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Kushinagar News: गांवों की लाइब्रेरी होंगी हाईटेक, खर्च होगा एक करोड़

Thu, 03 Sep 2026 01:43 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 01:43 AM IST
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Village libraries will be high-tech, will cost Rs 1 crore
पडरौना। गांवों में बने पुस्तकालय अब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे। इन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस कर हाईटेक लाइब्रेरी के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए ग्रामसभा के बजट से करीब एक करोड़ रुपये खर्च करने की कवायद शुरू की गई है। पुस्तकालयों में नई किताबों की खरीदारी के साथ कंप्यूटर और टैबलेट भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं को पढ़ाई के लिए बेहतर संसाधन गांव में ही मिल सकेंगे। जिले में 179 गांवों में बनी लाइब्रेरियों को हाईटेक बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
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गांवों में बने पुस्तकालयों का उद्देश्य विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं और आम लोगों को अध्ययन के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराना है। कई ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय बनाए भी गए हैं, लेकिन संसाधनों के अभाव में उनका अपेक्षित उपयोग नहीं हो पा रहा है। अब इन्हें व्यवस्थित और सुविधायुक्त बनाने की योजना तैयार की जा रही है। इसके तहत पुस्तकालयों में विषयवार और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों की खरीदारी की जाएगी।
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इसके अलावा कंप्यूटर और टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। इंटरनेट आधारित अध्ययन सामग्री तक पहुंच बनाने पर भी जोर रहेगा। इससे विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षिक सामग्री की जानकारी हासिल करने में सहूलियत होगी। पुरानी किताबें भी जुटाई जाएंगी लाइब्रेरी के लिए केवल सरकारी बजट पर निर्भर रहने के बजाय ग्रामीणों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। जिन लोगों के घरों में पढ़ाई से जुड़ी पुरानी लेकिन उपयोगी किताबें रखी हैं, उन्हें पुस्तकालय तक पहुंचाने के लिए गांव में मुनादी कराई जाएगी।
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लोगों से अपील की जाएगी कि वे ऐसी किताबें पुस्तकालय को दान करें, ताकि उनका उपयोग दूसरे विद्यार्थी भी कर सकें। इससे पुस्तकालयों में पुस्तकों का संग्रह बढ़ाने के साथ सामुदायिक भागीदारी को भी बढ़ावा मिलेगा। इस संबंध में डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि हाईटेक लाइब्रेरी विकसित होने से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए शहर की ओर जाने की जरूरत कम होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को भी एक शांत और सुविधायुक्त स्थान उपलब्ध हो सकेगा।
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