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Kushinagar News: सुबह सात बजे से कतार, पांच घंटे बाद दो मिनट का परामर्श
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न्यूरो विभाग के ओपीडी में दिखाने के लिए कुर्सी पर बैठकर इंतजार करते मरीज।संवाद
पडरौना। मेडिकल कॉलेज में न्यूरोलॉजी (तंत्रिका रोग) विभाग की व्यवस्थाएं वेंटिलेटर पर हैं। सप्ताह में सिर्फ एक दिन बृहस्पतिवार को चलने वाली न्यूरो ओपीडी में इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों को राहत की जगह फजीहत झेलनी पड़ रही है।
सुबह सात बजे से ही पर्चा काउंटर पर लंबी कतार के बाद ओपीडी के बाहर चार से पांच घंटे तक बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। इतनी जद्दोजहद के बाद जब मरीज डॉक्टर के चेंबर तक पहुंचते हैं तो महज एक से दो मिनट में ही सलाह देकर दवा की पर्ची थमा दी जाती है। मरीज अपनी पूरी बीमारी और दर्द तक न बता पाते हैं न ही डॉक्टर के पास सुनने का समय। इसलिए मरीज सिर्फ पर्ची पर लिखी दवा लेकर घर लौटने को मजबूर हैं।
नसों, रीढ़ की हड्डी और सिर से जुड़ी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके तीमारदारों ने कॉलेज प्रशासन से हर राजे डॉक्टर की तैनाती कर ओपीडी संचालित करने की मांग की है।
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बिना डॉक्टर नहीं मिलेगी सहूलियत : नस, सिरदर्द और हाथ में दर्द की समस्या को लेकर कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे सुनील कुमार, अभिषेक यादव, वंदन, संजीव शर्मा, अभी कुमार,अनवर अली आदि ने कहा कि न्यूरो विशेषज्ञ की तैनाती से ही समस्या दूर होगी।
नस, सिर दर्द, रीढ़ की हड्डी के पास नस दबने आदि के मरीजों की तादाद के मुताबिक कम से कम तीन से चार दिन ओपीडी चलनी चाहिए। कॉलेज प्रशासन को इसका इंतजाम करना चाहिए।
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सुबह सात बजे से ही पर्चा काउंटर पर लंबी कतार के बाद ओपीडी के बाहर चार से पांच घंटे तक बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। इतनी जद्दोजहद के बाद जब मरीज डॉक्टर के चेंबर तक पहुंचते हैं तो महज एक से दो मिनट में ही सलाह देकर दवा की पर्ची थमा दी जाती है। मरीज अपनी पूरी बीमारी और दर्द तक न बता पाते हैं न ही डॉक्टर के पास सुनने का समय। इसलिए मरीज सिर्फ पर्ची पर लिखी दवा लेकर घर लौटने को मजबूर हैं।
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नसों, रीढ़ की हड्डी और सिर से जुड़ी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके तीमारदारों ने कॉलेज प्रशासन से हर राजे डॉक्टर की तैनाती कर ओपीडी संचालित करने की मांग की है।
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बिना डॉक्टर नहीं मिलेगी सहूलियत : नस, सिरदर्द और हाथ में दर्द की समस्या को लेकर कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे सुनील कुमार, अभिषेक यादव, वंदन, संजीव शर्मा, अभी कुमार,अनवर अली आदि ने कहा कि न्यूरो विशेषज्ञ की तैनाती से ही समस्या दूर होगी।
नस, सिर दर्द, रीढ़ की हड्डी के पास नस दबने आदि के मरीजों की तादाद के मुताबिक कम से कम तीन से चार दिन ओपीडी चलनी चाहिए। कॉलेज प्रशासन को इसका इंतजाम करना चाहिए।