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Kushinagar News: काव्य गोष्ठी में साहित्यकार सम्मानित
Sat, 30 Mar 2024 01:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 30 Mar 2024 01:37 AM IST
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हाटा। श्रीनाथ संस्कृत महाविद्यालय परिसर में वाग्देवी साहित्य मंच की ओर से शुक्रवार को काव्य गोष्ठी आयोजित हुई। इसमें दो साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।
वाग्देवी साहित्य मंच के अध्यक्ष मोहन पांडेय की अध्यक्षता में हुई काव्य गोष्ठी का शुभारंभ विकास चौरसिया ने वंदना गीत से किया। शम्मी उपाध्याय ने ...मेरी भी है आशा है अरमान है, नाम कमाऊ इतना कि खुद से हो मेरी पहचान... सुनाया। कृति उपाध्याय ने ...होली है भाई होली है प्यार भरी रंगोली है...। शायर डाॅ. इम्तियाज समर ने ...हमें मालूम है कि तुम हमें मिटने नहीं दोगे, हमारे ही पसीने से तुम्हारी कार चलती है...सुनाकर वाहवाही बटोरी। शैलेंद्र पांडेय असीम ने ...मुसाफिर राह से भटका हुआ हूं, किसी की आस था टूटा हुआ हूं... सुनाया। इसके बाद जगदीश खेतान, अक्षय गिरी, सूरज राम आदित्य, पंकज मणि, परमानंद मिश्र, राघवेंद्र मिश्र, हमीद आरज़ू, ओमप्रकाश द्विवेदी ओम, विनोद पांडेय, रमेश साव आदि कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाईं। अंत में कवि सूर्य नारायण गुप्त सूर्य और शायर डाॅ. इम्तेयाज समर को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। गोष्ठी का संचालन सच्चिदानंद पांडेय ने किया।
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वाग्देवी साहित्य मंच के अध्यक्ष मोहन पांडेय की अध्यक्षता में हुई काव्य गोष्ठी का शुभारंभ विकास चौरसिया ने वंदना गीत से किया। शम्मी उपाध्याय ने ...मेरी भी है आशा है अरमान है, नाम कमाऊ इतना कि खुद से हो मेरी पहचान... सुनाया। कृति उपाध्याय ने ...होली है भाई होली है प्यार भरी रंगोली है...। शायर डाॅ. इम्तियाज समर ने ...हमें मालूम है कि तुम हमें मिटने नहीं दोगे, हमारे ही पसीने से तुम्हारी कार चलती है...सुनाकर वाहवाही बटोरी। शैलेंद्र पांडेय असीम ने ...मुसाफिर राह से भटका हुआ हूं, किसी की आस था टूटा हुआ हूं... सुनाया। इसके बाद जगदीश खेतान, अक्षय गिरी, सूरज राम आदित्य, पंकज मणि, परमानंद मिश्र, राघवेंद्र मिश्र, हमीद आरज़ू, ओमप्रकाश द्विवेदी ओम, विनोद पांडेय, रमेश साव आदि कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाईं। अंत में कवि सूर्य नारायण गुप्त सूर्य और शायर डाॅ. इम्तेयाज समर को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। गोष्ठी का संचालन सच्चिदानंद पांडेय ने किया।
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