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फाजिलनगर क्षेत्र के कई गांवों में बने हैं ओवरहेड टैंक
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आठ वर्षों से है शुद्ध पेयजल का इंतजार
वाटर टैंक तो बने पर नहीं हो सकी सप्लाई
30 हजार की आबादी के लिए बने थे वाटर टैंक
संवाद न्यूज एजेंसी
रहसू बाजार। स्वच्छ पेयजल आपूर्ति और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए फाजिलनगर क्षेत्र के कई गांवों में बने ओवरहेड टैंक का सिर्फ ढांचा ही दिख रहा है। आठ वर्ष से इन ओवरहेड टैंकों का उपयोग पेयजल आपूर्ति के लिए नहीं हो पा रहा है। इससे ग्रामीण शुद्ध पेयजल से महरूम हैं।
फाजिलनगर क्षेत्र के ग्राम पंचायत रहसू जनूबीपट्टी, सरैया महंथपट्टी, कोटवा, लक्ष्मीपुर, करजही, नदवा विशुनपुर और धौरहरा में लगभग आठ वर्ष पूर्व ही ओवरहेड टैंक बनकर तैयार है। इन गांवों के दो दर्जन से अधिक टोलों पर पाइपलाइन बिछाकर टोटियां भी लगा दी गईं। फिर भी इन गांवों के लोगों को अब तक पेयजल आपूर्ति नहीं की जा सकी। करजही के प्रधान प्रतिनिधि भारतेंदु पांडेय का कहना है कि गांवों को पेयजल आपूर्ति हवाहवाई साबित हो रही है। पानी की आपूर्ति अब तक शुरू नहीं हो पाई है। लक्ष्मीपुर निवासी रविंद्र सिंह का कहना है कि गांव में वाटर टैंक लगने से लोगों को शुद्ध पेयजल मिलने की आस जगी थी, लेकिन हकीकत काफी दूर है। जल निगम इसे लेकर चुप्पी साधे हुए है। नदवा विशुनपुर के प्रदीप सिंह का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने ओवरहेड टैंक बेकार हैं, जब उनसे पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। रहसू जनूबीपट्टी के प्रधान प्रतिनिधि मारकंडेय प्रसाद का कहना है कि पानी की आपूर्ति के लिए लगी पाइप जगह-जगह टूटकर नष्ट हो गई है। न तो पेयजल की आपूर्ति हो रही है और न ही उसे ठीक कराया जा रहा है। अगर शीघ्र पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं कराई गई तो आंदोलन किया जाएगा। इस बाबत जल निगम के जेई विनोद कुमार का कहना है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा। ताकि लोगों को घर पर ही पेयजल मिल सके।
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वाटर टैंक तो बने पर नहीं हो सकी सप्लाई
30 हजार की आबादी के लिए बने थे वाटर टैंक
संवाद न्यूज एजेंसी
रहसू बाजार। स्वच्छ पेयजल आपूर्ति और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए फाजिलनगर क्षेत्र के कई गांवों में बने ओवरहेड टैंक का सिर्फ ढांचा ही दिख रहा है। आठ वर्ष से इन ओवरहेड टैंकों का उपयोग पेयजल आपूर्ति के लिए नहीं हो पा रहा है। इससे ग्रामीण शुद्ध पेयजल से महरूम हैं।
फाजिलनगर क्षेत्र के ग्राम पंचायत रहसू जनूबीपट्टी, सरैया महंथपट्टी, कोटवा, लक्ष्मीपुर, करजही, नदवा विशुनपुर और धौरहरा में लगभग आठ वर्ष पूर्व ही ओवरहेड टैंक बनकर तैयार है। इन गांवों के दो दर्जन से अधिक टोलों पर पाइपलाइन बिछाकर टोटियां भी लगा दी गईं। फिर भी इन गांवों के लोगों को अब तक पेयजल आपूर्ति नहीं की जा सकी। करजही के प्रधान प्रतिनिधि भारतेंदु पांडेय का कहना है कि गांवों को पेयजल आपूर्ति हवाहवाई साबित हो रही है। पानी की आपूर्ति अब तक शुरू नहीं हो पाई है। लक्ष्मीपुर निवासी रविंद्र सिंह का कहना है कि गांव में वाटर टैंक लगने से लोगों को शुद्ध पेयजल मिलने की आस जगी थी, लेकिन हकीकत काफी दूर है। जल निगम इसे लेकर चुप्पी साधे हुए है। नदवा विशुनपुर के प्रदीप सिंह का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने ओवरहेड टैंक बेकार हैं, जब उनसे पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। रहसू जनूबीपट्टी के प्रधान प्रतिनिधि मारकंडेय प्रसाद का कहना है कि पानी की आपूर्ति के लिए लगी पाइप जगह-जगह टूटकर नष्ट हो गई है। न तो पेयजल की आपूर्ति हो रही है और न ही उसे ठीक कराया जा रहा है। अगर शीघ्र पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं कराई गई तो आंदोलन किया जाएगा। इस बाबत जल निगम के जेई विनोद कुमार का कहना है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा। ताकि लोगों को घर पर ही पेयजल मिल सके।
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