फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   10 hours of panic: courtyard-courtyard tigress, people on the roofs, death was standing on a jump

दहशत के 10 घंटे: आंगन-आंगन बाघिन, छतों पर लोग, एक छलांग पर खड़ी थी मौत

Sun, 04 Jun 2023 12:43 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 04 Jun 2023 12:43 AM IST
विज्ञापन
10 hours of panic: courtyard-courtyard tigress, people on the roofs, death was standing on a jump
घर के अंदर बैठी बाघिन।
बांकेगंज। रामपुर ढकैया गांव में रात 12 बजे सन्नाटा पसरा था। दूरदराज से कुत्तों के भौंकने की या फिर तबेलों में बंधे मवेशियों के रंभाने की आवाजें जरूर आ रही थीं। तभी जानी पहचानी गुर्राने की आवाज लोगों तक पहुंची। कोई कुछ समझ पाता इसी बीच तेज दहाड़ से पूरे गांव की नींद टूटी।
विज्ञापन

लोगों ने घरों से झांंककर और निकलकर देखा तो बाघिन नरेंद्र के घर के सामने चहलकदमी कर रही थी। बाघिन को घर के सामने देखकर लोगों के होश उड़ गए। एक एक करके सभी घरों से शोर और पड़ोसियों को बुलाने की आवाजें गूंजने लगीं। लोग जान बचाने के लिए छतों की ओर भागे। बाघिन सुबह 10 बजे तक एक से दूसरे घरों में चहलकदमी करती रही। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार ऐसे मौके आए जब बाघिन आंगन में और लोग 10 फुट ऊपर छत पर खड़े थे। मौत बस एक छलांग दूर थी। बार बार यही ख्याल आ रहा था कि छलांग लगा दी तो जान बचाना मुश्किल हो जाएगा। पूरे 10 घंटे इसी दहशत में बीते।
विज्ञापन

बाघिन को खदेड़ने के लिए ग्रामीणों के एकजुट होकर शोर मचाना शुरू किया। इससे वह जंगल की ओर भागने के बजाय बारी बारी से लोगों के घरों में घुसती गई। बाघिन सबसे पहले नरेंद्र के घर में घुसी। इसके बाद शेर सिंह, ओमप्रकाश, कमलेश, बबलू कुमार, तौलेराम, ठाकुर प्रसाद, राकेश, रामपाल के घर-आंगन तक जाकर घूमी। कई घरों में बाघिन ने सामान तक बिखेर दिया। एक घर में लोहे के बक्सों को पंजे मारकर तोड़ डाला। ग्रामीणों ने बताया कि बाघिन एक-एक कर 25-30 घरों में बारी-बारी से घुसती चली गई। यदि ग्रामीण समय से छतों पर न चले जाते तो बाघिन हिंसक हो जाती और किसी की जान ले लेती। ग्रामीणों ने बताया कि खदेड़ने से उग्र हुई बाघिन पर शोर मचाने और आग जलाने का कोई असर नहीं पड़ा। गांव के आसपास हजारों की संख्या मौजूद ग्रामीणों की भीड़ देखकर भी बाघिन डरी नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिंजरे में बकरी बांधकर फंसाने की कोशिश बेकार
गांव में बाघिन के घुस आने के करीब आधा घंटा बाद 12:30 बजे ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। आधे घंटे के भीतर करीब एक बजे रात को डिप्टी रेंजर एसपी त्रिपाठी, फॉरेस्टर मोहम्मद उमर, मुशीर, सोनू भारती समेत कई वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। बाघिन को खदेड़ने का अभियान शुरू किया। लाख कोशिश के बावजूद बाघिन जंगल की ओर जाने के बजाय ग्रामीणों के घरों में घुस जाती। इससे वन विभाग की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बंद गाड़ियों में सवार होकर वनकर्मी बाघिन को खदेड़ते तो बाघिन दहाड़ते हुए उनकी गाड़ी पर हमला करने दौड़ती। इस बीच दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर बी प्रभाकर, बफरजोन के उपनिदेशक सुंदरेशा, रेंजर साजिद हसन और दुधवा के पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अभियान को गति देने के लिए एक पिंजरे में बकरी को बांधकर उसे फंसाने की कोशिश की, लेकिन बाघिन उस ओर गई ही नहीं।

बाघिन के टूटे थे दांत, पेट और पंजे पर घाव
बांकेगंज। बाघिन की मौत के बाद परीक्षण में पाया गया कि उसके दोनों दांत टूटे थे। पेट और पंजों पर भी घाव थे। नाखून घिसे और उखड़े हुए थे। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि बाघिन शिकार में अक्षम थी। इसी कारण आसान शिकार की तलाश में गांव में घुस आई। यहां भी उसे भोजन नसीब नहीं हुआ। वनाधिकारियों का अनुमान है कि घाव के कारण सेप्टिक होने से उसकी मौत हुई होगी। फिलहाल बाघिन की मौत का सही कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल सकेगा।


मौत से पहले किया था वन कर्मियों की जीप पर हमला
रात करीब एक बजे से निगरानी में जुटी वन विभाग की टीम ग्रामीणों को सुरक्षित करने और बाघिन को खदेड़कर जंगल में भेजने की कोशिश में जुटी रही। इस बीच कई बार वन कर्मियों की टीम का बाघिन से आमना-सामना भी हुआ। शनिवार सुबह करीब 10 बजे बाघिन ने मौत से पहले वन कर्मियों की जीप पर हमला कर दिया, जिससे वन कर्मी बाल-बाल बचे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed