{"_id":"648618109c2bae2a4f0bdd84","slug":"weather-too-hot-kushinagar-news-c-7-1-202846-2023-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: दिन भर बरसी आग, पारा 42 पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: दिन भर बरसी आग, पारा 42 पार
Mon, 12 Jun 2023 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 12 Jun 2023 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो है।
चिलचिलाती धूप और गर्मी के कारण सन्नाटा पसरा रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है। इससे लोगों का घर से बाहर निकलना दुश्वार हो गया है। दिन का तापमान का पारा चढ़ने के कारण गर्मी से लोग बेहाल हैं। रविवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के मार्गों पर चिलचिलाती धूप और गर्मी के कारण सन्नाटा पसरा रहा। बहुत जरूरी होने पर ही एक्का-दुक्का राहगीर सफर करते देखे गए।
जिले में तापमान लगातार चढ़ता रहा है। दिन-ब-दिन तल्ख होती धूप के कारण लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। आलम यह है कि दोपहर के समय आसमान से आग बरस रही है। एक तरफ चिलचिलाती धूप और दूसरी तरफ गर्म हवाओं से बचने के लिए लोग घरों में दुबके रहे। जरूरी काम होने पर ही लोग घर से बाहर निकले।
तपिश का असर देर शाम तक बना रहा। सूरज डूबने के साथ ही उमस भरी गर्मी ने भी लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। लगातार बढ़ रही गर्मी का असर इस कदर है कि पंखा और कूलर भी लोगों को राहत नहीं दे पा रही हैं। सड़क पर निकल रहे लोग रुमाल और गमछे का सहारा ले रहे हैं।
विज्ञापन
एक सप्ताह तक राहत मिलने के आसार नहीं
रविवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम में यह तल्खी को देखते हुए लोग खुद को सुरक्षित रखने के साथ ही पशुओं को भी सुरक्षित रखें। नियमित रूप से पानी का सेवन करें। जिससे शरीर में पानी की कमी न हो सके। उन्होंने बताया कि इस सप्ताह जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन अभी आने वाले करीब एक समाप्त उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिलेगी है।
- श्रुति वी सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया
जो किसान धान की नर्सरी डाल रहे हैं या डाल चुके हैं, वे सूर्य अस्त होने के बाद उसमें पानी छोड़ें। यदि धूप के समय पानी छोड़ेंगे, तो नर्सरी का बीज सड़ जाएगा और नर्सरी के पौधे की बढ़त भी प्रभावित होगी। सब्जी की खेती करने वाले किसान भी यदि खेत में नमी है, तो शाम को ही खेत की सिंचाई करें।
-डॉ. बीआर मौर्या, जिला कृषि अधिकारी
विज्ञापन
चिलचिलाती धूप और गर्मी के कारण सन्नाटा पसरा रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है। इससे लोगों का घर से बाहर निकलना दुश्वार हो गया है। दिन का तापमान का पारा चढ़ने के कारण गर्मी से लोग बेहाल हैं। रविवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के मार्गों पर चिलचिलाती धूप और गर्मी के कारण सन्नाटा पसरा रहा। बहुत जरूरी होने पर ही एक्का-दुक्का राहगीर सफर करते देखे गए।
जिले में तापमान लगातार चढ़ता रहा है। दिन-ब-दिन तल्ख होती धूप के कारण लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। आलम यह है कि दोपहर के समय आसमान से आग बरस रही है। एक तरफ चिलचिलाती धूप और दूसरी तरफ गर्म हवाओं से बचने के लिए लोग घरों में दुबके रहे। जरूरी काम होने पर ही लोग घर से बाहर निकले।
विज्ञापन
तपिश का असर देर शाम तक बना रहा। सूरज डूबने के साथ ही उमस भरी गर्मी ने भी लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। लगातार बढ़ रही गर्मी का असर इस कदर है कि पंखा और कूलर भी लोगों को राहत नहीं दे पा रही हैं। सड़क पर निकल रहे लोग रुमाल और गमछे का सहारा ले रहे हैं।
विज्ञापन
एक सप्ताह तक राहत मिलने के आसार नहीं
रविवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम में यह तल्खी को देखते हुए लोग खुद को सुरक्षित रखने के साथ ही पशुओं को भी सुरक्षित रखें। नियमित रूप से पानी का सेवन करें। जिससे शरीर में पानी की कमी न हो सके। उन्होंने बताया कि इस सप्ताह जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन अभी आने वाले करीब एक समाप्त उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिलेगी है।
- श्रुति वी सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया
जो किसान धान की नर्सरी डाल रहे हैं या डाल चुके हैं, वे सूर्य अस्त होने के बाद उसमें पानी छोड़ें। यदि धूप के समय पानी छोड़ेंगे, तो नर्सरी का बीज सड़ जाएगा और नर्सरी के पौधे की बढ़त भी प्रभावित होगी। सब्जी की खेती करने वाले किसान भी यदि खेत में नमी है, तो शाम को ही खेत की सिंचाई करें।
-डॉ. बीआर मौर्या, जिला कृषि अधिकारी