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फिर दो गांवों के पास दिखे बाघ
Updated Mon, 11 Dec 2017 07:58 PM IST
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tiger attack
- फोटो : अमर उजाला
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ममरी। वन रेंज मोहम्मदी महेशपुर क्षेत्र के गांव नयागांव के पश्चिम और रामदीनपुर गांव के दक्षिण खेतों में दो बाघों के पगचिन्ह् देखे जाने से ग्रामीण फिर दहशत में हैं। दो स्थानों पर बाघों के गन्ने के खेतों में मौजूद होने और पगचिन्ह् मिलने की पुष्टि रेंजर एसएन यादव ने भी की है।
नयागांव निवासी समीउद्दीन, मौलाबक्श ने बताया कि उनके खेत गांव के पश्चिम में हैं, जहां फसलों की सिंचाई हो रही थी। इसी बीच गन्ने के खेत से निकला बाघ छलांग लगाता हुआ वहां से चला गया। पंपसेट से बंधी डिलीवरी पाइप बाघ का पैर पड़ने से फट गई, जिसे देखते ही खेतों में मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। दूसरा बाघ गांव रामदीनपुर के दक्षिण सतीश के गन्ने के खेत में विचरण करते देखा गया, जिसके पगचिन्ह् खेतों में बने मिले। गांव वालों के अनुसार इसी स्थान से कुछ दूरी पर बाघ ने 19 नवंबर को महेशपुर के ओमप्रकाश (45) पर हमला कर मार डाला था।
गांव वालों की सूचना पर पहुंचे फॅारेस्टर रमेश कुमार मिश्र, अनिल शर्मा, माया प्रकाश वर्मा, जयराम आदि वनकर्मियों ने खेत में बने बाघ के पगचिन्ह् और फटे पाइप का निरीक्षण किया। वनकर्मियों ने बताया कि दोनों स्थानों पर एक नहीं बल्कि दो बाघ मौजूद है जो अपना ठिकाना गन्ने के खेतों में बनाए हुए हैं। बाघ के खौफ से खेतों में सन्नाटा पसरा है। रेंजर एसएन यादव का कहना है कि बाघ की चहलकदमी पर नजर रखने के लिए चार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही वन कर्मियों की टीम बाघों की निगरानी कर रही हैं।
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नयागांव निवासी समीउद्दीन, मौलाबक्श ने बताया कि उनके खेत गांव के पश्चिम में हैं, जहां फसलों की सिंचाई हो रही थी। इसी बीच गन्ने के खेत से निकला बाघ छलांग लगाता हुआ वहां से चला गया। पंपसेट से बंधी डिलीवरी पाइप बाघ का पैर पड़ने से फट गई, जिसे देखते ही खेतों में मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। दूसरा बाघ गांव रामदीनपुर के दक्षिण सतीश के गन्ने के खेत में विचरण करते देखा गया, जिसके पगचिन्ह् खेतों में बने मिले। गांव वालों के अनुसार इसी स्थान से कुछ दूरी पर बाघ ने 19 नवंबर को महेशपुर के ओमप्रकाश (45) पर हमला कर मार डाला था।
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गांव वालों की सूचना पर पहुंचे फॅारेस्टर रमेश कुमार मिश्र, अनिल शर्मा, माया प्रकाश वर्मा, जयराम आदि वनकर्मियों ने खेत में बने बाघ के पगचिन्ह् और फटे पाइप का निरीक्षण किया। वनकर्मियों ने बताया कि दोनों स्थानों पर एक नहीं बल्कि दो बाघ मौजूद है जो अपना ठिकाना गन्ने के खेतों में बनाए हुए हैं। बाघ के खौफ से खेतों में सन्नाटा पसरा है। रेंजर एसएन यादव का कहना है कि बाघ की चहलकदमी पर नजर रखने के लिए चार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही वन कर्मियों की टीम बाघों की निगरानी कर रही हैं।
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