{"_id":"62bf470ff000be405a5abe64","slug":"0-45-percent-purchase-done-at-43-purchasing-centers-in-three-months-lakhimpur-news-bly49002036","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन माह में 43 क्रय केंद्रों पर हुई 0.45 फीसद खरीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन माह में 43 क्रय केंद्रों पर हुई 0.45 फीसद खरीद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
90 क्रय केंद्रों का नहीं खुल सका खाता, 146 किसानों ने क्रय केंद्रों पर बेचा गेहूं
लखीमपुर खीरी। जनपद में सरकारी गेहूं खरीद की निर्धारित अवधि 30 जून 2022 पूर्ण होने पर खाद्य विभाग ने अंतिम आंकड़े जारी कर दिए हैं। तीन माह की अवधि में सिर्फ 851.34 मीट्रिक टन गेहूं खरीद हो पाई है, जो कुल लक्ष्य 1.88 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष 0.45 प्रतिशत है। यह खरीद 43 क्रय केंद्रों पर हुई, जबकि 90 क्रय केंद्रों का खाता भी नहीं खुल सका है।
रबी क्रय वर्ष 2022-23 में जनपद में कुल 133 गेहूं क्रय केंद्र एक अप्रैल 2022 से खोले गए, जिसमें से 43 क्रय केंद्रों पर ही नाममात्र की गेहूं खरीद हो पाई है, जबकि सरकार ने जनपद में 1.88 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया था। इस बार पिछले सालों के मुकाबले बेहद खराब रहे, क्योंकि सरकार द्वारा घोषित एमएसपी 2015 रुपये प्रति क्विंटल के सापेक्ष बाजार गेहूं का बाजार भाव अधिक रहा, जिससे किसान क्रय केंद्रों पर अपनी उपज बेचने के लिए नहीं गए और उन्होंने बाजार में व्यापारियों के हाथों गेहूं बेचना फायदेमंद समझा। सिर्फ 146 किसानों ने 43 क्रय केंद्रों पर 851.34 मीट्रिक टन गेहूं बेचा है। वहीं पिछले वर्ष 2021 में 30 जून तक 1,49,952.56 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। इस वर्ष क्रय एजेंसियों की खरीद को देखें तो खाद्य विभाग के 20 क्रय केंद्रों पर 532.01 एमटी, पीसीएफ के आठ क्रय केंद्रों पर 70.65 एमटी, पीसीयू के 12 क्रय केंद्रों पर 233.28 एमटी, एफसीआई के तीन क्रय केंद्रों पर 15.40 एमटी गेहूं खरीदा जा सका, जबकि यूपीएसएस के एक भी क्रय केंद्र पर खरीद नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। जनपद में सरकारी गेहूं खरीद की निर्धारित अवधि 30 जून 2022 पूर्ण होने पर खाद्य विभाग ने अंतिम आंकड़े जारी कर दिए हैं। तीन माह की अवधि में सिर्फ 851.34 मीट्रिक टन गेहूं खरीद हो पाई है, जो कुल लक्ष्य 1.88 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष 0.45 प्रतिशत है। यह खरीद 43 क्रय केंद्रों पर हुई, जबकि 90 क्रय केंद्रों का खाता भी नहीं खुल सका है।
रबी क्रय वर्ष 2022-23 में जनपद में कुल 133 गेहूं क्रय केंद्र एक अप्रैल 2022 से खोले गए, जिसमें से 43 क्रय केंद्रों पर ही नाममात्र की गेहूं खरीद हो पाई है, जबकि सरकार ने जनपद में 1.88 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया था। इस बार पिछले सालों के मुकाबले बेहद खराब रहे, क्योंकि सरकार द्वारा घोषित एमएसपी 2015 रुपये प्रति क्विंटल के सापेक्ष बाजार गेहूं का बाजार भाव अधिक रहा, जिससे किसान क्रय केंद्रों पर अपनी उपज बेचने के लिए नहीं गए और उन्होंने बाजार में व्यापारियों के हाथों गेहूं बेचना फायदेमंद समझा। सिर्फ 146 किसानों ने 43 क्रय केंद्रों पर 851.34 मीट्रिक टन गेहूं बेचा है। वहीं पिछले वर्ष 2021 में 30 जून तक 1,49,952.56 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। इस वर्ष क्रय एजेंसियों की खरीद को देखें तो खाद्य विभाग के 20 क्रय केंद्रों पर 532.01 एमटी, पीसीएफ के आठ क्रय केंद्रों पर 70.65 एमटी, पीसीयू के 12 क्रय केंद्रों पर 233.28 एमटी, एफसीआई के तीन क्रय केंद्रों पर 15.40 एमटी गेहूं खरीदा जा सका, जबकि यूपीएसएस के एक भी क्रय केंद्र पर खरीद नहीं हो पाई है।
विज्ञापन