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शासनादेश दो हजार का, लेकिन महिलाओं को मिल रहे 1400
Updated Mon, 13 Nov 2017 10:43 PM IST
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लखीमपुर खीरी।
जिला महिला अस्पताल में नसबंदी कराने वाली महिलाओं और उनकी मोटीवेटर को दी जाने वाली धनराशि में काफी गड़बड़झाला मिला है। शासनादेश को दरकिनार कर अस्पताल प्रशासन महिलाओं को 1400 व मोटीवेटर(आशा वर्कर) को 200 रुपये का ही भुगतान करता रहा, जबकि शासन ने महिलाओं को 11 जुलाई से 2000 और मोटीवेटर को 300 रुपये भुगतान करने के आदेश दे रखे हैं।
परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत नसबंदी कराने वाली महिलाओं को 1400 व आशा वर्कर को 200 रुपये दिए जाते थे। इसी प्रकार आपरेशन के दौरान नसबंदी कराने पर महिला को 2200 व आशा को 300 रुपये का भुगतान होता था। महिलाएं नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए शासन ने सामान्यत: नसबंदी कराने पर महिलाओं को 2000 व आशा को 300 रुपये और आपरेशन के समय नसबंदी कराने वाली महिला को 3000 व आशा को 400 रुपये का भुगतान करने के आदेश जुलाई में जारी किए थे। साथ ही 11 जुलाई से चलने वाले जनसंख्या पखवाड़ा से जारी शासनादेश के तहत भुगतान करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अस्पताल प्रशासन शासनादेश को दरकिनार कर महिलाओं और आशा वर्करों को पहले की तरह की भुगतान करता रहा।
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नहीं थी जानकारी, अब सभी को मिलेगी बढ़ी धनराशि
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. मीरा वर्मा का कहना है कि शासनादेश की जानकारी नहीं थी, इसलिए महिला व आशा को पहले वाले आदेश की तरह ही धनराशि दी जा रही थी, लेकिन अब जानकारी हो गई है। अब सभी नए आदेशानुसार भुगतान किया जाएगा। रही बात जिन लोगों को भुगतान किया जा चुका है उन सभी के खातों में शेष धनराशि भिजवाई जाएगी।
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भुगतान कम दिए जाने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो गलत है। मामले की जानकारी करने के बाद ही कुछ कह सकता हूं।
डॉ. जावेद अहमद सीएमओ