदार बताकर उनका भी उत्पीड़न किया था, हत्या के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय बार-बार गालियां देकर भगाया गया था, इसके कसूरवारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
छात्रा के हमलावर को दस साल की कैद
लखीमपुर खीरी।
साथ चलने से मना करने पर छात्रा की नाक काटने का प्रयास करने और चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में एडीजे विनोद कुमार ने हमलावर को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी श्रीपाल जायसवाल ने बताया कि कोतवाली सदर क्षेत्र के मकसोहा मजरा बेचेपुरवा निवासी रेखा वर्मा पुत्री प्रमोद वर्मा चार सितंबर 2017 की सुबह आठ बजे शारदानगर स्कूल में पढ़ने जा रही थी। तभी गांव के रिजवान ने उसे रोक लिया और अपने साथ चलने को कहने लगा। मना करने पर चाकू से उस पर ताबड़तोड़ प्रहार करने लगा। इस बीच मौके पर पहुंचे सुशील वर्मा, रिंकी देवी और उसके पिता प्रमोद वर्मा ने बचाया और अस्पताल ले गए। सुनवाई करते हुए एडीजे विनोद कुमार ने रिजवान को अंग-भंग करने और जानलेवा हमला करने के मामले में दोषी पाया, जिसे दस साल के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। साथ ही अपने फैसले में व्यवस्था दी है कि वसूली गई जुर्माना की रकम में से पीड़िता रेखा वर्मा को 12 हजार रुपये का मुआवजा दिलाया जाएगा।
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चोर बताते हुए ग्रामीण की पीटकर मार डालने के मामले में एडीजे प्रथम विनोद कुमार ने पिता-पुत्र सहित चार हत्याभियुक्तों को दस-दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही सभी पर 13-13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए शासकीय अधिवक्ता श्रीपाल जायसवाल ने बताया कि ईसानगर थाना क्षेत्र के ग्राम नौरंगपुर मजरा अदलीशपुर में 23 सितंबर 2004 की सुबह आठ बजे रामनरेश भार्गव को नौशाद अली के परचून के ठेले से समान खरीदने गया था। तभी गांव के परमेश्वर, सरजू, भगवानी और देवीबख्श और उसका लड़का राजकुमार उसे पकड़ ले गए बाद में भैस चोरी करने का झूठा आरोप लगाकर उसे पेड़ में बांधकर बुरी तरह लाठी डंडों से मारापीटा था, जिससे रामनरेश की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस बावत रामनरेश की पत्नी बिट्टो देवी ने थाने में शिकायती पत्र दिया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई तब वह एसपी दफतर में शिकायती पत्र देने लगी, कई बार अफसरों से मिलने और उनके आदेश के बाद ईसानगर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या में रिपोर्ट दर्ज की।
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पुलिस ने इस मामले में जांच के बाद सभी पांचों नामजद आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया। अदालती सुनवाई के दौरान बिट्टी, इतवारी, नौशाद, कैलाश यादव, डॉ. वीके वर्मा और कान्सटेबिल नवल किशाोर, एसआई रिछपाल सिंह की गवाही अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की और बचाव पक्ष की कोई दलील नही लगने दी, जबकि जमुना प्रसाद, लाजमा उर्फ खातूना, सुंदरलाल अपने बयानों से मुकर गए और बचाव साक्षी रामप्रसाद और लक्ष्मण प्रसाद की भाषा में मुल्जिमानों का बचाव करने लगे।
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मामले की गंभीरता देखते हुए कोर्ट ने परमेश्वर, देवीबख्श, राजकुमार और सरजू को दोषी पाते हुए दस-दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है साथ ही सभी पर 13-13 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही व्यवस्था दी है कि वसूली गई जुर्माने की रकम में से मृतक के पिता इतवारी को 25 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
मगर अनसुना रह गया पुलिस उत्पीड़न
इस पूरे मामले में भले ही कोर्ट ने दोषी आरोपियों को सख्त सजा देकर इंसाफ दिलाने की कोशिश की हो, लेकिन पीड़ित पक्ष की मानें तो स्थानीय पुलिस के रवैया में कोई बदलाव नहीं आया, घटना के बाद जिस तरह पुलिस ने चोर के रिश्तेदार बताकर उनका भी उत्पीड़न किया था, हत्या के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय बार-बार गालियां देकर भगाया गया था, इसके कसूरवारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
छात्रा के हमलावर को दस साल की कैद
लखीमपुर खीरी।
साथ चलने से मना करने पर छात्रा की नाक काटने का प्रयास करने और चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में एडीजे विनोद कुमार ने हमलावर को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी श्रीपाल जायसवाल ने बताया कि कोतवाली सदर क्षेत्र के मकसोहा मजरा बेचेपुरवा निवासी रेखा वर्मा पुत्री प्रमोद वर्मा चार सितंबर 2017 की सुबह आठ बजे शारदानगर स्कूल में पढ़ने जा रही थी। तभी गांव के रिजवान ने उसे रोक लिया और अपने साथ चलने को कहने लगा। मना करने पर चाकू से उस पर ताबड़तोड़ प्रहार करने लगा। इस बीच मौके पर पहुंचे सुशील वर्मा, रिंकी देवी और उसके पिता प्रमोद वर्मा ने बचाया और अस्पताल ले गए। सुनवाई करते हुए एडीजे विनोद कुमार ने रिजवान को अंग-भंग करने और जानलेवा हमला करने के मामले में दोषी पाया, जिसे दस साल के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। साथ ही अपने फैसले में व्यवस्था दी है कि वसूली गई जुर्माना की रकम में से पीड़िता रेखा वर्मा को 12 हजार रुपये का मुआवजा दिलाया जाएगा।