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Kushinagar News: तीन सीएचसी अधीक्षकों को दी गई चेतावनी
Sun, 19 Jul 2026 02:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 19 Jul 2026 02:18 AM IST
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पडरौना। जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लक्ष्य में पिछड़ने पर तीन सीएचसी अधीक्षक को सीएमओ ने चेतावनी दी है। जिले में इस वर्ष के लिए 1.16 लाख प्रसव का लक्ष्य निर्धारित है लेकिन तुर्कहां, हाटा और विशुनपुरा सीएचसी की प्रगति बेहद खराब मिली।
मातृ मृत्यु दर घटाने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए इस साल 1.16 लाख प्रसव कराने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए हर महीने सीएचसी और पीएचसी स्तर पर समीक्षा भी हो रही है। समीक्षा के दौरान अप्रैल से अब तक जिले में 7029 प्रसव ही हुए हैं। तुर्कहां, हाटा और विशुनपुरा सीएचसी में लक्ष्य के सापेक्ष प्रसव कम हुए हैं। इसको गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षकों चेतावनी देते हुए प्रगति में सुधार लाने का निर्देश दिए हैं। स्टाफ की कमी, उपकरणों की अनुपलब्धता या लापरवाही, जो भी वजह हो उसे बताएं।
सुधार नहीं होने पर वेतन रोकने और विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रभारी सीएमओ डॉ. एसएन त्रिपाठी ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना सरकार की प्राथमिकता है। संस्थागत प्रसव से मां और बच्चे दोनों सुरक्षित रहते हैं। जिन सीएचसी की प्रगति खराब है वहां एएनएम, स्टाफ नर्स और एंबुलेंस सेवा की मॉनिटरिंग बढ़ाई जाएगी। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने बताया कि जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव पर ग्रामीण महिला को 1400 रुपये और शहरी महिला को 1000 रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा उन्हें मुफ्त दवा, जांच और 48 घंटे तक रुकने-खाने की सुविधा मिलती है।
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मातृ मृत्यु दर घटाने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए इस साल 1.16 लाख प्रसव कराने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए हर महीने सीएचसी और पीएचसी स्तर पर समीक्षा भी हो रही है। समीक्षा के दौरान अप्रैल से अब तक जिले में 7029 प्रसव ही हुए हैं। तुर्कहां, हाटा और विशुनपुरा सीएचसी में लक्ष्य के सापेक्ष प्रसव कम हुए हैं। इसको गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षकों चेतावनी देते हुए प्रगति में सुधार लाने का निर्देश दिए हैं। स्टाफ की कमी, उपकरणों की अनुपलब्धता या लापरवाही, जो भी वजह हो उसे बताएं।
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सुधार नहीं होने पर वेतन रोकने और विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रभारी सीएमओ डॉ. एसएन त्रिपाठी ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना सरकार की प्राथमिकता है। संस्थागत प्रसव से मां और बच्चे दोनों सुरक्षित रहते हैं। जिन सीएचसी की प्रगति खराब है वहां एएनएम, स्टाफ नर्स और एंबुलेंस सेवा की मॉनिटरिंग बढ़ाई जाएगी। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने बताया कि जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव पर ग्रामीण महिला को 1400 रुपये और शहरी महिला को 1000 रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा उन्हें मुफ्त दवा, जांच और 48 घंटे तक रुकने-खाने की सुविधा मिलती है।
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