{"_id":"65e4d4859cfe92133301445a","slug":"youth-victims-of-fraud-returned-from-abroad-searching-for-justice-kushinagar-news-c-205-1-ksh1006-113556-2024-03-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: न्याय के लिए भटक रहे विदेश से लौटे जालसाजी के शिकार युवक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: न्याय के लिए भटक रहे विदेश से लौटे जालसाजी के शिकार युवक
Mon, 04 Mar 2024 01:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 04 Mar 2024 01:20 AM IST
विज्ञापन
कसया। रूस के बजाए धोखे से उज्बेकिस्तान भेजने वाले एजेंट पर 24 घंटे बाद भी पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है। जालसाजी के शिकार युवा न्याय के लिए भटक रहे हैं। हालांकि, पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है। जांच पूरा होने और एजेंट से पूछताछ के बाद ही आगे की कार्रवाई की बात कह रही है।
हाईवे किनारे हेतिमपुर में संचालित संस्था के एजेंट ने रूस में नौकरी दिलाने के नाम पर 100 से अधिक युवकों को उज्बेकिस्तान भेज दिया। वहां तकनीकी काम के बजाय उनसे मजदूरी कराई गई। किसी तरह उज्बेकिस्तान से लौटे युवक शनिवार को कसया थाने पहुंचे और एजेंट पर जालसाजी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी। रविवार को भी युवकों ने पुलिस से संपर्क किया। लेकिन, पुलिस जांच का दावा करते हुए कार्रवाई की बात कही।
सूत्रों की मानें तो पुलिस एजेंट और जालसाजी में शामिल लोगों को ट्रेस करने में जुटी है और साक्ष्य जुटा रही है। रविवार को भी युवक कार्रवाई के लिए पुलिस के अलावा डीएम से मुलाकात करने पहुंचे थे, लेकिन रविवार होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। युवकों ने चेतावनी दी है कि अगर केस दर्ज नहीं हुआ तो पुलिस के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री से मिलकर न्याय की मांग की जाएगी। सीओ कुंदन सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। युवकों के आरोप और एजेंट से पूछताछ के बाद जो साक्ष्य मिलेगा, उसके आधार पर कार्रवाई होगी। अभी पुलिस जांच कर रही है।
विज्ञापन
--
दो साल एक ही कंपनी में काम और निशुल्क आवास भोजन की हुई थी बात
-रूस जाने से पहले एजेंट ने युवकों को सब्जबाग दिखाया था। युवकों ने बताया कि पासपोर्ट और रुपये देते समय तय हुआ था कि वहां पर सभी को मेडिकल, बीमा, भोजन, रहने की सुविधा कंपनी की ओर से मिलेगी। एक ही कंपनी में दो साल तक काम करना होगा। लेकिन, वहां से सिर्फ तीन महीने के अंदर कंपनी ने वापस भेज दिया। जालसाजी के शिकार युवक किसी तरह कर्ज लेकर विदेश गए थे। अब घर आने पर कर्ज के लिए लोग दबाव बना रहे हैं। वे न्याय के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। पुलिस कार्रवाई के बजाए केस दर्ज करने के लिए जांच के नाम पर दौड़ा रही है।
-
-विदेश से हम लोगों को कंपनी ने घर भेज दिया है। हम लोगों के साथ एजेंट ने जालसाजी की है। संस्था के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। न्याय के लिए हम लोग सीएम से भी मिलेंगे। -रत्नाकर गिरी, खोटी देवरिया
--
हम लोगों से 1.20 लाख हजार रुपये लिए गए। विदेश में जो काम मिलना चाहिए था, वह मिला नहीं। जितना एजेंट ने वादा किया था, वह भी नहीं हुआ। मजदूरी करनी पड़ी और हाथ से भोज बनाना पड़ता था। तीन माह में ही कंपनी घर भेज दी। पुलिस कार्रवाई करे। -संदीप राजभर, हरपुर देवरिया
--
-कर्ज लेकर हम लोग विदेश गए थे, ताकि घर की माली हालत ठीक हो सके। पारिवारिक दिक्कतों के चलते खेत भी बंधक है। लेकिन, एजेंट ने अरमानों पर पानी फेर दिया। कर्ज उतारने के उद्देश्य से विदेश जाने का सपना और कर्जदार बना दिया। अब परिवार के सामने रोजी-रोटी का भी संकट गहरा गया है। -रवि गुप्ता, रसूलपुर घोठा, सिवान
