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Kushinagar News: बढ़ने लगा गंडक का जलस्तर, सहमे बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग
Fri, 02 Aug 2024 05:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 02 Aug 2024 05:25 AM IST
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तमकुहीरोड। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर नदी का डिस्चार्ज बुधवार की रात में 1.66 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया। इससे नदी के जलस्तर में एक बार फिर वृद्धि होने लगी है। यह देख बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की सांसें अटकीं पड़ी हैं। नरवाजोत बांध और ठोकर पर नदी का दबाव फिर बढ़ गया है। हालांकि, विभाग संसाधन के साथ किसी भी खतरे से निपटने को लेकर चौकन्ना है। बांध के किनारे बसे गांवों के लोगों में नदी के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव को लेकर बेचैन हो गए हैं। लोगों को आशंका है कि नदी कभी भी रौद्र रूप धारणकर बांध व ठोकर को क्षति पहुंचाने के बाद आबादी को भी तहस-नहस कर सकती है।
नरवाजोत बांध पर पिछले 15 दिनों से गंडक नदी का भारी दबाव बना है और नदी ठोकर के अप स्ट्रीम में दोनों ओर लगभग 200 मीटर में भारी तबाही मचा चुकी है। इससे कई हेक्टेयर फसल के साथ भवनों और झोपड़ियों को भी नदी निगल चुकी है। बुधवार की रात गंडक का डिस्चार्ज 1.66 लाख क्यूसेक से अधिक हो जाने के बाद एक बार फिर ठोकर के नोज और बांध पर दबाव बढ़ने लगा है। इससे नदी ठोकर से टकराकर बहते हुए अप व डाउन स्ट्रीम में बांध पर भी तेज दबाव बना रही है।
बाढ़ खंड के जेई चंद्रप्रकाश, जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील कुमार यादव, जेई विनोद कुमार शर्मा, जेई रामचंद्र प्रसाद इस संभावित खतरे को लेकर चौकसी बरत रहे हैं। अभियंताओं की ओर से रात-दिन बांध की निगरानी की जा रही है। बांध के किनारे बसे गांवों के लोग नदी के उतार-चढ़ाव को लेकर बेचैन हैं। गांव के श्रीकांत सिंह, मुन्ना मद्धेशिया, कैलाश सिंह, दुधनाथ शर्मा, उपेंद्र सिंह आदि का कहना है कि नदी के डिस्चार्ज में उतार-चढ़ाव का सिलसिला अगस्त महीने में और तेज हो सकता है। इससे नदी कभी भी नरवाजोत में रौद्र रूप धारण कर बांध व ठोकर को नुकसान पहुंचा सकती है। इस संबंध में बाढ़ खंड के एसडीओ रमेश यादव ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और बांध पूरी तरह सुरक्षित है।
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नरवाजोत बांध पर पिछले 15 दिनों से गंडक नदी का भारी दबाव बना है और नदी ठोकर के अप स्ट्रीम में दोनों ओर लगभग 200 मीटर में भारी तबाही मचा चुकी है। इससे कई हेक्टेयर फसल के साथ भवनों और झोपड़ियों को भी नदी निगल चुकी है। बुधवार की रात गंडक का डिस्चार्ज 1.66 लाख क्यूसेक से अधिक हो जाने के बाद एक बार फिर ठोकर के नोज और बांध पर दबाव बढ़ने लगा है। इससे नदी ठोकर से टकराकर बहते हुए अप व डाउन स्ट्रीम में बांध पर भी तेज दबाव बना रही है।
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बाढ़ खंड के जेई चंद्रप्रकाश, जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील कुमार यादव, जेई विनोद कुमार शर्मा, जेई रामचंद्र प्रसाद इस संभावित खतरे को लेकर चौकसी बरत रहे हैं। अभियंताओं की ओर से रात-दिन बांध की निगरानी की जा रही है। बांध के किनारे बसे गांवों के लोग नदी के उतार-चढ़ाव को लेकर बेचैन हैं। गांव के श्रीकांत सिंह, मुन्ना मद्धेशिया, कैलाश सिंह, दुधनाथ शर्मा, उपेंद्र सिंह आदि का कहना है कि नदी के डिस्चार्ज में उतार-चढ़ाव का सिलसिला अगस्त महीने में और तेज हो सकता है। इससे नदी कभी भी नरवाजोत में रौद्र रूप धारण कर बांध व ठोकर को नुकसान पहुंचा सकती है। इस संबंध में बाढ़ खंड के एसडीओ रमेश यादव ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और बांध पूरी तरह सुरक्षित है।
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