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बड़ी गंडक का जलस्तर बढ़ा

Tue, 30 Jul 2019 11:39 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jul 2019 11:39 PM IST
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water level increased in badi gandak
नोनियापट्टी गांव में झोपड़ी उजाड़ कर पलायन करते लोग। - फोटो : KUSHINAGAR
एपी बांध पर बढ़ा गंडक की कटान का खतरा
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पूर्व प्रधान के घर से दस मीटर की दूरी पर पहुंची नदी
तमकुहीरोड। अहिरौलीदान के नोनियापट्टी में गंडक नदी की कटान का दायरा लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को नदी पूर्व प्रधान के घर से दस मीटर की दूरी पर पहुंच गई है। इससे मकान के साथ एपी बांध पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। नदी का रुख अब बंधे की ओर हो गया है। जबकि कटान के भय से गांव से पलायन करने वालों का सिलसिला जारी है। लोगों का कहना है कि जब तक मिट्टी की जगह बोल्डर का इस्तेमाल नहीं होगा, तब तक खतरा टलने वाला नहीं है।

बाढ़ बचाव कार्य के बावजूद गंडक नदी की कटान में कमी नहीं आ रही है। बचाव कार्य में केवल मिट्टी के इस्तेमाल से नदी की धारा को रोकना मुश्किल साबित हो रहा है। जबकि पूर्व में इसी तरह से बचाव कार्य को लेकर ग्रामीणों और ठेकेदारों में जमकर नोकझोंक हुई थी और गांव वालों ने बचाव कार्य बंद करा दिया था। बाद में कार्य तो शुरू करा दिया गया, लेकिन नदी की कटान थम नहीं रही है। सोमवार की रात से ही नदी ने अब एपी बांध की ओर रुख कर लिया है। इसके चलते नदी अब अहिरौलीदान के पूर्व प्रधान मजिस्टर पासवान के मकान से मात्र दस मीटर की दूरी पर बह रही है। इससे पूर्व प्रधान के घर के साथ एपी बांध पर भी कटान का खतरा मंडराने लगा है। इसके पहले ही कटान के भय से नोनियापट्टी गांव के 27 परिवार अपने मकानों को तोड़ चुके हैं और दस से अधिक लोग झोपड़ी गंडक नदी के कटान की भेंट चढ़ चुका है। यही कारण है कि मंगलवार को भी लोग अपने तोड़े गए मकानों के मलबे को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे रहे। अब जब गंडक नदी अपनी कटान का दायरा बढ़ाने में लगी है तो एक बार फिर लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है। गांव के पूर्व प्रधान मजिस्टर पासवान का कहना है कि उनका घर बंधे से सटा हुआ है। अगर नदी उनके घर तक पहुंची तो एपी बांध को बचाना प्रशासन के लिए मुश्किल हो जाएगा। ऐसे हालत में नदी कई और गांवों को भी निशाना बना सकती है। गंडक नदी के कटान का दायरा बढ़ने से घबड़ाए रामपूजन पासवान, उमेश सिंह, हीरा शर्मा, नंदप्रसाद सिंह, भगवान पासवान, सुदीश सिंह, रामविलास शर्मा, विरेश सिंह आदि ने बचाव कार्य में तेजी लाने के साथ मिट्टी की जगह बोल्डर से बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की है। बाढ़खंड के एक्सईएन भरत राम ने बताया कि बचाव कार्य जारी है और स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।
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