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Kushinagar News: कटानस्थल पर पहुंचे एक्सईएन, कटान रोकने के निर्देश
Thu, 08 Aug 2024 06:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 08 Aug 2024 06:00 AM IST
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तमकुहीरोड। बाढ़ खंड के एक्सईएन ने बुधवार की शाम विरवट कोन्हवलिया में ठोकर नंबर चार के सामने हो रही कटान और नरवाजोत में किमी 1.700 पर बने ठोकर का जायजा लिया। नदी के बंधे तक पहुंचने से रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा का इंतजाम करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी अभियंताओं से बांध की निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम करने को कहा।
गंडक नदी के डिस्चार्ज में उतार चढ़ाव के चलते पहले गंडक नदी ने नरवाजोत बंधे को निशाने पर लिया था। जहां तबाही का मंजर आज भी दिखाई दे रहा है। वहां किसी तरह ठोकर बनाकर बांध को बचाने में अभियंता सफल रहे, लेकिन अब भी खतरा बना हुआ है। इसी तरह नदी जवही दयाल में किमी 4.500 से विरवट कोन्हवलिया में ठोकर नंबर चार के आगे पिछले एक सप्ताह से कटान करती हुई फसलों को आगोश में ले रही है।
यही नहीं, नदी फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ बंधे की सुरक्षा के लिए भी खतरनाक साबित हो रही है। नदी का कटान जारी है। किसान गौतम सिंह, लालजी कुशवाहा, अरुण कुमार सिंह, रघुनाथ यादव, राजेंद्र कुशवाहा, रामाधार सिंह आदि का कहना है कि बाढ़ खंड विभाग को केवल अपने बांध की चिंता है। यदि कटान शुरू होने के साथ बचाव कार्य शुरू करा दिया गया होता तो फसल के साथ उपजाऊ भूमि व बांध की सुरक्षा भी बनी रहती।
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इसी खतरे की आशंका को लेकर बाढ़ खंड कुशीनगर के एक्सईएन एमके सिंह,एसडीओ रमेश यादव अन्य अभियंताओं के साथ पहले नरवाजोत पहुचे और ठोकर के साथ बांध की स्थिति का जायजा लिया।उसके बाद वह विरवट कोन्हवलिया में ठोकर नंबर चार पर पहुंचे। जहां नदी न केवल फसलों के साथ भूमि को काटती हुई बांध के करीब पहुंच चुकी है, उसका जायजा लिया और अभियंताओं को किसी भी खतरे से निपटने के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम करने का निर्देश दिया। इस दौरान उनके साथ जेई चंद्रप्रकाश,जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील कुमार यादव, जेई विनोद कुमार शर्मा, जेई रामचंद्र प्रसाद आदि भी मौजूद रहे।
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गंडक नदी के डिस्चार्ज में उतार चढ़ाव के चलते पहले गंडक नदी ने नरवाजोत बंधे को निशाने पर लिया था। जहां तबाही का मंजर आज भी दिखाई दे रहा है। वहां किसी तरह ठोकर बनाकर बांध को बचाने में अभियंता सफल रहे, लेकिन अब भी खतरा बना हुआ है। इसी तरह नदी जवही दयाल में किमी 4.500 से विरवट कोन्हवलिया में ठोकर नंबर चार के आगे पिछले एक सप्ताह से कटान करती हुई फसलों को आगोश में ले रही है।
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यही नहीं, नदी फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ बंधे की सुरक्षा के लिए भी खतरनाक साबित हो रही है। नदी का कटान जारी है। किसान गौतम सिंह, लालजी कुशवाहा, अरुण कुमार सिंह, रघुनाथ यादव, राजेंद्र कुशवाहा, रामाधार सिंह आदि का कहना है कि बाढ़ खंड विभाग को केवल अपने बांध की चिंता है। यदि कटान शुरू होने के साथ बचाव कार्य शुरू करा दिया गया होता तो फसल के साथ उपजाऊ भूमि व बांध की सुरक्षा भी बनी रहती।
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इसी खतरे की आशंका को लेकर बाढ़ खंड कुशीनगर के एक्सईएन एमके सिंह,एसडीओ रमेश यादव अन्य अभियंताओं के साथ पहले नरवाजोत पहुचे और ठोकर के साथ बांध की स्थिति का जायजा लिया।उसके बाद वह विरवट कोन्हवलिया में ठोकर नंबर चार पर पहुंचे। जहां नदी न केवल फसलों के साथ भूमि को काटती हुई बांध के करीब पहुंच चुकी है, उसका जायजा लिया और अभियंताओं को किसी भी खतरे से निपटने के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम करने का निर्देश दिया। इस दौरान उनके साथ जेई चंद्रप्रकाश,जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील कुमार यादव, जेई विनोद कुमार शर्मा, जेई रामचंद्र प्रसाद आदि भी मौजूद रहे।