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Kushinagar News: रिश्वत नहीं देने पर दूसरी किस्त रोकने की दे रहा था धमकी

Sun, 14 Apr 2024 03:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 14 Apr 2024 03:45 AM IST
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Was threatening to stop second installment if bribe was not given
सहायक मत्स्य विकास अधिकारी को पडरौना थाना लेकर जाती एंटी करप्शन टीम। 
पडरौना। शादी की चिंता और रिश्वत के लिए मत्स्य विकास अधिकारी के दबाव से तंग आकर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत जुटाई। अवकाश होने के बावजूद आरोपी अधिकारी ने तीन बार रिश्वत के लिए फोन कर कार्यालय बुलाया। छद्म रूप में मौजूद एंटी करप्शन की टीम ने भी रकम लेने से मना किया, लेकिन ऊपर तक कमीशन देने की बात कहर मत्स्य विकास अधिकारी ने 25 हजार रुपये ले लिया। बाकी एक लाख रुपये शादी से पहले देने की हिदायत दी। एंटी करप्शन टीम ने जब गिरफ्तार किया तो उसके चेहरे की रंगत उड़ गई और मुझे काफी तस्सली मिली। ऐसे ही भ्रष्ट अफसरों की वजह से जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह कहना है पीड़ित महेंद्र कुमार चौधरी का।
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दरअसल, रामकोला थाना क्षेत्र के सपहां महतो का महेंद्र कुमार चौधरी बेरोजगार है। सरकार की ओर से संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य योजना 2023-24 के तहत मीठे जल बायोफलांक परियोजना के लिए उसने चार महीने पहले आवेदन किया। चयन के बाद उसे मछली पालन के लिए आठ लाख रुपये मिलने थे। पहली किस्त 5.05 लाख रुपये बैंक खाते में आ गई थी दूसरी किस्त करीब तीन लाख रुपये भेजने के लिए मत्स्य विकास अधिकारी ब्रजेश कुमार यादव 1.25 लाख रुपये रिश्वत मांग रहा था।
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इधर, महेंद्र कुमार चौधरी की शादी तय हो गई। 19 अप्रैल को तिलक और 26 को शादी है। आरोपी अफसर के रिश्वत के दबाव और शादी की तैयारी को लेकर युवक परेशान था। महेंद्र चौधरी ने बताया शादी तय होने और रुपये की कमी की दुहाई देने के बाद भी मत्स्य विकास अधिकारी नहीं सुन रहे थे। कह रहे थे कि शादी में तुम रुपये खर्च कर दोगे। शादी से पहले तय कमीशन पहुंचा दो तभी दूसरी किस्त बैंक खाते में जाएगी। इसके लिए मैंने दो लोगों से ब्याज पर कर्ज मांगा लेकिन, कर्ज भी नहीं मिल रहा था। पहला किस्त के रुपये मछली पालन से जुड़े कार्यों में खर्च हो गए थे।
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परेशान होकर एक व्यक्ति से एंटी करप्शन गोरखपुर कार्यालय का नंबर लिया और चार दिन पहले शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद एंटी करप्शन टीम ने जैसे कहा वैसा मैंने किया और भ्रष्टाचार में लिप्त मत्स्य विकास अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के बाद काफी सुकून मिला। आरोपी अधिकारी कई लोगों की किस्त रिश्वत के लिए रोक रखी है।
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कार्रवाई के बाद भी भ्रष्टाचार से बाज नहीं आ रहे जिम्मेदार
पडरौना। सरकार योजनाओं का लाभ देने और पीड़ितों की समस्या के निस्तारण करने के लिए जिले के कुछ जिम्मेदार रिश्वत अपना अधिकार समझ लिए हैं। सरकार बेरोजगारों को रोजगार से जोड़ने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। लेकिन भ्रष्टाचार में लिप्त जिम्मेदारों की वजह से रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। जमीन की पैमाइश के लिए, बैंक से ऋण देने, डीआईओएस ऑफिस समेत कई अफसरों को एंटी करप्शन टीम रिश्वत लेते गिरफ्तार कर चुकी है। बावजूद जिम्मेदार अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं।
केस एक
कुशीनगर के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेंद्र राम को गोरखपुर के एंटी करप्शन टीम ने उनके कार्यालय से 60 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ 5 जनवरी 2021 को गिरफ्तार कर लिया था। खड्डा के मदरसा सहायक अध्यापक इश्तेयाक अली ने रिश्वत मांगने की शिकायत विजिलेंस गोरखपुर से की थी।
केस दो
-तमकुहीराज तहसील में तैनात राजस्व निरीक्षक मंत्री यादव को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए 9 जनवरी 2024 को एंटी करप्शन टीम ने विशुनपुरा थाना गेट से गिरफ्तार किया था। बांसगांव खास निवासी महबूब आलम से पक्की पैमाइश के लिए राजस्व निरीक्षक फील्ड बुक बनाने और पैमाइश के नाम पर रिश्वत की मांग रहा था। पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई हुई थी।
केस तीन
-खडडा में मुद्रा ऋण स्वीकृत कराने के नाम पर पीएनबी बैंक के छितौनी शाखा के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर सौरभ कुमार को सीबीआई ने सितंबर 2023 को रिश्वत लेते रंगे हाथ बैंक में ही गिरफ्तार कर लिया था। छितौनी कस्बे के व्यापारी प्रदीप कुशवाहा ने सीबीआई से मुद्रा ऋण स्वीकृति के लिए रिश्वत मांगने की शिकायत की थी।

केस चार
-सिरसिया दीक्षित गांव के काहड़ा टोला निवासी दीपक से आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पडरौना तहसील में तैनात उत्कर्ष चौबे पांच हजार रुपये मांग रहा था। दीपक की शिकायत पर गोरखपुर की एंटी करप्शन टीम ने 24 सितंबर 2021 को सदर तहसील से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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