--
एजेंट से रूस भेजने की बात हुई थी और उज्बेकिस्तान भेज दिया गया। अचानक एयरपोर्ट पर यह जानकारी मिली तो मजबूरी में जाना पड़ा। नहीं तो रुपये डूब जाते। काम की तो दिक्कत वहां पर थी ही, लेकिन तीन माह में ही कंपनी ने वापस घर भेज दिया, जबकि दो साल तक काम के लिए बात हुई थी। अभय यादव, शिकुवारा सिवान
विज्ञापन
हाईवे किनारे हेतिमपुर में संचालित संस्था के एजेंट ने रूस में नौकरी दिलाने के नाम पर 100 से अधिक युवकों को उज्बेकिस्तान भेज दिया। वहां तकनीकी काम के बजाय उनसे मजदूरी कराई गई। किसी तरह उज्बेकिस्तान से लौटे युवक शनिवार को कसया थाने पहुंचे और एजेंट पर जालसाजी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी। रविवार को भी युवकों ने पुलिस से संपर्क किया। लेकिन, पुलिस जांच का दावा करते हुए कार्रवाई की बात कही।
विज्ञापन
सूत्रों की मानें तो पुलिस एजेंट और जालसाजी में शामिल लोगों को ट्रेस करने में जुटी है और साक्ष्य जुटा रही है। रविवार को भी युवक कार्रवाई के लिए पुलिस के अलावा डीएम से मुलाकात करने पहुंचे थे, लेकिन रविवार होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। युवकों ने चेतावनी दी है कि अगर केस दर्ज नहीं हुआ तो पुलिस के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री से मिलकर न्याय की मांग की जाएगी। सीओ कुंदन सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। युवकों के आरोप और एजेंट से पूछताछ के बाद जो साक्ष्य मिलेगा, उसके आधार पर कार्रवाई होगी। अभी पुलिस जांच कर रही है।
विज्ञापन
दो साल एक ही कंपनी में काम और निशुल्क आवास भोजन की हुई थी बात
-रूस जाने से पहले एजेंट ने युवकों को सब्जबाग दिखाया था। युवकों ने बताया कि पासपोर्ट और रुपये देते समय तय हुआ था कि वहां पर सभी को मेडिकल, बीमा, भोजन, रहने की सुविधा कंपनी की ओर से मिलेगी। एक ही कंपनी में दो साल तक काम करना होगा। लेकिन, वहां से सिर्फ तीन महीने के अंदर कंपनी ने वापस भेज दिया। जालसाजी के शिकार युवक किसी तरह कर्ज लेकर विदेश गए थे। अब घर आने पर कर्ज के लिए लोग दबाव बना रहे हैं। वे न्याय के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। पुलिस कार्रवाई के बजाए केस दर्ज करने के लिए जांच के नाम पर दौड़ा रही है।
-
-विदेश से हम लोगों को कंपनी ने घर भेज दिया है। हम लोगों के साथ एजेंट ने जालसाजी की है। संस्था के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। न्याय के लिए हम लोग सीएम से भी मिलेंगे। -रत्नाकर गिरी, खोटी देवरिया
हम लोगों से 1.20 लाख हजार रुपये लिए गए। विदेश में जो काम मिलना चाहिए था, वह मिला नहीं। जितना एजेंट ने वादा किया था, वह भी नहीं हुआ। मजदूरी करनी पड़ी और हाथ से भोज बनाना पड़ता था। तीन माह में ही कंपनी घर भेज दी। पुलिस कार्रवाई करे। -संदीप राजभर, हरपुर देवरिया
-कर्ज लेकर हम लोग विदेश गए थे, ताकि घर की माली हालत ठीक हो सके। पारिवारिक दिक्कतों के चलते खेत भी बंधक है। लेकिन, एजेंट ने अरमानों पर पानी फेर दिया। कर्ज उतारने के उद्देश्य से विदेश जाने का सपना और कर्जदार बना दिया। अब परिवार के सामने रोजी-रोटी का भी संकट गहरा गया है। -रवि गुप्ता, रसूलपुर घोठा, सिवान
एजेंट से रूस भेजने की बात हुई थी और उज्बेकिस्तान भेज दिया गया। अचानक एयरपोर्ट पर यह जानकारी मिली तो मजबूरी में जाना पड़ा। नहीं तो रुपये डूब जाते। काम की तो दिक्कत वहां पर थी ही, लेकिन तीन माह में ही कंपनी ने वापस घर भेज दिया, जबकि दो साल तक काम के लिए बात हुई थी। अभय यादव, शिकुवारा सिवान