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गंडक में पानी का डिस्चार्ज घटा, दुश्वारियां बरकरार

Wed, 01 Sep 2021 10:47 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Sep 2021 10:47 PM IST
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Water discharge reduced in Gandak, troubles persist
गंडक में पानी का डिस्चार्ज घटा, दुश्वारियां बरकरार
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खड्डा के सात और तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के दो गांव हैं बाढ़ की चपेट में
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। खड्डा तहसील क्षेत्र के सात और तमकुहीराज के दोनों गांवों के लोगों को बुधवार के दिन भी बाढ़ के कारण परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। इन गांवों की सड़कों पर पानी भरा होने के कारण नाव ही आवागमन का माध्यम है। घरों में भी लोगों के कहीं कीचड़ तो कहीं पानी है। इस वजह से लोगों को बाढ़ शरणालयों में शरण लेनी पड़ी है। हालांकि आज डिस्चार्ज में कमी आई है। सुबह आठ बजे डिस्चार्ज घटकर 2.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जबकि शाम चार बजे तक यह घटकर 204600 क्यूसेक पर आ गया। शाम चार बजे नदी का जलस्तर 95.70 मीटर दर्ज किया गया। उसके बाद डिस्चार्ज में निरंतर कमी दर्ज की गई। बाढ़ के चलते कई जगह सड़कें और पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है।
ऊंचे हिस्सों से निकला पानी
खड्डा। गंडक नदी में वाल्मीकिनगर बैराज से छोड़े जा रहे पानी के डिस्चार्ज में कमी आने लगी है। प्रभावित गांवों के ऊंचे हिस्से से पानी बाहर निकल गया है। निचले हिस्से व सड़कों पर अभी पानी भरा हुआ है। पानी निकलने के साथ ही कीचड़ व कीड़े-मकोड़ों ने मुसीबतें बढ़ा दी हैं। तहसील प्रशासन की ओर से महदेवा, सालिकपुर गांव में राशन किट उपलब्ध कराया गया है। कम्युनिटी किचन अभी चलाए जा रहे हैं। तहसील क्षेत्र के मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, विंध्याचलपुर, महदेवा, सालिकपुर आदि गांवों की लगभग 25 हजार आबादी सातवें दिन आंशिक राहत महसूस कर रही है। मरचहवा दक्षिण टोला व उत्तर टोला, पूरब टोले का संपर्क अभी भी कटा हुआ है। वहां के लोग नाव से ही आ-जा पा रहे हैं। सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे में भरे पानी को बिना नाव से पार करना मुश्किल है। ग्रामीणों ने बताया कि घरों में अनाज, कपड़ा, भीगने से खराब हो गए हैं। किसी तरह लोग कीचड़ साफ करने में जुटे हैं। हैंडपंपों में बाढ़ का पानी घुस जाने से पानी प्रदूषित हो गया है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। लगातार पानी में रहने से पैरों में सड़न होने लगी है। बीमार लोग नाव से डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय कर सोहगीबरवा जाकर इलाज करा रहे हैं। मवेशियों के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। पांच गांव अभी भी प्रकृति का प्रकोप झेल रहे हैं। महदेवा और सालिकपुर गांव के हालत में तेजी से सुधार हुआ है। 80 प्रतिशत घरों से बाढ़ का पानी निकल गया है। निचले हिस्से में पानी भरा होने से महदेवा के लगभग 25 परिवार प्राथमिक स्कूल में शरण लिए हैं। सालिकपुर के कुछ परिवार जिनके घरों में पानी भरा है, वे लोग सड़क पर बने बाढ़ आश्रय केंद्र में रह रहे हैं। तहसील प्रशासन की ओर से महदेवा व सालिकपुर गांव में बाढ़ राहत किट उपलब्ध कराया है।
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कई गांवों में अभी भी है जलभराव
तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज घटने के बाद भी तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के पिपराघाट सहित आसपास के गांवों में बाढ़ की स्थिति जस की तस है। तमकुहीराज तहसील प्रशासन ने आवागमन के लिए परसा उर्फ सिरिसिया के मुसहरी टोला में एक और राजपुर खास के नरवा टोला में तीन और सरकारी नावों को चलाए जाने की अनुमति दी है। इसके पहले पिपराघाट में 12 नावों को चलाए जाने की अनुमति तहसील प्रशासन पहले ही दे चुका है। गंडक नदी के डिस्चार्ज में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है। पांच दिन पहले जो डिस्चार्ज चार लाख क्यूसेक से पार पहुंच गया था, वह अब घटकर दो लाख क्यूसेक के करीब पहुंच गया है। इसके बावजूद पिपराघाट एहतमाली व पिपराघाट मुस्तकिल सहित परसा उर्फ सिरिसिया और राजपुर खास के एक-एक टोले में बाढ़ की स्थिति जस की तस है। इन बाढ़ प्रभावित गांवों के पन्नालाल यादव, सरल शर्मा, ध्रुव निषाद, प्रभुनाथ यादव, पुष्कर गिरि, राजकुमार, कमल निषाद, आदित्य यादव, अशोक, विपिन यादव, श्रीकांत सिंह आदि का कहना है कि उनका टोला पिपराघाट के निचले हिस्से में बसा है। यहां गंडक नदी के जलस्तर में मामूली वृद्धि होने पर भी टोले में पानी घुस जाता है और सड़कें जलमग्न हो जाती हैं।
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एक्सईएन ने एपी बांध का निरीक्षण किया
तमकुहीरोड। एपी बांध पर लगातार कटान के बढ़ते खतरे को देखते हुए बाढ़ खंड के एक्सईएन एमके सिंह ने बुधवार को निरीक्षण किया। उन्होंने अभियंताओं व गांववालों से नदी के रुख व सभी संवेदनशील स्थानों पर उपलब्ध बचाव सामग्रियों के बारे में जानकारी ली। साथ ही सभी अभियंताओं से सतर्क रहते हुए बांध की निगरानी बढ़ाए जाने का निर्देश दिया। इस दौरान एई एसके प्रियदर्शी, जेई रमेशधर दूबे, संजय मौर्य, सुनील यादव, राजेश सिंह सहित अन्य अभियंता मौजूद थे। संवाद
टीम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया
खड्डा। सामाजिक संस्था आस्कफैम इंडिया के अधिकारियों ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित महदेवा व सालिकपुर गांव का दौरा किया। सभी बाढ़ प्रभावित गांवों की विस्तृत जानकारी ली। संस्था के प्रोग्राम मैनेजर एंड्रियो नास्कर, पूनम मिश्रा, हृदय प्रकाश त्रिपाठी ने लोगों की समस्याओं को देखा। इसके अलावा मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर गांव के बाढ़ की समस्या की जानकारी प्राप्त की। इन लोगों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सोलर लाइट, मोटर बोट, वाटरप्रूफ टेंट, जेनरेटर, शिक्षा, स्वरोजगार आदि योजनाओं को स्थापित करने में अपनी रूचि दिखाई। इस दौरान एसडीएम अरविंद कुमार, तहसीलदार कृष्ण गोपाल त्रिपाठी, शत्रुजीत शाही, राजेश कुमार आदि मौजूद थे। संवाद

बाढ़ पीड़ितों में बांटी राहत सामग्री
खड्डा। बाढ़ प्रभावित महदेवा सालिकपुर गांव में बुधवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहत सामग्री वितरण किया गया। नेताओं ने गांव के लोगों में चिउड़ा, गुड़ आदि खाद्य सामग्री वितरित किया। संवाद
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