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Kushinagar News: खुशियां ढूंढ़ने गए विदेश...दर्द लेकर लाैटे
Wed, 18 Dec 2024 11:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 18 Dec 2024 11:57 PM IST
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पडरौना। परिवार की तंगहाली दूर कर विदेश में डॉलर और रियाल की चमक में खुशियां ढूंढ़ने गए अधिकांश लोग धोखाधड़ी की चपेट में आ गए। स्वदेश लौटने तक उनको ऐसा जख्म मिला कि उस दर्द को बयां कर ये आज भी भावुक हो उठते हैं। स्वरोजगार के सहारे गांव में सीमित जिंदगी को ठीक करार देते हुए विदेश न जाने की सलाह देते हैं।
पिछले कुछ माह में एजेंटों की मदद से रुपये देकर विदेश गए कई युवाओं ने जो समस्या झेली है, उससे वह सीख ले सकते हैं। इतने के बावजूद बेरोजगार युवक स्वरोजगार करने के बजाए कर्ज लेकर विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी के शिकार हो रहे हैं। हालांकि, एसपी के आदेश पर पुलिस भी ठगों से बचने के लिए प्रचार-प्रसार और साइबर सेल की मदद से जागरूकता फैला रही है।
कुशीनगर समेत पूर्वांचल के कई क्षेत्रों से लेकर बिहार और आसपास के इलाकों में फैली बेरोजगारी से युवा परिवार की आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए विदेश जा रहे हैं। साक्षरता कम और अनुभवहीन होने के कारण ये युवा किसी भी फर्जी ट्रैवल एजेंसी के दवाब में आकर मलेशिया, सऊदी अरब अमीरात, दुबई, कंबोडिया, लाओस आदि शहरों में चले जा रहे हैं। इस नौकरी और जितने रुपये का लालच ट्रैवल एजेंट उन युवाओं को देते हैं वहां मौके पर पहुंचने के बाद मामला कुछ और होता है। नौकरी की बजाय इन्हें शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। ऊंट चरवाहा, बकरी चरवाहा आदि नौकरी दबाव देकर कराए जाते हैं और आवाज उठाने पर कानून के तहत जेल भेजने की धमकी दी जाती है। ऐसे में कई दफा सालों तक ऐसे युवक फंसे रह जाते हैं। इसमें सबसे अधिक टूरिस्ट वीजा पर जाकर नौकरी पकड़ने वाले शिकार होते हैं। विदेश के कानून के तहत टूरिस्ट वीजा पर जाने के कारण यह लोग फंस जाते हैं। एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि विदेश भेजने के नाम पर ठगी का रैकेट चलाने वालों के खिलाफ पुलिस काम कर रही है। विदेश जाने से पहले जांच पड़ताल अच्छी तरीके से लोगों को खुद करना चाहिए। पुलिस तक जो मामला पहुंच रहा है। उस पर कार्रवाई कराई जा रही है।
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पेंटर वीजा पर गए विदेश... दुबई जेल में काटी सजा : डेढ़ वर्ष से संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) के जेल में बंद सिवान के प्रदीप मिश्र की 14 सितंबर को प्रवासी भारतीय मदद समूह के सदस्यों के माध्यम से वतन वापसी हुई। जेल में बंद होने की जानकारी पर पड़ोसी प्रांत गोपालगंज भोरे के उनके एक रिश्तेदार की ओर से प्रवासी भारतीय मदद समूह निस्वार्थ से गुहार लगाई थी।
प्रदीप मिश्रा की घरेलू हालत ठीक न होने से वह दो वर्षों से कमाने गए थे, लेकिन हालात ऐसे बने कि उन्हें जेल जाना पड़ा। प्रदीप मिश्रा की आर्थिक स्थिति ठीक न होने से वह पेंटर के वीजा से दिसंबर 2022 में विदेश गए थे।उनके परिवार में उनकी दो पुत्री क्रमश चार और दो वर्ष की है। प्रदीप मिश्रा के जेल में बंद होने के बाद घरेलू स्थिति काफी खराब हो गई थी।ं
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पिछले कुछ माह में एजेंटों की मदद से रुपये देकर विदेश गए कई युवाओं ने जो समस्या झेली है, उससे वह सीख ले सकते हैं। इतने के बावजूद बेरोजगार युवक स्वरोजगार करने के बजाए कर्ज लेकर विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी के शिकार हो रहे हैं। हालांकि, एसपी के आदेश पर पुलिस भी ठगों से बचने के लिए प्रचार-प्रसार और साइबर सेल की मदद से जागरूकता फैला रही है।
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कुशीनगर समेत पूर्वांचल के कई क्षेत्रों से लेकर बिहार और आसपास के इलाकों में फैली बेरोजगारी से युवा परिवार की आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए विदेश जा रहे हैं। साक्षरता कम और अनुभवहीन होने के कारण ये युवा किसी भी फर्जी ट्रैवल एजेंसी के दवाब में आकर मलेशिया, सऊदी अरब अमीरात, दुबई, कंबोडिया, लाओस आदि शहरों में चले जा रहे हैं। इस नौकरी और जितने रुपये का लालच ट्रैवल एजेंट उन युवाओं को देते हैं वहां मौके पर पहुंचने के बाद मामला कुछ और होता है। नौकरी की बजाय इन्हें शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। ऊंट चरवाहा, बकरी चरवाहा आदि नौकरी दबाव देकर कराए जाते हैं और आवाज उठाने पर कानून के तहत जेल भेजने की धमकी दी जाती है। ऐसे में कई दफा सालों तक ऐसे युवक फंसे रह जाते हैं। इसमें सबसे अधिक टूरिस्ट वीजा पर जाकर नौकरी पकड़ने वाले शिकार होते हैं। विदेश के कानून के तहत टूरिस्ट वीजा पर जाने के कारण यह लोग फंस जाते हैं। एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि विदेश भेजने के नाम पर ठगी का रैकेट चलाने वालों के खिलाफ पुलिस काम कर रही है। विदेश जाने से पहले जांच पड़ताल अच्छी तरीके से लोगों को खुद करना चाहिए। पुलिस तक जो मामला पहुंच रहा है। उस पर कार्रवाई कराई जा रही है।
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पेंटर वीजा पर गए विदेश... दुबई जेल में काटी सजा : डेढ़ वर्ष से संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) के जेल में बंद सिवान के प्रदीप मिश्र की 14 सितंबर को प्रवासी भारतीय मदद समूह के सदस्यों के माध्यम से वतन वापसी हुई। जेल में बंद होने की जानकारी पर पड़ोसी प्रांत गोपालगंज भोरे के उनके एक रिश्तेदार की ओर से प्रवासी भारतीय मदद समूह निस्वार्थ से गुहार लगाई थी।
प्रदीप मिश्रा की घरेलू हालत ठीक न होने से वह दो वर्षों से कमाने गए थे, लेकिन हालात ऐसे बने कि उन्हें जेल जाना पड़ा। प्रदीप मिश्रा की आर्थिक स्थिति ठीक न होने से वह पेंटर के वीजा से दिसंबर 2022 में विदेश गए थे।उनके परिवार में उनकी दो पुत्री क्रमश चार और दो वर्ष की है। प्रदीप मिश्रा के जेल में बंद होने के बाद घरेलू स्थिति काफी खराब हो गई थी।ं