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पूर्व माध्यमिक विद्यालय की दीवार गिरी, बड़ा हादसा बचा
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय की दीवार गिरी, बड़ा हादसा बचा
जलभराव के चलते हुआ हादसा, दूसरे विद्यालय में शिफ्ट किए गए बच्चे
कसया। बुधवार को नगर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय एकडेरवा की दीवार भरभराकर गिर गई। उस समय विद्यालय के बाहर प्रार्थना होने से बड़ा हादसा बच गया। इससे अभिभावकों में रोष है।
सुबह के करीब आठ बजे प्रार्थना के दौरान छठी कक्षा की दीवार भरभराकर गिर गई। उस समय कक्षा में कोई नहीं था। आवाज सुनकर आसपास के लोग विद्यालय की तरफ दौड़ पड़े। मौके पर पहुंचे लोगों में विभाग के खिलाफ रोष था। उन लोगों का कहना था कि इस तरह के भवन या हालात में विद्यालय के बच्चों को किसी अन्य अथवा सुरक्षित जगह पढ़ाई का प्रबंध होना चाहिए। कुछ लोगों का कहना था कि निर्माण के दौरान बरती जा रही अनियमितता के चलते विद्यालय की दीवार गिरी है। बीईओ अनूप गुप्ता ने बताया कि जलभराव के कारण दीवार गिरी है। बच्चों को दूसरे विद्यालय में शिफ्ट कराया गया है। जबकि बीएसए अरुण कुमार ने कहा कि जलभराव से होने वाली दिक्कतों का देखते हुए एहतियात के तौर पर गाइड लाइन जारी की गई है। जलभराव व क्षतिग्रस्त भवनों में बच्चों को नहीं पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रधानाध्यापिका बोलीं
प्रधानाध्यापिका मेनका सिंह ने बताया कि विद्यालय का भवन 1997-98 में बना था। मूसलाधार बारिश के बाद विद्यालय के बगल में जलभराव हो जाले के चलते दीवार गिरी है। कक्षा छह से आठ तक कुल 70 बच्चों का नामांकन है। जबकि कक्षा छठी कक्षा में सिर्फ 15 बच्चे हैं। इनमें सात बालिकाएं व आठ बालक हैं। इसके अलावा विद्यालय में मंजू देवी और सुनीता यादव बतौर सहायक अध्यापिका तैनात हैं।
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जलभराव के चलते हुआ हादसा, दूसरे विद्यालय में शिफ्ट किए गए बच्चे
कसया। बुधवार को नगर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय एकडेरवा की दीवार भरभराकर गिर गई। उस समय विद्यालय के बाहर प्रार्थना होने से बड़ा हादसा बच गया। इससे अभिभावकों में रोष है।
सुबह के करीब आठ बजे प्रार्थना के दौरान छठी कक्षा की दीवार भरभराकर गिर गई। उस समय कक्षा में कोई नहीं था। आवाज सुनकर आसपास के लोग विद्यालय की तरफ दौड़ पड़े। मौके पर पहुंचे लोगों में विभाग के खिलाफ रोष था। उन लोगों का कहना था कि इस तरह के भवन या हालात में विद्यालय के बच्चों को किसी अन्य अथवा सुरक्षित जगह पढ़ाई का प्रबंध होना चाहिए। कुछ लोगों का कहना था कि निर्माण के दौरान बरती जा रही अनियमितता के चलते विद्यालय की दीवार गिरी है। बीईओ अनूप गुप्ता ने बताया कि जलभराव के कारण दीवार गिरी है। बच्चों को दूसरे विद्यालय में शिफ्ट कराया गया है। जबकि बीएसए अरुण कुमार ने कहा कि जलभराव से होने वाली दिक्कतों का देखते हुए एहतियात के तौर पर गाइड लाइन जारी की गई है। जलभराव व क्षतिग्रस्त भवनों में बच्चों को नहीं पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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प्रधानाध्यापिका बोलीं
प्रधानाध्यापिका मेनका सिंह ने बताया कि विद्यालय का भवन 1997-98 में बना था। मूसलाधार बारिश के बाद विद्यालय के बगल में जलभराव हो जाले के चलते दीवार गिरी है। कक्षा छह से आठ तक कुल 70 बच्चों का नामांकन है। जबकि कक्षा छठी कक्षा में सिर्फ 15 बच्चे हैं। इनमें सात बालिकाएं व आठ बालक हैं। इसके अलावा विद्यालय में मंजू देवी और सुनीता यादव बतौर सहायक अध्यापिका तैनात हैं।
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