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शारदीय नवरात्र आज से, तैयारियां पूरी
Updated Wed, 20 Sep 2017 11:35 PM IST
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शारदीय नवरात्र आज से, तैयारियां पूरी
- फोटो : लखीमपुर खीरी, अमर उजाला
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लखीमपुर खीरी।
शारदीय नवरात्र वृहस्पतिवार से शुरू हो रहे हैं। इसके लिए कई दिनों से चल रही तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मंदिरों और पूजा पंडालों में स्थापना के लिए बन रही मूर्तियों को आज कलाकारों ने अंतिम रूप दिया। शारदीय नवरात्र के लिए देवी मंदिरों की साफ सफाई और रंग-रोगन के साथ ही उन्हें बिजली की रंग-बिरंगी झालरों और फूलों से सजाया गया है। नवरात्र की पूर्व संध्या से ही शहर का वातावरण देवी भक्ति से सराबोर हो उठा। बाजारों में रौनक बढ़ गई है।
शहर के प्राचीन संकटा देवी मंदिर, शीतला देवी मंदिर, वंकटा देवी मंदिर समेत जिले के सभी देवी मंदिरों में श्रद्धालु साफ सफाई और रंग रोगन के काम में लगे रहे। संकटादेवी मंदिर में में बुधवार से ही मेला जैसा माहौल दिखने लगा है। मंदिर को बिजली की रंग बिरंगी झालरों से सजाया गया है। कलाकारों ने स्थापना के लिए तैयार की गई मूर्ति को वस्त्र आभूषण पहना कर अंतिम रूप दिया। शारदीय नवरात्र के लिए बाजार में भी बुधवार को काफी रौनक रही। लोगों ने अपने घरों में स्थापना के लिए देवी प्रतिमाओं के अलावा मिट्टी के कलश, मूर्तियों के वस्त्र और साज श्रंगार का सामान खरीदा। चुनरी, झंडे और अन्य पूजन सामग्री बेचने वाली दुकानों पर खरीदारों की भारी भीड़ रही। इसके अलावा फल मिठाइयों और फलाहार में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री भी खूब बिकी। संकटादेवी मंदिर के आसपास पूजन सामग्री की दुकानों पर दोपहर बाद काफी भीड़ दिखाई दी।
कलश स्थापना का मुहूर्त
बांकगंज के ज्योतिषी और पुरोहित पंडित कुसुम कुमार शास्त्री का कहना है कि शारदीय नवरात्र में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 21 सितंबर को सुबह 9.57 बजे से 11.15 बजे तक और इसके बाद अभिहित मुहूर्त 11.36 बजे से 12.24 बजे तक है। इसी मुहूर्त में कलश स्थापना शुभ रहेगी।
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शारदीय नवरात्र वृहस्पतिवार से शुरू हो रहे हैं। इसके लिए कई दिनों से चल रही तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मंदिरों और पूजा पंडालों में स्थापना के लिए बन रही मूर्तियों को आज कलाकारों ने अंतिम रूप दिया। शारदीय नवरात्र के लिए देवी मंदिरों की साफ सफाई और रंग-रोगन के साथ ही उन्हें बिजली की रंग-बिरंगी झालरों और फूलों से सजाया गया है। नवरात्र की पूर्व संध्या से ही शहर का वातावरण देवी भक्ति से सराबोर हो उठा। बाजारों में रौनक बढ़ गई है।
शहर के प्राचीन संकटा देवी मंदिर, शीतला देवी मंदिर, वंकटा देवी मंदिर समेत जिले के सभी देवी मंदिरों में श्रद्धालु साफ सफाई और रंग रोगन के काम में लगे रहे। संकटादेवी मंदिर में में बुधवार से ही मेला जैसा माहौल दिखने लगा है। मंदिर को बिजली की रंग बिरंगी झालरों से सजाया गया है। कलाकारों ने स्थापना के लिए तैयार की गई मूर्ति को वस्त्र आभूषण पहना कर अंतिम रूप दिया। शारदीय नवरात्र के लिए बाजार में भी बुधवार को काफी रौनक रही। लोगों ने अपने घरों में स्थापना के लिए देवी प्रतिमाओं के अलावा मिट्टी के कलश, मूर्तियों के वस्त्र और साज श्रंगार का सामान खरीदा। चुनरी, झंडे और अन्य पूजन सामग्री बेचने वाली दुकानों पर खरीदारों की भारी भीड़ रही। इसके अलावा फल मिठाइयों और फलाहार में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री भी खूब बिकी। संकटादेवी मंदिर के आसपास पूजन सामग्री की दुकानों पर दोपहर बाद काफी भीड़ दिखाई दी।
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कलश स्थापना का मुहूर्त
बांकगंज के ज्योतिषी और पुरोहित पंडित कुसुम कुमार शास्त्री का कहना है कि शारदीय नवरात्र में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 21 सितंबर को सुबह 9.57 बजे से 11.15 बजे तक और इसके बाद अभिहित मुहूर्त 11.36 बजे से 12.24 बजे तक है। इसी मुहूर्त में कलश स्थापना शुभ रहेगी।
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