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बिना काम शुरू हुए ही कर दिया `6.45 लाख का भुगतान
Kushinagar/राकेश कुमार गौंड़
Updated Sun, 27 Mar 2016 11:48 PM IST
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दुदही क्षेत्र में कार्य शुरू हुए बिना ही करा दिया गया भुगतान।
- फोटो : अमर उजाला
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दुदही क्षेत्र में खड़ंजा, मिट्टी कार्य, नाली और पुलिया निर्माण की पांच परियोजनाआें के नाम पर राज्य वित्त के 6.45 लाख रुपये बिना काम शुरू कराए ही भुगतान कर दिए गए। इसकी संस्तुति कार्य प्रभारी और जेई की संस्तुति ने की थी। अब वित्तीय वर्ष खत्म होने को है और नए ब्लॉक प्रमुख के कार्यभार संभालने के बाद कमियां छिपाने के लिए जिम्मेदाराें ने आनन फानन में सामग्रियों के आपूर्तिकर्ता फर्म से रुपये वापस करा लिए गया, जबकि बिना काम शुरू कराए फर्म को भुगतान करने का नियम नहीं है।
दुदही ब्लॉक के विजयपुर दक्षिणपट्टी में 4.47 लाख रुपये की लागत से 330 मीटर मिट्टी और खड़ंजा का कार्य वित्तीय वर्ष 2015-16 में प्रस्तावित था। आरईएस के जेई और कार्य प्रभारी गांव के ग्राम पंचायत अधिकारी को इसे पूर्ण कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। जबकि ईंट और अन्य सामग्रियों की आपूर्ति के लिए गोरखपुर की एक फर्म को चुना गया था। यहां बिना काम शुरू हुए ही कार्य प्रभारी द्वारा बीडीओ को पत्र भेजकर कार्य आरंभ होने की जानकारी दे दी गई और फर्म को छह हजार रुपये की दर से प्रथम श्रेणी के पांच हजार ईंटाें की आपूर्ति के लिए तीन लाख रुपये भुगतान की भी संस्तुति कर दी गई।
इसे बाकायदा स्टॉक रजिस्टर में दर्शा दिया गया, लेकिन उस पर तिथि नहीं दर्शायी गई। इसके आधार पर दुदही के एक राष्ट्रीयकृत बैंक के जरिए 16 मार्च को चेक से इस धनराशि का भुगतान कर दिया गया। चूंकि वित्तीय वर्ष खत्म होने को है और अब नए ब्लॉक प्रमुख ने कार्यभार संभाल लिया है। ऐसी दशा में कमियाें को छिपाने के लिए 21 मार्च को उसी जेई ने यह लिखकर दे दिया कि मौके पर अब तक ईंट की आपूर्ति न होने के कारण कोई कार्य प्रारंभ नहीं कराया गया।
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इसी तरह दुदही ब्लॉक के विजयपुर उत्तरपट्टी में 74100 रुपये, पडरौना मडुरही में 79800 व 159600 रुपये और दुदही के गद्दी टोला में 46740 रुपये राज्य वित्त से ही खड़ंजा, नाली और पुलिया निर्माण के लिए भुगतान कर दिए गए थे, लेकिन अभी तक काम शुरू ही नहीं कराया गया। बीडीओ ने इन पांच परियोजनाआें के अधूरे होने की स्थिति में अनुबंध निरस्त करते हुए 645240 रुपये खाते में जमा करने के लिए फर्म को पत्र लिखा है।
वहीं दुदही के बीडीओ संजय श्रीवास्तव ने बताया कि निर्धारित समय में फर्म ने ईंट की आपूर्ति नहीं की, इसलिए अनुबंध निरस्त कर रुपये वापस करा लिए गए। आरईएस के जेई और कार्यप्रभारी ग्राम पंचायत अधिकारी को इस संबंध में नोटिस जारी किया गया है। वहीं सीडीओ केदारनाथ सिंह ने कहा कि मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जबकि डीएम लोकेश एम ने कहा कि पूरे मामले में बीडीओ से रिपोर्ट तलब की जाएगी।
दुदही ब्लॉक के विजयपुर दक्षिणपट्टी में 4.47 लाख रुपये की लागत से 330 मीटर मिट्टी और खड़ंजा का कार्य वित्तीय वर्ष 2015-16 में प्रस्तावित था। आरईएस के जेई और कार्य प्रभारी गांव के ग्राम पंचायत अधिकारी को इसे पूर्ण कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। जबकि ईंट और अन्य सामग्रियों की आपूर्ति के लिए गोरखपुर की एक फर्म को चुना गया था। यहां बिना काम शुरू हुए ही कार्य प्रभारी द्वारा बीडीओ को पत्र भेजकर कार्य आरंभ होने की जानकारी दे दी गई और फर्म को छह हजार रुपये की दर से प्रथम श्रेणी के पांच हजार ईंटाें की आपूर्ति के लिए तीन लाख रुपये भुगतान की भी संस्तुति कर दी गई।
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इसे बाकायदा स्टॉक रजिस्टर में दर्शा दिया गया, लेकिन उस पर तिथि नहीं दर्शायी गई। इसके आधार पर दुदही के एक राष्ट्रीयकृत बैंक के जरिए 16 मार्च को चेक से इस धनराशि का भुगतान कर दिया गया। चूंकि वित्तीय वर्ष खत्म होने को है और अब नए ब्लॉक प्रमुख ने कार्यभार संभाल लिया है। ऐसी दशा में कमियाें को छिपाने के लिए 21 मार्च को उसी जेई ने यह लिखकर दे दिया कि मौके पर अब तक ईंट की आपूर्ति न होने के कारण कोई कार्य प्रारंभ नहीं कराया गया।
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इसी तरह दुदही ब्लॉक के विजयपुर उत्तरपट्टी में 74100 रुपये, पडरौना मडुरही में 79800 व 159600 रुपये और दुदही के गद्दी टोला में 46740 रुपये राज्य वित्त से ही खड़ंजा, नाली और पुलिया निर्माण के लिए भुगतान कर दिए गए थे, लेकिन अभी तक काम शुरू ही नहीं कराया गया। बीडीओ ने इन पांच परियोजनाआें के अधूरे होने की स्थिति में अनुबंध निरस्त करते हुए 645240 रुपये खाते में जमा करने के लिए फर्म को पत्र लिखा है।
वहीं दुदही के बीडीओ संजय श्रीवास्तव ने बताया कि निर्धारित समय में फर्म ने ईंट की आपूर्ति नहीं की, इसलिए अनुबंध निरस्त कर रुपये वापस करा लिए गए। आरईएस के जेई और कार्यप्रभारी ग्राम पंचायत अधिकारी को इस संबंध में नोटिस जारी किया गया है। वहीं सीडीओ केदारनाथ सिंह ने कहा कि मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जबकि डीएम लोकेश एम ने कहा कि पूरे मामले में बीडीओ से रिपोर्ट तलब की जाएगी।