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Kushinagar News: गंडक नदी का जलस्तर घटा, बाढ़ प्रभावित गांव वाले चिंतित
Fri, 17 Jul 2026 02:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 17 Jul 2026 02:19 AM IST
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खड्डा। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से छोड़े जा रहे पानी में लगातार कमी आने से गंडक नदी का जलस्तर घटने लगा है। इसके चलते खड्डा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों के पास तक पहुंचा पानी धीरे-धीरे उतर रहा है। फिलहाल छितौनी तटबंध पर पानी का दबाव कम जरूर हुआ है, लेकिन बंधे पर बने रेनकट को अभी तक ठीक नहीं कराया जा सका है। इससे बाढ़ प्रभावित गांव वाले अभी भी चिंतित हैं।
भैंसहा गेज स्थल पर बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 12 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया, जो शाम चार बजे घटकर 95.09 मीटर पर पहुंच गया। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 90 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था और खतरे के निशान से महज 10 सेंटीमीटर नीचे रह गया था। जलस्तर बढ़ने से मरचहवा, बसंतपुर, शीवपुर, हरिहरपुर, नारायनपुर सहित कई गांवों के करीब निचले हिस्सों में पानी फैल गया था।
बृहस्पतिवार को बैराज से सुबह छह बजे 1.34 लाख क्यूसेक, आठ बजे 1.42 लाख 100 क्यूसेक, 10 बजे 1.39 लाख 400 क्यूसेक, दोपहर 12 बजे 1.39 लाख क्यूसेक, दोपहर दो बजे 1.34 लाख क्यूसेक तथा शाम चार बजे 1.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।जलस्तर में गिरावट से बाढ़ प्रभावित गांवों के आसपास का पानी उतरने लगा है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में दोबारा भारी बारिश होने पर बैराज से पानी का डिस्चार्ज फिर बढ़ सकता है, जिससे बाढ़ का खतरा दोबारा पैदा होने की आशंका बनी हुई है।
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भैंसहा गेज स्थल पर बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 12 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया, जो शाम चार बजे घटकर 95.09 मीटर पर पहुंच गया। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 90 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था और खतरे के निशान से महज 10 सेंटीमीटर नीचे रह गया था। जलस्तर बढ़ने से मरचहवा, बसंतपुर, शीवपुर, हरिहरपुर, नारायनपुर सहित कई गांवों के करीब निचले हिस्सों में पानी फैल गया था।
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बृहस्पतिवार को बैराज से सुबह छह बजे 1.34 लाख क्यूसेक, आठ बजे 1.42 लाख 100 क्यूसेक, 10 बजे 1.39 लाख 400 क्यूसेक, दोपहर 12 बजे 1.39 लाख क्यूसेक, दोपहर दो बजे 1.34 लाख क्यूसेक तथा शाम चार बजे 1.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।जलस्तर में गिरावट से बाढ़ प्रभावित गांवों के आसपास का पानी उतरने लगा है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में दोबारा भारी बारिश होने पर बैराज से पानी का डिस्चार्ज फिर बढ़ सकता है, जिससे बाढ़ का खतरा दोबारा पैदा होने की आशंका बनी हुई है।
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